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सीओ क्राइम की जांच रिपोर्ट पर इंस्पेक्टर की हो सकती बर्खास्तगी
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भ्रष्टाचार का मामला : जांच रिपोर्ट पर बर्खास्तगी की भी हो सकती है कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सीओ क्राइम की जांच रिपोर्ट के बाद भ्रष्टाचार में फंसे इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह राणा और हेड कांस्टेबल पर बर्खास्तगी की कार्रवाई भी हो सकती है। इसे लेकर पुलिस पर्याप्त साक्ष्य जुटाने में लगी है। मुकदमे के वादी वकार के सोमवार को फिर तीसरी बार बयान दर्ज होंगे। वकार को सीओ क्राइम ऑफिस में बुलाया गया है। बताया कि जांच रिपोर्ट के बाद ही एसएसपी की आगे की कार्रवाई होगी।
पुलिस ने सदर थाने के हेड कांस्टेबल मनमोहन सिंह को 31 अगस्त को 30 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। कांस्टेबल ने इंस्पेक्टर सदर बिजेंद्र सिंह राणा के कहने पर ही रिश्वत लेने की बात कही है। पुलिस ने पीड़ित वकार निवासी खतौली के खिलाफ केस दर्ज किया था। भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमा दर्ज होने पर पुलिस महकमे में खलबली मची। वादी वकार के दो बार पुलिस ने बयान दर्ज किए हैं।
बताया गया है कि विवेचक सीओ क्राइम संजीव दीक्षित ने सोमवार को फिर वकार को अपने ऑफिस में बुलाया। वकार के फिर से पुलिस बयान दर्ज करेंगे। बता दें कि पांच फरवरी को ट्रक चोरी होने की फर्जी रिपोर्ट इमरान निवासी गाजियाबाद ने कराई थी। बीमा कंपनी की शिकायत पर इस मामले का खुलासा हुआ। इमरान ने वकार को ट्रक बेचने की झूठी बात पुलिस को बताई थी। इस मामले में वकार से पुलिस ने रिश्वत ले ली। इसका मुकदमा दर्ज हुआ है।
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एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि इंस्पेक्टर के खिलाफ अभी जांच चल रही है। इसके चलते वादी और पुलिस वालों के बयान हो रहे हैं। विवेचक एक के बाद एक साक्ष्य तलाशने में लगे हैं। जांच रिपोर्ट के बाद इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल पर बर्खास्तगी की कार्रवाई हो सकती। इंस्पेक्टर वांछित है, जिस पर इनाम भी हो सकता है। वहीं, एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना कि जांच रिपोर्ट के बाद ही इंस्पेक्टर पर आगे की कार्रवाई होगी।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सीओ क्राइम की जांच रिपोर्ट के बाद भ्रष्टाचार में फंसे इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह राणा और हेड कांस्टेबल पर बर्खास्तगी की कार्रवाई भी हो सकती है। इसे लेकर पुलिस पर्याप्त साक्ष्य जुटाने में लगी है। मुकदमे के वादी वकार के सोमवार को फिर तीसरी बार बयान दर्ज होंगे। वकार को सीओ क्राइम ऑफिस में बुलाया गया है। बताया कि जांच रिपोर्ट के बाद ही एसएसपी की आगे की कार्रवाई होगी।
पुलिस ने सदर थाने के हेड कांस्टेबल मनमोहन सिंह को 31 अगस्त को 30 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। कांस्टेबल ने इंस्पेक्टर सदर बिजेंद्र सिंह राणा के कहने पर ही रिश्वत लेने की बात कही है। पुलिस ने पीड़ित वकार निवासी खतौली के खिलाफ केस दर्ज किया था। भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमा दर्ज होने पर पुलिस महकमे में खलबली मची। वादी वकार के दो बार पुलिस ने बयान दर्ज किए हैं।
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बताया गया है कि विवेचक सीओ क्राइम संजीव दीक्षित ने सोमवार को फिर वकार को अपने ऑफिस में बुलाया। वकार के फिर से पुलिस बयान दर्ज करेंगे। बता दें कि पांच फरवरी को ट्रक चोरी होने की फर्जी रिपोर्ट इमरान निवासी गाजियाबाद ने कराई थी। बीमा कंपनी की शिकायत पर इस मामले का खुलासा हुआ। इमरान ने वकार को ट्रक बेचने की झूठी बात पुलिस को बताई थी। इस मामले में वकार से पुलिस ने रिश्वत ले ली। इसका मुकदमा दर्ज हुआ है।
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एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि इंस्पेक्टर के खिलाफ अभी जांच चल रही है। इसके चलते वादी और पुलिस वालों के बयान हो रहे हैं। विवेचक एक के बाद एक साक्ष्य तलाशने में लगे हैं। जांच रिपोर्ट के बाद इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल पर बर्खास्तगी की कार्रवाई हो सकती। इंस्पेक्टर वांछित है, जिस पर इनाम भी हो सकता है। वहीं, एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना कि जांच रिपोर्ट के बाद ही इंस्पेक्टर पर आगे की कार्रवाई होगी।