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प्रदेश नेतृत्व ने अवनीश काजला की क्षमता पर जताया भरोसा
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मेरठ। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अवनीश काजला को प्रदेश कार्यकारिणी में सचिव बनाया गया है। इसे प्रदेश कमेटी में मेरठ के मजबूत प्रतिनिधित्व के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि अवनीश काजला पर जिले में पुराने कार्यकर्ताओं से दूरी बनाए रखने क ेभी आरोप लगते रहे हैं। अब उन्हें प्रदेश स्तर पर इसे भूलकर पार्टी के वरिष्ठजनों से भी सामंजस्य बनाना होगा।
लोकसभा से लेकर निकाय चुनावों तक में पार्टी को मिली हार के बाद नेतृत्व ने युवाओं की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके चलते नवंबर, 2019 में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद का दायित्व युवा चेहरे के रूप में अवनीश काजला को सौंपा। उन्होंने इस पारी की शुरुआत दमदार तरीके से की परंतु वे कहीं न कहीं पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं से सामंजस्य बना पाने में नाकाम रहे। इसी के परिणामस्वरूप पार्टी के पुराने चेहरे उनके कार्यक्रमों से दूरी बनाते रहे। धरने-प्रदर्शन के दौरान भी गिने-चुने चेहरे अवनीश काजला के आसपास दिखाई दिए। बताया जाता है कि इसको लेकर भी कार्यकर्ताओं ने संगठन में शिकायत की और अपरिपक्व हाथों में जिले की कमान सौंपना बताकर नाराजगी जताई।
हालांकि प्रदेश संगठन ने शिकायतों की परवाह न करते हुए उन्हें प्रदेश कार्यकारिणी में बतौर सचिव में शामिल कर लिया है। इसकी जानकारी उनके समर्थकों को हुई तो तरह-तरह की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। उधर, अवनीश काजला का कहना है कि वे पार्टी के विश्वास को बनाए रखने का भरसक प्रयास करेंगे। वहीं, काजला को प्रदेश कार्यकारिणी में सचिव बनाए जाने पर कांग्रेस पार्टी का एक धड़ा हैरानी भी जता रहा है।
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लोकसभा से लेकर निकाय चुनावों तक में पार्टी को मिली हार के बाद नेतृत्व ने युवाओं की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके चलते नवंबर, 2019 में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद का दायित्व युवा चेहरे के रूप में अवनीश काजला को सौंपा। उन्होंने इस पारी की शुरुआत दमदार तरीके से की परंतु वे कहीं न कहीं पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं से सामंजस्य बना पाने में नाकाम रहे। इसी के परिणामस्वरूप पार्टी के पुराने चेहरे उनके कार्यक्रमों से दूरी बनाते रहे। धरने-प्रदर्शन के दौरान भी गिने-चुने चेहरे अवनीश काजला के आसपास दिखाई दिए। बताया जाता है कि इसको लेकर भी कार्यकर्ताओं ने संगठन में शिकायत की और अपरिपक्व हाथों में जिले की कमान सौंपना बताकर नाराजगी जताई।
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हालांकि प्रदेश संगठन ने शिकायतों की परवाह न करते हुए उन्हें प्रदेश कार्यकारिणी में बतौर सचिव में शामिल कर लिया है। इसकी जानकारी उनके समर्थकों को हुई तो तरह-तरह की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। उधर, अवनीश काजला का कहना है कि वे पार्टी के विश्वास को बनाए रखने का भरसक प्रयास करेंगे। वहीं, काजला को प्रदेश कार्यकारिणी में सचिव बनाए जाने पर कांग्रेस पार्टी का एक धड़ा हैरानी भी जता रहा है।
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