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आठ सौ की बजाय अब दो हजार कॉपियां जांचेंगे शिक्षक

Thu, 18 Jun 2020 01:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jun 2020 01:48 AM IST
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Teachers will now check two thousand copies instead of eight hundred
आठ सौ की बजाय अब दो हजार कॉपियां जांचेंगे शिक्षक
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मेरठ। सीसीएसयू में अब एक शिक्षक आठ सौ की बजाय दो हजार कॉपियों का मूल्यांकन करेगा। कोविड-19 महामारी के चलते बुधवार को परीक्षा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही मूल्यांकन में 60 फीसदी बाह्य-रिटायर शिक्षकों द्वारा मूल्यांकन किए जाना भी अनिवार्य नहीं रहा है। सीसीएसयू के अलावा दूसरे जिलों में मूल्यांकन के लिए बनाए गए सात केद्रों को सैनिटाईजशन के लिए 50-50 हजार रुपये दिए गए हैं। वहीं परीक्षा को लेकर बैठक में कोई फैसला नहीं हुआ। वह शासन स्तर से होगा।
सीसीएसयू कैंपस में कुलपति प्रो. एनके तनेजा का अध्यक्षता में ऑनलाइन परीक्षा समिति की बैठक हुई। कोविड-19 महामारी के चलते विश्वविद्यालय में कराए जा रहे मूल्यांकन कार्य में 60 प्रतिशत बाह्य-सेवानिवृत्त एवं 40 प्रतिशत आंतरिक शिक्षकों से मूल्यांकन कराया जाना है। लेकिन कोविड 19 के कारण विश्वविद्यालय में बाह्य शिक्षकों का आना नहीं हो रहा है। ऐसे में मूल्यांकन कार्य में आ रही परेशानी पर समन्वयक द्वारा प्रस्ताव पर निर्णय लिया गया। इस माहौल में मूल्यांकन कार्य आंतरिक परीक्षकों के द्वारा ही कराए जाने की परीक्षा समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा यह निर्णय भी लिया गया कि प्रत्येक परीक्षक को अब 800 की जगह 2000 कॉपी मूल्यांकन के लिए दी जाएंगी। कॉपियों के मूल्यांकन के लिए फिलहाल कैंपस में चार केंद्र बने हैं। प्राइवेट कॉपियों के मूल्यांकन के लिए दूसरे जिलों में सात केंद्र बनाए गए हैं। एक-दो दिन में इन पर भी मूल्यांकन शुरू हो जाएगा। ऐसे में इन मूल्यांकन केंद्रों को सेनेटाइज करने के लिए 25-25 हजार रुपये देने का निर्णय लिया गया है।
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तीन शिक्षक डिबार किए
प्रैक्टिकल में लापरवाही करने वाले परीक्षकों पर बैठक में कड़ा निर्णय लिया गया। हाई रैंक बिजनेस स्कूल नोएडा के बीएड द्वितीय वर्ष के छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षा के अंकों में त्रुटि दर्शाने पर तीन शिक्षकों डॉ. रजनी गोयल, वीएमएलजी कॉलेज गाजियाबाद, डॉ. निधि शर्मा, सियाराम कस्तूरी देवी कॉलेज, शास्त्रीनगर मेरठ, डॉ. मीनाक्षी देवी शिक्षा विभाग एमजेआर विश्वविद्यालय बरेली को तीन साल के लिए डिबार कर दिया गया है। इन्होंने 160 नंबरों की बजाय 80 में से छात्रों को नंबर दे दिए थे। साथ ही यह निर्णय भी लिया गया कि प्रैक्टिकल वाले छात्रों के नंबर दोगुने कर दिए जाएंगे। इसके अलावा बीबीए सत्र 2020-2021 में अंतिम टर्मिनल सेमेस्टर में एक पेपर को ऑब्जेक्टिव टाइप करने का निर्णय लिया गया। बुलंदशहर में एक कॉलेज में प्रैक्टिकल नहीं होने पर उन्हें जल्द पूरा कराने का निर्णय भी लिया गया।
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ये रहे मौजूद
परीक्षा समिति की बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा, प्रो. जितेंद्र ढाका, प्रो. हरे कृष्णा, प्रो. योगेंद्र सिंह, प्रो. मृदुल कुमार गुप्ता, प्रो. जगवीर भारद्वाज, प्रो. सुदीप सहाय बेदार, डॉ. अंजलि मित्तल, डॉ. चमन लाल, डॉ. रेखा तिवारी, डॉ. सीमा जैन, डॉ. एसके गर्ग, डॉ. सुधीर कुमार, अचरज मांगलिक प्रभारी कमेटी सेल एवं सहायक प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र गुप्ता मौजूद रहे।
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