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रेस्टोरेंट की बिक्री हर महीने 70 से 80 लाख रुपये, कागज में महज पांच से छह लाख
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Mar 2017 12:57 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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शहर के सबसे बड़े गुलाब रेस्टोरेंट में करीब तीन करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। शुक्रवार को वाणिज्य कर विभाग ने खुफिया सूचना के आधार पर रेस्टोरेंट और उसके गोदाम पर छापा मारा। इस दौरान विभागीय टीम को शादी व पार्टियों में मिठाई की बुकिंग, होम डिलीवरी से लेकर दो महीने के दौरान काटे गए तमाम बिल और अन्य कागजात मिले। जिनकी जांच से अभी तक तीन करोड़ों रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। हालांकि टैक्स चोरी इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। जांच में साफ हुआ है कि बिक्री हर महीने 70 से 80 लाख रुपये के आसपास थी, लेकिन दिखाई महज पांच से छह लाख की।
कुछ दिनों पहले वाणिज्य कर विभाग को इनपुट मिला था कि एसएस इंटर प्राइजेज द्वारा सिविल लाइन के निकट स्टेडियम स्थित गुलाब रेस्टोरेंट द्वारा हेराफेरी की जा रही है। इसके बाद विनोद कुमार सिंह एडिशनल कमिश्नर ग्रेड - 2 ने एसआईबी को उसकी जांच में लगाया। उसके बाद ऑनलाइन टैक्स का ब्योरा खंगाला गया तो पता चला कि रेस्टोरेंट द्वारा हर महीने 5 से 6 लाख रुपये बिक्री दिखाई जा रही है। ऐसे में रेस्टोरेंट की रेकी शुरू की गई। कुछ लोगों को 24 घंटे रेस्टोरेंट पर नजर रखने के लिए लगाया गया। जिसके बाद पता चला कि रेस्टोरेंट का गोदाम सूरजकुंड रोड पर है जहां पर सारा माल तैयार किया जाता है।
इनपुट जुटाने के बाद मारा छापा
रेस्टोरेंट से लेकर गोदाम तक का सारा इनपुट जुटाने के बाद विभाग की तरफ छापा मारा गया। विनोद कुमार सिंह ने 15 अधिकारियों की टीम को छापेमारी के लिए तैयार किया। जिसमें एसआईबी से लेकर खंड के अधिकारियों को लगाया गया। छापे के दौरान मौके से टीम ने 55 शादी एवं पार्टियों में सप्लाई की गई मिठाइयों के पर्चे एवं बिल बरामद किए। जिसमें किसी के अंदर 92 डिब्बे सप्लाई किए गए तो किसी में डेढ़ सौ। जिसमें एक किलो के डिब्बे की कीमत 1000 से अधिक की रही। इसके साथ ही बीते दो महीने के दौरान रेस्टोरेंट की तरफ से की गई होम डिलीवरी के कागजात भी मौके से बरामद हुए।
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सब को दिया अलग-अलग काम
एसआईबी के डिप्टी कमिश्नर डॉ. अभय शुक्ला और असिस्टेंट कमिश्नर विजय कुमार के साथ पीपी सिंह असिस्टेंट कमिश्नर खंड -8 की टीम ने गोदाम पर छापा मारा। इसके साथ ही बाकी के 12 अधिकारी रेस्टोरेंट पर भेजे गए। जिनमें एसआईबी के डिप्टी कमिश्नर विनोद कुमार गुप्ता, विवेक कुमार, अवधेश कुमार डिप्टी कमिश्नर खंड 7 व आठ, असिस्टेंट कमिश्नर पवन कुमार, मेघराज, राजीव त्यागी, आशुतोष पाठक, वाणिज्य कर अधिकारी पवन कुमार और मोहित शामिल रहे। रेस्टोरेंट पर छापा मारने से पहले के सभी को काम बांट दिए गए थे। दो लोगों को मिठाई का स्टॉक चेक करना था तो दो को रेस्टोरेंट के अंदर टेबल एवं मौजूद लोगों की संख्या काउंट करनी थी। इसके साथ ही तीन अधिकारियों को किचन देखना था जबकि 2 लोगों को कैश काउंटर देखना था। बाकी अधिकारियों को रेस्टोरेंट के स्टाफ व आने जाने वाले लोगों पर नजर रखनी थी।
सेंट्रल एक्साइज को लगाया चूना
रेस्टोरेंट की तरफ से होम डिलीवरी से लेकर अंदर खाना खाने पर सर्विस टैक्स वसूला जा रहा था। वाणिज्य कर विभाग का कहना है कि रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए वेटिंग लगती है यानी हर रोज हजारों लोग खाना खाते हैं या मिठाई खरीदते हैं। उनसे सर्विस टैक्स लिया जाता है, लेकिन रेस्टोरेंट ग्राहकों की संख्या बेहद सीमित दिखा रहा था। जिससे जाहिर है कि सेंट्रल एक्साइज को भी भारी चूना लगाया है। इसलि वाणिज्य कर विभाग सेंट्रल एक्साइज के साथ भी डाक्यूमेंट साझा करेगा।
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कुछ दिनों पहले वाणिज्य कर विभाग को इनपुट मिला था कि एसएस इंटर प्राइजेज द्वारा सिविल लाइन के निकट स्टेडियम स्थित गुलाब रेस्टोरेंट द्वारा हेराफेरी की जा रही है। इसके बाद विनोद कुमार सिंह एडिशनल कमिश्नर ग्रेड - 2 ने एसआईबी को उसकी जांच में लगाया। उसके बाद ऑनलाइन टैक्स का ब्योरा खंगाला गया तो पता चला कि रेस्टोरेंट द्वारा हर महीने 5 से 6 लाख रुपये बिक्री दिखाई जा रही है। ऐसे में रेस्टोरेंट की रेकी शुरू की गई। कुछ लोगों को 24 घंटे रेस्टोरेंट पर नजर रखने के लिए लगाया गया। जिसके बाद पता चला कि रेस्टोरेंट का गोदाम सूरजकुंड रोड पर है जहां पर सारा माल तैयार किया जाता है।
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इनपुट जुटाने के बाद मारा छापा
रेस्टोरेंट से लेकर गोदाम तक का सारा इनपुट जुटाने के बाद विभाग की तरफ छापा मारा गया। विनोद कुमार सिंह ने 15 अधिकारियों की टीम को छापेमारी के लिए तैयार किया। जिसमें एसआईबी से लेकर खंड के अधिकारियों को लगाया गया। छापे के दौरान मौके से टीम ने 55 शादी एवं पार्टियों में सप्लाई की गई मिठाइयों के पर्चे एवं बिल बरामद किए। जिसमें किसी के अंदर 92 डिब्बे सप्लाई किए गए तो किसी में डेढ़ सौ। जिसमें एक किलो के डिब्बे की कीमत 1000 से अधिक की रही। इसके साथ ही बीते दो महीने के दौरान रेस्टोरेंट की तरफ से की गई होम डिलीवरी के कागजात भी मौके से बरामद हुए।
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सब को दिया अलग-अलग काम
एसआईबी के डिप्टी कमिश्नर डॉ. अभय शुक्ला और असिस्टेंट कमिश्नर विजय कुमार के साथ पीपी सिंह असिस्टेंट कमिश्नर खंड -8 की टीम ने गोदाम पर छापा मारा। इसके साथ ही बाकी के 12 अधिकारी रेस्टोरेंट पर भेजे गए। जिनमें एसआईबी के डिप्टी कमिश्नर विनोद कुमार गुप्ता, विवेक कुमार, अवधेश कुमार डिप्टी कमिश्नर खंड 7 व आठ, असिस्टेंट कमिश्नर पवन कुमार, मेघराज, राजीव त्यागी, आशुतोष पाठक, वाणिज्य कर अधिकारी पवन कुमार और मोहित शामिल रहे। रेस्टोरेंट पर छापा मारने से पहले के सभी को काम बांट दिए गए थे। दो लोगों को मिठाई का स्टॉक चेक करना था तो दो को रेस्टोरेंट के अंदर टेबल एवं मौजूद लोगों की संख्या काउंट करनी थी। इसके साथ ही तीन अधिकारियों को किचन देखना था जबकि 2 लोगों को कैश काउंटर देखना था। बाकी अधिकारियों को रेस्टोरेंट के स्टाफ व आने जाने वाले लोगों पर नजर रखनी थी।
सेंट्रल एक्साइज को लगाया चूना
रेस्टोरेंट की तरफ से होम डिलीवरी से लेकर अंदर खाना खाने पर सर्विस टैक्स वसूला जा रहा था। वाणिज्य कर विभाग का कहना है कि रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए वेटिंग लगती है यानी हर रोज हजारों लोग खाना खाते हैं या मिठाई खरीदते हैं। उनसे सर्विस टैक्स लिया जाता है, लेकिन रेस्टोरेंट ग्राहकों की संख्या बेहद सीमित दिखा रहा था। जिससे जाहिर है कि सेंट्रल एक्साइज को भी भारी चूना लगाया है। इसलि वाणिज्य कर विभाग सेंट्रल एक्साइज के साथ भी डाक्यूमेंट साझा करेगा।