फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Three generations in three days and the thirteenth Brsin

तीन दिन में तीन पीढ़ियों की तेरहवीं और बरसी  

Mon, 10 Oct 2016 02:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Mon, 10 Oct 2016 02:35 AM IST
विज्ञापन
Three generations in three days and the thirteenth Brsin
टीपीनगर में बंद पड़ी विनीत अरोड़ा की दुकान। - फोटो : अमर उजाला
कर्ज के कारण मौत को गले लगाने वाले कारोबारी श्रीमोहन परिवार के पांचों सदस्यों की तीन दिन में ही तेरहवीं और बरसी कर दी गई। रविवार को श्रीमोहन के बड़े भाईयों, रिश्तेदारों और नजदीकियों ने गढ़ गंगा जाकर ये दोनों रस्में पूरी कीं। 
विज्ञापन

श्रीमोहन के भाई हरिमोहन, उनके पुत्र विपिन ,बेटियां, दामाद और नाती पोतों के साथ दूसरे भाई कृष्णमोहन के परिवार के अलावा उनकी चारों बेटियां और उनके सभी रिश्तेदारों की मौजूदगी में ये रस्में निभाई गई। श्रीमोहन की पुत्रवधू पूजा के मायके वालों के अलावा परिवार के नजदीकी लोग भी वहां गए।
विज्ञापन


परिजनों ने पांचों सदस्यों की अस्थियां गंगा में विसर्जित की। इसके बाद समाज के पुरोहितों की मौजूदगी में उनकी पहले तेरहवीं और पगड़ी की रस्म अदा की गई। इसके बाद बरसी की रस्म हुई। इस दौरान रिश्तेदारों की आंखें नम थीं। गौरतलब है कि टीपी नगर रघुकुल विहार निवासी कारोबारी श्रीमोहन अरोड़ा, उनकी पत्नी कृष्णा, बेटे विनीत अरोड़ा, पुत्रवधू पूजा और पोते अभिषेक ने बीती शुक्रवार सुबह सामूहिक रूप से आत्महत्या कर ली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


विपिन के सिर बंधी पगड़ी 
श्रीमोहन
के बेटे विनीत द्वारा सुसाइड नोट में की गई अंतिम इच्छा के अनुसार उनके अंतिम संस्कार और उसके बाद की तमाम क्रियाएं उनके पिता के बड़े भाई हरिमोहन की देखरेख में ही हो रही हैं। शनिवार को हरिमोहन के इकलौते बेटे आयकर अधिकारी विपिन ने अपने चाचा, चाची, चचेरे भाई, भाभी और भतीजे का अंतिम संस्कार किया था। रविवार को गढ़ गंगा में तेरहवीं के बाद उनके सिर पर ही जिम्मेदारी की पगड़ी बंधी। पगड़ी रस्म के दौरान विपिन काफी भावुक हो गए थे। 


...ऐसा नहीं करते तो आन पड़ जाती 
लोगों
में चर्चा रही कि आखिर इतनी जल्दी क्या थी जो परिजनों ने तीन दिन में ही उनकी तेरहवीं और बरसी कर दी। लेकिन परिजनों ने स्थिति स्पष्ट की। श्रीमोहन के छोटे भाई कृष्ण मोहन ने बताया कि नवमी और दशहरा को देखते हुए ये रस्म की गईं। यदि वह उनकी तेरहवीं आज नहीं करते तो घर में इन त्यौहारों पर आन पड़ जाती। वह और उनके रिश्तेदार भी ऐसा नहीं चाहते थे। परिवार, रिश्तेदार सभी की सलाह से निर्णय लेकर ऐसा किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed