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Meerut News: गंगा-जमुनी तहजीब, देशप्रेम की कविताओं से मुशायरे में जमा रंग
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सरूरपुर। कस्बा हर्रा में आयोजित ऑल इंडिया मुशायरा में शायरी पढ़ते शायर। संवाद
हर्रा में शायरी की महफिल में गूंजा एकता और भाईचारे का पैगाम
संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। नगर पंचायत के 10वें स्थापना दिवस पर मंगलवार रात नगर पंचायत परिसर शायरी, कविताओं और तालियों की गूंज से सराबोर रहा। एक शाम देशप्रेम, एकता और भाईचारे के नाम से आयोजित ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में देशभर से पहुंचे शायरों और कवियों ने अपने कलाम से समा बांध दिया। हास्य-व्यंग्य की रचनाओं पर श्रोताओं ने खूब ठहाके लगाए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अध्यक्ष कुंवर मोहम्मद अली और संचालन मशहूर शायर डॉ. रियाज सागर ने किया। अजमल इलाहाबादी ने नात से मुशायरे का आगाज किया। शबीना अदीब ने तराना-ए-हिंद पेश कर माहौल में देशप्रेम का रंग घोल दिया। मेहनतकश परिवारों और उनके संस्कारों पर उनके अशआर को श्रोताओं ने खूब सराहा। खुर्शीद हैदर ने हौसले और आत्मविश्वास की बात कही तो चांदनी शबनम ने मोहब्बत से भरी गजल से महफिल में रंग जमा दिया।
मालेगांव के अल्ताफ जिया ने दर्द और जज्बात से जुड़े कलाम पेश किए। अफजल इलाहाबादी और सुल्तान सिंह सुल्तान ने रिश्तों और जिंदगी के संघर्ष को शायरी में पिरोया। शाबान आलम कुरैशी ने मोहब्बत की हदों पर अपने अंदाज में बात रखी। वसीम राजूपुरी ने सामाजिक और धार्मिक सरोकारों को शायरी का विषय बनाया। हास्य-व्यंग्य के शायर सिकंदर हयात गड़बड़ ने सियासत पर तंज कसते हुए ऐसा रंग जमाया कि पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। मुशायरे में गंगा-जमुनी तहजीब, देशप्रेम और भाईचारे की झलक साफ दिखाई दी। बड़ी संख्या में मौजूद श्रोता देर रात तक शायरी का लुत्फ उठाते रहे। कार्यक्रम में हाफिज निसार, तमशीर चौहान, असजद फानी, सभासद रिहान, नबी शेर, मोहम्मद चौहान और जावेद आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। नगर पंचायत के 10वें स्थापना दिवस पर मंगलवार रात नगर पंचायत परिसर शायरी, कविताओं और तालियों की गूंज से सराबोर रहा। एक शाम देशप्रेम, एकता और भाईचारे के नाम से आयोजित ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में देशभर से पहुंचे शायरों और कवियों ने अपने कलाम से समा बांध दिया। हास्य-व्यंग्य की रचनाओं पर श्रोताओं ने खूब ठहाके लगाए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अध्यक्ष कुंवर मोहम्मद अली और संचालन मशहूर शायर डॉ. रियाज सागर ने किया। अजमल इलाहाबादी ने नात से मुशायरे का आगाज किया। शबीना अदीब ने तराना-ए-हिंद पेश कर माहौल में देशप्रेम का रंग घोल दिया। मेहनतकश परिवारों और उनके संस्कारों पर उनके अशआर को श्रोताओं ने खूब सराहा। खुर्शीद हैदर ने हौसले और आत्मविश्वास की बात कही तो चांदनी शबनम ने मोहब्बत से भरी गजल से महफिल में रंग जमा दिया।
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मालेगांव के अल्ताफ जिया ने दर्द और जज्बात से जुड़े कलाम पेश किए। अफजल इलाहाबादी और सुल्तान सिंह सुल्तान ने रिश्तों और जिंदगी के संघर्ष को शायरी में पिरोया। शाबान आलम कुरैशी ने मोहब्बत की हदों पर अपने अंदाज में बात रखी। वसीम राजूपुरी ने सामाजिक और धार्मिक सरोकारों को शायरी का विषय बनाया। हास्य-व्यंग्य के शायर सिकंदर हयात गड़बड़ ने सियासत पर तंज कसते हुए ऐसा रंग जमाया कि पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। मुशायरे में गंगा-जमुनी तहजीब, देशप्रेम और भाईचारे की झलक साफ दिखाई दी। बड़ी संख्या में मौजूद श्रोता देर रात तक शायरी का लुत्फ उठाते रहे। कार्यक्रम में हाफिज निसार, तमशीर चौहान, असजद फानी, सभासद रिहान, नबी शेर, मोहम्मद चौहान और जावेद आदि मौजूद रहे।

सरूरपुर। कस्बा हर्रा में आयोजित ऑल इंडिया मुशायरा में शायरी पढ़ते शायर। संवाद

सरूरपुर। कस्बा हर्रा में आयोजित ऑल इंडिया मुशायरा में शायरी पढ़ते शायर। संवाद
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