पेटीज टेस्टी है तो समझिये धीमा जहर है
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एफडीए ने अभियान के तहत बीती 11 फरवरी को विक्टोरिया पार्क स्थित शर्मा नगर से राजेश अरोड़ा की बेकरी शॉप से पेटीज का सैंपल भरा था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह के अनुसार रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पेटीज के अंदर सिंथेटिक कलर बटर येलो मिलाया जा रहा है, जो शरीर के लिए हानिकारक है।
खासकर इस तरह के कलर का सेवन करने वाले व्यक्ति को पेट संबंधी बीमारियां होने का खतरा रहता है, जिसका लंबे समय में जाकर आंतों से लेकर लीवर व किडनी पर भी असर देखा जा सकता है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने भी इस तरह के सिंथेटिक कलर को प्रतिबंधित किया है। अब नोटिस का जवाब मिलने के बाद कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
तमाम सैंपल हो चुके फेल
एफडीए द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत सिंथेटिक कलर के प्रयोग का पहले भी भंडाफोड़ हो चुका है, लेकिन उसके बावजूद भी इसका इस्तेमाल नहीं रुक रहा है। बीते साल गढ़ रोड और शास्त्रीनगर में सॉस बनाने की फैक्ट्रियों पर छापा मारा गया। जहां पर बड़ी संख्या में सड़े-गले आलू और कद्दू को घोटकर उनमें सिंथेटिक कलर मिलाकर सॉस तैयार की जा रही थी।
इसके अलावा तमाम बेकरी से भरे गए सैंपल भी फेल हुए हैं, जो साबित करते हैं कि फास्ट व जंक फूड को स्वादिष्ट बनाने में इस्तेमाल की जा रही सामग्री को सिंथेटिक कलर के माध्यम से तैयार किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि स्वादिष्ट होने पर इसी तरह के सामान सबसे ज्यादा बिक रहे हैं।
कोट
हम लगातार अभियान चला रहे हैं, लेकिन जनता को भी जागरूक होने की जरूरत है। सामान खरीदने से पहले दुकानदार से पूछ लें कि उसमें सिंथेटिक कलर तो नहीं है। जागरूकता आएगी तो दुकानदार खाद्य पदार्थों में ऐसे हानिकारक तत्व मिलाने से डरेंगे। -वीके वर्मा, अभिहित अधिकारी एफडीए