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जेल नहीं, कचहरी हवालात में हुई थी बंदी रिजवान की पिटाई, कोर्ट में हुई सुनवाई

Thu, 26 Jul 2018 01:03 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत Updated Thu, 26 Jul 2018 01:03 PM IST
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Third degree case: in Kachheri lockup, captivity was beaten, not in jail
फाइल फोटो

बागपत जिला जेल में बंदी रिजवान को थर्ड डिग्री देने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में सुनवाई हुई। जेल अधीक्षक बागपत ने कोर्ट में आख्या प्रस्तुत करते हुए बताया कि बंदी की पिटाई कचहरी की हवालात में पुलिस द्वारा की गई थी। जेल में उसकी पिटाई नहीं की गई। ब्लड प्रेशर डाउन होने के कारण वह बेहोश हो गया था।  

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गाजियाबाद जनपद के लोनी निवासी रिजवान चरस तस्करी के मामले में जिला कारागार में बंद है। 20 जुलाई को वह कोर्ट में पेशी पर आया था। कचहरी की हवालात में उसका दूसरे बंदी आरिफ के साथ झगड़ा हो गया था। रिजवान ने आरोप लगाया था कि जेल जाने के बाद बंदी रक्षक ने बैरक से बाहर निकालकर उसकी बेरहमी से पिटाई की थी। हालत बिगड़ने पर जेल अस्पताल से उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस मामले में रिजवान ने अधिवक्ता नरेंद्र पंवार के माध्यम से फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में याचिका दायर की थी। न्यायालय ने जेल अधीक्षक से 25 जुलाई तक आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे।

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बुधवार को जेल अधीक्षक ने कोर्ट में आख्या प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने बताया कि कचहरी की हवालात में रिजवान का दूसरे बंदी आरिफ से पानी की बाल्टी एवं मग्गे को लेकर गाली गलौच और मारपीट हुई थी। हवालात में तैनात सुरक्षाकर्मियों द्वारा दोनों बंदियों को हवालात से निकालकर बल प्रयोग कर शांत किया गया। पेशी के बाद जेल में दाखिल होते समय दोनों बंदियों में से किसी ने भी कारागार के किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी को घटना की जानकारी नहीं दी। बंदी रिजवान द्वारा दूसरे बंदी आरिफ की बैरक में जाकर फिर से मारपीट की। डयूटी पर तैनात बंदी रक्षक ने बड़ी मुश्किल से दोनों को अलग-अलग किया। उन्हें अधोहस्ताक्षरी के समक्ष प्रस्तुत किया। बंदी रिजवान से पूछताछ की जा रही थी, तभी उसे चक्कर आ गया और वह जमीन पर गिर पड़ा। जेल अस्पताल के चिकित्सक से उसका इलाज कराया। ब्लड प्रेशर डाउन के कारण वह बेहोश हुआ था। उसे कोई थर्ड डिग्री नहीं दी गई। बंदी रिजवान के अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि जेल में ही बंदी की पिटाई की गई है। जेल अधीक्षक गुमराह कर रहे हैं।

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