फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Triple divorce will be considered crime, Muslim women have the right to demand justice

अब ट्रिपल तलाक होगा अपराध, मुस्लिम महिलाओं को आवाज बुलंद करने का मिला हक

Wed, 19 Sep 2018 09:18 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Updated Wed, 19 Sep 2018 09:18 PM IST
विज्ञापन
Triple divorce will be considered crime, Muslim women have the right to demand justice
आतिया साबरी फाइल फोटो

सहारनपुर में तीन तलाक का दंश झेल रही पीड़िताओं ने ट्रिपल तलाक अध्यादेश को मंजूरी को बड़ा फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि कानून बनने के बाद अब शौहर तीन तलाक बोलकर महिलाओं पर ज्यादती नहीं कर पाएंगे। बड़ी बात यह है कि जुल्म ज्यादती के खिलाफ महिलाओं को आवाज उठाने का हक मिल गया है। सजा के प्रावधान से तीन तलाक पर अंकुश लगेगा।

विज्ञापन

    
तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर करने वाली सहारनपुर निवासी आतिया साबरी ने तीन तलाक अध्यादेश को मंजूरी पर मोदी सरकार का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि कानून बनने से मुस्लिम महिलाओं को न्याय मिला है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कानून बनना जरूरी था। इस कानून के बाद उल्लंघन रुक जाएगा। बता दें कि साबरी का निकाह 25 मार्च को हरिद्वार जिले के खानपुर थाने के जसोधर गांव निवासी वाजिद के साथ हुआ था। दो बेटियां होने के बाद 12 दिसंबर 2015 पर जहर देकर मारने का प्रयास किया। दस रुपये के स्टांप पर तीन तलाक लिखकर उसके घर भेजा गया था। बाकायदा दारुल उलूम से तलाक को लेकर फतवा भी जारी कराया गया था। पीड़िता साबरी ने 2016 में दोषियों को सजा दिलाने के लिए 2016 में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। साबरी का कहना था कि जब निकाह के वक्त पति और पत्नी की सहमति जरूरी है तो तलाक एक तरफा कैसे हो सकता है। साबरी बुधवार को अध्यादेश को मंजूरी के बाद खासी उत्साहित थी।

विज्ञापन

चिलकाना रोड की सीमा भी तीन साल से तीन तलाक के खिलाफ अपने दो बच्चों के साथ संघर्ष कर रही है। सीमा का कहना है कि मोदी सरकार के इस कानून के लाने के बाद मुस्लिम समाज में महिलाओं की कद्र बढे़गी। उन्होंने कहा कि अब तक तीन तलाक को लेकर महिलाओं को अपमानित किया जाता रहा था। अब तलाक देने वालों को कानून से सजा दिलाने का प्रावधान किया गया है।  

शहर के रायवाला निवासी निशात का कहना है कि तलाक का दर्द उनसे बेहतर कौन जान सकता है। बरसों से मुस्लिम महिलाएं इसका दंश झेल रही है। छोटी-छोटी बातों पर तलाक देकर उन्हें अपमानित किया जाता था। तीन तलाक पर कानून आने के बाद मुस्लिम समाज में महिलाओं को सम्मान से जीने का हक मिला जाएगा। मोदी सरकार इसके लिए बधाई की पात्र है। अच्छा हुआ कि अब ट्रिपल तलाक पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed