वेस्ट यूपी में तेज आंधी का कहर, 5 बच्चों की मौत, आठ घायल, लगी भीषण आग
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वेस्ट यूपी में बुधवार शाम आई तेज आंधी और बारिश कहर बनकर टूटी। दो अलग-अलग शहरों में पेड़ और दीवार गिरने से पांच की मौत हो गई, जबकि आठ बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा आग से दो घरों सहित सात पशुशाला भी स्वाहा हो गए।
सहारनपुर के बिहारीगढ़ और नुकुड़ में पेड़ और दीवार गिरने से बच्ची समेत दो की मौत हो गई। वहीं बिजनौर के नहटौर और धामपुर में भी दीवार और पेड़ गिरने से तीन की मौत हो गई। उधर, सहारनपुर के साढ़ौली कदीम में मदरसे की टीन शेड, लोहे के पाइप और ईंटें गिरने से आठ छात्र जख्मी हो गए। इनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है। जिले में जगह-जगह पेड़ गिरने के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। आंधी में आम की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
बुधवार शाम चार बजे आई धूल भरी आंधी मुसीबत लेकर आई। आसमान में काले बादल आने से दिन में अंधेरा छा गया। चालकों को दिन में ही हेड लाइट जलाकर चलना पड़ा। आंधी से कई मार्गों पर पेड़ गिरने और बिजली के तार टूटने के कारण यातायात प्रभावित हो गया। आंधी में होर्डिंग्स और बोर्ड आदि उड़ गए। आंधी से भारी नुकसान के अलावा जनहानि भी हुई। बिहारीगढ़ निवासी जयविंदर के घर के आंगन में पेड़ लगा था। उनकी नौ साल की बेटी वंशिका आंधी आने के समय पेड़ नीचे पड़ी चारपाई को हटा रही थी। इसी बीच पेड़ उखड़कर वंशिका के ऊपर आ गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। चीख-पुकार सुनकर दौड़े परिजन वंशिका को उठाकर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वंशिका की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। वंशिका गांव के ही सरस्वती विद्या मंदिर में कक्षा दो की छात्रा थी।
नकुड़ निवासी मांगे का 16 साल का बेटा आशु उपाध्याय आंधी के समय घर की तरफ जा रहा है। इसी बीच एक छज्जे के नीचे से गुजरते समय ऊपर लगा ईंटों का चट्टा नीचे आ गिरा। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण आशु को नुकुड़ सीएचसी ले जाया गया। जहां से नाजुक हालत सहारनपुर रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही आशु की मृत्यु हो गयी। आशु के पिता मांगे राम का पहले ही देहांत हो चुका है। मृतक किशोर बाइक मिस्त्री के पास काम करके किसी तरह से घर को चला रहा था। उसकी मौत से उसकी मां का रो -रोकर बुरा हाल है।
उधर, साढ़ौली कदीम स्थित मदरसे में आंधी के समय बच्चे दीनी तालीम ले रहे थे। इसी बीच आंधी में मदरसे की छत पर रखी हुई टीन की चादर हवा में उड़ गई। टीन से लगे पाइप और दीवार की ईंटें बच्चों के ऊपर आ गिरी, जिसमें मदरसे के आठ बच्चे घायल हो गए। इनमें नौ साल के कैफ को गंभीर चोटें आईं हैं। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल लाया गया। इसके अलावा वाहिद, नादिया, साद, मादिया, मुहैर आदि को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
यूनिपोल गिरा, बड़ा हादसा टला
शहर के रोडवेज बस स्टैंड पर बड़ा हादसा से बाल-बाल बच गया। यहां पर यात्रियों की सुविधा के लिए लोहे का यूनी पोल लगा हुआ था। तेज आंधी में यूनिपोल उखड़कर पार्किंग में खड़ी छह बाइकों पर गिर गया। गनीमत रही कि उस समय वाहनों के आसपास कोई नहीं था। यूनिपोल गिरने बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। महानगर में अन्य जगहों होर्डिंग्स और बिजली के खंभे गिर गए।
आम की फसल को ज्यादा नुकसान
तेज तूफान से बागबानों को भारी नुकसान हुआ है। सहारनपुर आम उत्पादन में खास स्थान रखता है। यहां से देश ही नहीं विदेशों तक में आम का भारी मात्रा में निर्यात होता है। बुधवार को आए तूफान से भारी मात्रा में आम टूटकर जमीन पर आ गिरा। बाग ठेकेदार अमित जैन के अनुसार 20 से 30 फीसदी आम की फसल झड़ गई है, जिससे उन्हें खासा नुकसान हुआ है। बताया कि वर्तमान में आम इस साइज में नहीं है कि उसको झड़ने के बाद इकट्ठा कर अचार आदि के लिए मंडी में भेजा जा सके।
मौसम बिगड़ने से टेंशन में आए गेहूं किसान
इन दिनों गेहूं की कटाई चल रही है। ऐसे में मौसम खराब होने से किसानों की टेंशन बढ़ गई है। जिन किसानों के गेहूं कटकर खेतों में पड़े हैं उन्हें हल्की बारिश से भी खतरा है। बुधवार को तेज हवा के साथ बारिश भी रही। हालांकि बारिश कहीं हल्की तो कहीं तेज रही। किसान प्रेमचंद ने बताया कि इस समय तक 70 फीसदी गेहूं की फसल कटकर मंडी पहुंच चुकी है। करीब 30 फीसदी फसल ही या तो खड़ी है या कटकर खेतों में पड़ी है। खड़ी फसल को बारिश से कोई नुकसान नहीं है, मगर जो गेहूं कट चुके हैं बारिश में भीगने ने उन्हें नुकसान हो सकता है। खेतों में पड़ा भूस भी तेज हवा में उड़ गया है।
बारिश से मौसम हुआ सुहाना
आंधी के बाद आई बारिश से मौसम सुहाना हो गया। कई दिनों से गर्मी लगातार बढ़ती जा रही थी। बुधवार की शाम हुई बारिश से मौसम में ठंडा हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, घरों के अंदर उमस रही, लेकिन गर्मी से राहत मिलने पर बाजारों में देर रात तक चहल-पहल रही।
पेड़ के नीचे दबकर दो बहनों की मौत
बिजनौर के नहटौर में आंधी से टूटे एक पेड़ के नीचे दबकर दो बहनों की मौत हो गई। कई बच्चे पेड़ की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। बालिकाओं की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
गांव मीमला मुस्तफाबाद के आठ से 15 साल के कई बच्चे बुधवार शाम घास काटने के लिए जंगल गए थे। करीब साढ़े चार बजे तेज आंधी आने पर बच्चे घर की ओर चल दिए। गांव के ही अशफाक की आठ साल की बेटी शोबी भी जंगल गई थी। उसके साथ उसकी फुफेरी बहन चांदपुर के गांव माहू निवासी रियाजुद्दीन की दस साल की बेटी दिलशाना भी थी। जंगल से लौटते समय एक खेत में रास्ते के किनारे खड़ा यूकेलिप्टस का पेड़ तेज हवा में अचानक टूटकर बच्चों की ओर गिर गया। दिलशाना और शोबी दोनों पेड़ के नीचे दब गईं। अन्य बच्चों की सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों बहनों को पेड़ के नीचे से निकाला। लेकिन तब तक दोनों बालिकाओं की मौत हो चुकी थी। आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुला हाल है।
तूफान में दीवार गिरने से बच्चे की मौत
धामपुर में बुधवार देर शाम तूफान के साथ आई बारिश के चलते नहटौर के मोहल्ला लकड़हान में शकील अहमद के पांच वर्षीय पुत्र शुऐब की दीवार के नीचे दबने से मौत हो गई। लेखपाल व कानूनगो को मौके पर भेजा गया है। क्षेत्र में अलियारपुर में सात ग्रामीणों की पशुशाला में और हरेवली के दो घरों में आग लगी है। जहां से आग लगने की सूचना मिली है, उन गांव में राजस्व टीम को भेजा गया है। अपर पुलिस अधीक्षक देहात विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि तूफान से नूरपुर मार्ग पर तीन स्थानों पर पेड़ गिरे हैं। पेड़ गिरने से काफी देर तक जाम लगा रहा।
आग से दो घरों सहित सात पशुशाला स्वाहा
बिजनौर के अफजलगढ़ में तूफान में कूड़ी से उठी चिंगारी से हरेवली और अलियारपुर गांव में दो छप्पर के घरों सहित सात पशुशाला जलकर स्वाहा हो गई। जबकि हरेवली में बेटी के दहेज के लिए रखा हजारों का सामान सहित 80 हजार रुपये की नकदी जल गई। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। सूचना के डेढ़ घंटे बाद भी दमकल टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी। पशुपालकों के भूसे के बूंगे और बिटौरों भी धू धू कर सुलग रहे थे।
बुुधवार को दुपहर बाद आए तेज तूफान में कूड़ी से उठी चिंगारी से हरेवली निवासी मेघराज व खूब सिंह के घर जलकर स्वाहा हो गए। आग लगने से खूब सिंह की बेटी की शादी के लिए रखा दहेज का सामान सहित 30 हजार रुपये की नकदी जल गई। जबकि उसके पिता मेघराज के घर में 50 हजार रुपये की नकदी सहित घरेलू सामान जल गया। आग में खूब सिंह की एक गाय भी झुलस गई। वहीं गांव अलियारपुर में तूूफान से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग ने अपनी चपेट में सात पशुपालकों की छप्पर से बनी पशुशाला ले ली। गांव में रमेश की गाय, बेगराज का लिंटर, सूरज का लिंटर, जगदीश की पशुशाला, ओमप्रकाश की पशुशाला, पूरन, वीरेंद्र की पशुशाला में धू धू कर जल गई। दो पशुपालकों के लिंटर के मकान में दरार पड़ गई। इसके अलावा दर्जनों पशुपालकों के गांव से बाहर रखे भूसे के बूंगे व बिटौरे जलकर तबाहा हो गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन तेज हवा के चलते आग पर काबू नहीं पाया जा सका। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पानी व रेत डालकर काबू पाया जा सका। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी मौके पर दमकल टीम गाड़ी लेकर नहीं पहुंचीं। पशुओं को बचाने के चक्कर में गांव निवासी लखविंदर भी बुरी तरह से झुलस गया। उधर, एसडीएम आजाद भगत सिंह का कहना है कि नुकसान के आकलन के लिए राजस्व टीम को मौके पर भेजा गया है।
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