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दरोगा के घर की छत से कूदकर अपह्त बेटी के पिता ने दी जान

Fri, 27 Aug 2021 01:50 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Aug 2021 01:50 AM IST
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The father of the kidnapped daughter committed suicide by jumping off the roof of the inspector's house.
दरोगा के घर की छत से कूदकर अपह्त बेटी के पिता ने दी जान
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मेरठ। अपह्त बेटी की तलाश में बरेली से मेरठ आए पिता ने विवेचक दरोगा के घर से कूदकर जान दे दी। पल्लवपुरम पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। दरोगा शव को मृतक के घर बरेली लेकर चला गया।
बरेली के इज्जत नगर थाना क्षेत्र के गांव से पांच महीने पहले संदिग्ध हालात में युवती गायब हो गई थी। पिता ने बरेली में अपहरण की धारा में मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमे की जांच इज्जतनगर थाने की प्रहलादपुर पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा सुनील कुमार कर रहे थे।
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चार दिन पहले पुलिस को सर्विलांस के जरिए युवती की लोकेशन बुलंदशहर में मिली। इस पर लड़की का पिता, दरोगा सुनील कुमार, ड्राइवर पंकज, एक कांस्टेबल मंगलवार को बुलंदशहर गए, लेकिन युवती नहीं मिली। इसके बाद पता चला कि युवती अपने प्रेमी के साथ मेरठ में है। बुलंदशहर से पुलिस टीम और पीड़ित बुधवार रात मेरठ पहुंचे और दरोगा सुनील कुमार सबको लेकर रुड़की रोड के एकता नगर स्थित अपने आवास पर आ गए। यहां पर लड़की के पिता ने छत से कूदकर जान दे दी। पल्लवपुरम पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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पांच माह से भटक रहा था पिता
पिता पांच माह से बेटी को ढूंढ रहा था। पुलिस को साथ लेकर वह कई जगह पर गए, लेकिन बेटी का सुराग नहीं लगा। उसे उम्मीद थी कि बेटी मेरठ में मिल जाएगी। पुलिस ने बताया है कि पीड़ित रोजाना थाने पहुंचकर बेटी को बरामद कराने की मांग करता था। दरोगा के मकान की छत से कूदने पर भी सवाल उठ रहे हैं। दरोगा सुनील कुमार का कहना है कि बेटी न मिलने पर पीड़ित परेशान था।
पुलिस का खर्च उठा रहा था पीडित
बताया गया है कि बेटी की तलाश में पुलिस को कहीं भी जाना पड़ता था तो उसका खर्च पीड़ित ही उठाते थे। मंगलवार को भी किराए की टैक्सी में दरोगा और सिपाही के साथ पीड़ित पहले तो बुलंदशहर और फिर मेरठ आए थे।

छत पर क्यों सोया था मृतक
पीड़ित की मौत के बाद सवाल उठ रहे हैं। बताया कि दरोगा अपने परिवार के साथ सोए हुए थे। सिपाही और ड्राइवर दूसरे कमरे में थे। पीड़ित को छत पर सोना बताया है। इसको लेकर अभी पल्लवपुरम पुलिस जांच कर रही कि छत पर पीड़ित के साथ कौन-कौन थे। दरोगा उनको अपने घर क्यों लाए थे। इसकी भी जांच चल रही है।
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