{"_id":"601db1948ebc3ed6541cd1ee","slug":"teacher-caught-in-corruption-made-member-of-inquiry-committee-city-news-mrt523949619","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार में फंसे शिक्षक को बनाया जांच समिति का सदस्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रष्टाचार में फंसे शिक्षक को बनाया जांच समिति का सदस्य
विज्ञापन
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के मामलों को दबाया जा रहा है। तय समय में जांच पूरी नहीं हो रही है। अब विवि में एक और खेल हो गया। डीन शिक्षा प्रो. जगबीर भारद्वाज खुद भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे हैं और उन्हें जांच समिति का सदस्य बना दिया गया है। इससे सीसीएसयू प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। भारद्वाज पर दो माह से जांच चल रही है, लेकिन समिति ने अभी तक रिपोर्ट नहीं सौंपी है।
सीसीएसयू कैंपस के शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं डीन शिक्षा प्रो. जगबीर भारद्वाज को बागपत के बालाजी डिग्री कॉलेज में बीएड के प्रैक्टिकल में शिक्षकों की लापरवाही के मामले में बनाई गई समिति का सदस्य बनाया गया है। ये भी तब हुआ है जब भारद्वाज के खिलाफ दो महीने से कार्य परिषद ने जांच समिति गठित कर रखी है। भारद्वाज पर आरोप हैं कि उन्होंने जतन स्वरूप कालेज सिकंदराबाद बुलंदशहर में अपने भाई को बीएड सेल्फ फाइनेंस में शिक्षक चयनित किया था।
भारद्वाज ने चयन समिति का सदस्य होते हुए भी भाई का चयन किया। यही नहीं योग्यता न होने के बाद भी भाई को प्रयोगात्मक परीक्षा में परीक्षक बना दिया। मामले में आरोप साबित होने के बाद ही इसे कार्य परिषद में रखा गया, लेकिन भ्रष्टाचार के दूसरे मामलों की तरह ही इस मामले में भी खेल शुरू हो गया। जो फाइल विवि के बड़े अधिकारी के पास जाने तक कुछ और थी, उसमें किसी भ्रष्ट बाबू ने बदलाव करा दिया।
विज्ञापन
कार्य परिषद के सदस्यों ने इस मामले को भ्रष्टाचार की इंतहा बताते हुए कार्रवाई करने को कहा, लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी अभी तक कुछ नहीं हुआ। किसी बड़े अधिकारियों की शह पर कार्रवाई में देरी हो रही है या फिर विवि में भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की बजाय सिर्फ समिति बनाकर खानापूर्ति का खेल खेला जा रहा है। इससे पहले सीसीएसयू के परिक्षेत्र में गलत कागजातों से नौकरी पाने के मामले में 29 शिक्षक संदेह के घेरे में सामने आए, लेकिन उसमें भी उच्च शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी आज नहीं बोला।
आरोप अभी सिद्ध नहीं हुआ
प्रो. जगबीर भारद्वाज के खिलाफ अभी जांच जारी हैै। आरोप अभी सिद्ध नहीं हुआ है। ऐसे में डीन शिक्षा होने के नाते उन्हें जांच के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय कमेटी का सदस्य बनाया गया है। -धीरेंद्र कुमार वर्मा, रजिस्ट्रार सीसीएसयू
विज्ञापन
सीसीएसयू कैंपस के शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं डीन शिक्षा प्रो. जगबीर भारद्वाज को बागपत के बालाजी डिग्री कॉलेज में बीएड के प्रैक्टिकल में शिक्षकों की लापरवाही के मामले में बनाई गई समिति का सदस्य बनाया गया है। ये भी तब हुआ है जब भारद्वाज के खिलाफ दो महीने से कार्य परिषद ने जांच समिति गठित कर रखी है। भारद्वाज पर आरोप हैं कि उन्होंने जतन स्वरूप कालेज सिकंदराबाद बुलंदशहर में अपने भाई को बीएड सेल्फ फाइनेंस में शिक्षक चयनित किया था।
विज्ञापन
भारद्वाज ने चयन समिति का सदस्य होते हुए भी भाई का चयन किया। यही नहीं योग्यता न होने के बाद भी भाई को प्रयोगात्मक परीक्षा में परीक्षक बना दिया। मामले में आरोप साबित होने के बाद ही इसे कार्य परिषद में रखा गया, लेकिन भ्रष्टाचार के दूसरे मामलों की तरह ही इस मामले में भी खेल शुरू हो गया। जो फाइल विवि के बड़े अधिकारी के पास जाने तक कुछ और थी, उसमें किसी भ्रष्ट बाबू ने बदलाव करा दिया।
विज्ञापन
कार्य परिषद के सदस्यों ने इस मामले को भ्रष्टाचार की इंतहा बताते हुए कार्रवाई करने को कहा, लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी अभी तक कुछ नहीं हुआ। किसी बड़े अधिकारियों की शह पर कार्रवाई में देरी हो रही है या फिर विवि में भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की बजाय सिर्फ समिति बनाकर खानापूर्ति का खेल खेला जा रहा है। इससे पहले सीसीएसयू के परिक्षेत्र में गलत कागजातों से नौकरी पाने के मामले में 29 शिक्षक संदेह के घेरे में सामने आए, लेकिन उसमें भी उच्च शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी आज नहीं बोला।
आरोप अभी सिद्ध नहीं हुआ
प्रो. जगबीर भारद्वाज के खिलाफ अभी जांच जारी हैै। आरोप अभी सिद्ध नहीं हुआ है। ऐसे में डीन शिक्षा होने के नाते उन्हें जांच के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय कमेटी का सदस्य बनाया गया है। -धीरेंद्र कुमार वर्मा, रजिस्ट्रार सीसीएसयू