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Alert: मेरठ में स्क्रब टाइफस से 12 साल के बालक की मौत, मंकीपॉक्स को लेकर अलर्ट

Mon, 01 Aug 2022 11:40 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 01 Aug 2022 11:40 AM IST
सार

स्क्रब टाइफस आरिएंटिया त्सुत्सुगामशी बैक्टीरिया से होता है, जो कि माइट (चिगर्स) के काटने से फैलता है। ये चूहे, छछूंदर और गिलहरी वगैरह से होते हुए भी इंसान तक पहुंच सकते हैं

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twelve years old boy dies of scrub typhus in Meerut, Alert for monkeypox

विस्तार

मेरठ में स्क्रब टाइफस से अहमद (12) की मौत हो गई। वह जानी क्षेत्र के गांव टीकरा का रहने वाला था। न्यूटिमा अस्पताल में बच्चे का इलाज चल रहा था। इस बीमारी से मौत का जिले मेें यह पहला मामला है। रैपिड कार्ड जांच में उसे स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई थी। हालांकि अभी एलाइजा जांच होनी बाकी है। इसके लिए सैंपल को एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में भेजा गया है, जहां से आज रिपोर्ट आएगी।

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स्क्रब टाइफस आरिएंटिया त्सुत्सुगामशी बैक्टीरिया से होता है, जो कि माइट (चिगर्स) के काटने से फैलता है। ये चूहे, छछूंदर और गिलहरी वगैरह से होते हुए भी इंसान तक पहुंच सकते हैं। मरीजों के जोड़ों में दर्द होता है। बुखार के साथ शरीर पर निशान पड़ जाते हैं। सात से आठ दिन में मरीज ठीक हो जाता है। जिन लोगों को लंबे समय से बुखार या स्किन पर निशान बना रहता है, ऐसे लोगों को डॉक्टर के पास जाने में देर नहीं करनी चाहिए।
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अहमद के पिता सलीम का कहना है कि उनके बेटे को तेज बुखार था। उसके गुर्दे फेल हो गए थे। उसका न्यूटिमा में इलाज चला, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। न्यूटिमा अस्पताल के गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गर्ग ने बताया कि उनके अस्पताल की लैब में बालक को स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई थी।

स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार अब अगर किसी को डेंगू या स्क्रब टाइफस की पुष्टि होती है तो उसका सैंपल जांच के लिए सरकारी लैब में भी भेजना होता है। इस लिहाज से रविवार को सैंपल भेजा गया है।

मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि रविवार होने के कारण जांच नहीं हो सकी, सोमवार को जांच कर रिपोर्ट दे दी जाएगी। पिछले साल मेरठ मंडल में स्क्रब टाइफस के 50 से ज्यादा मरीज मिले थे।

लक्षण और बचाव
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि स्क्त्रस्ब टाइफस से बचाव के लिए जरूरी है कि लोग जंगल, झाड़ी या खेत वाली जगहों पर जाने से बचें। अगर जाएं तो हमेशा पूरी बांह वाले कपड़े पहनें। साफ. सफाई का ख्याल रखें और बुखार, सिरदर्द होने पर डॉक्टर को जरूर दिखाएं, ताकि समय पर बीमारी की पहचान कर इलाज शुरू हो सके।

मंकीपॉक्स को लेकर अलर्ट
दिल्ली में एक और मेरठ से सटे गाजियाबाद और नोएडा में पिछले 10 दिन के भीतर मंकीपॉक्स के पांच संदिग्ध केस मिलने पर मेरठ में अलर्ट है। मेरठ मेडिकल और जिला अस्पताल में पांच-पांच बेड के आइसोलेशन वार्ड बनाए हैं। सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन ने बताया कि मेरठ में मंकीपॉक्स के संदिग्ध मिलने पर उनके सैंपल जांच के लिए दिल्ली एम्स भेजे जाएंगे।

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