फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Suspense, drama returned after Arif Jula

सस्पेंस, ड्रामे के बाद लौटा आरिफ जौला

Sun, 17 Jul 2016 02:01 AM IST
अमर उजाला/मेरठ
अमर उजाला/मेरठ Updated Sun, 17 Jul 2016 02:01 AM IST
विज्ञापन
Suspense, drama returned after Arif Jula
प्रेसवार्ता के दौरान आरिफ जोला को पेश करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
पूर्व बसपा नेता आरिफ जौला शनिवार तड़के नाटकीय ढंग से लौट आया। शुरू में आरिफ ने नशीला बिस्किट खिलाकर बदमाशों द्वारा अपहरण करने की बात कही। हालांकि बाद में आरिफ ने सच्चाई उगली और बताया कि उसने पारिवारिक, आर्थिक कारणों के कारण अगवा होने की साजिश रची। मनाली, हिमाचल के होटल में ठहरा हुआ था। वह खुद ही लौटा है। आरिफ बुढ़ाना विधानसभा से बसपा प्रत्याशी था।
विज्ञापन


एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने शनिवार दोपहर 2:35 बजे पुलिस लाइन में आरिफ जौला को मीडिया के सामने पेश किया। आरिफ की स्कॉर्पियो 12 जुलाई 2016 को कंकरखेड़ा बाईपास स्थित डाबका गांव के पास हाईवे पर खड़ी मिली थी। परिजनों ने आरिफ के अपहरण होने का मुकदमा कंकरखेड़ा थाने में दर्ज कराया था। पुलिस अफसरों ने मुजफ्फरनगर, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल समेत कई राज्यों में पुलिस टीम लगाई। आरिफ की बरामदगी नहीं होने पर अलग अलग अफवाहें उड़ रही थी, जिस पर पुलिस भी चिंतित थी। शुक्रवार रात करीब दो बजे आरिफ ने अपने चचेरे भाई राहत को फोन किया और कहा कि वह पानीपत से दिल्ली जा रहा है। यह सूचना लगते ही पुलिस की एक टीम पानीपत और दूसरी टीम दिल्ली पहुंच गई। आरिफ को दिल्ली से लाई और पूछताछ की। 
विज्ञापन


ऐसे रचा ड्रामा
पुलिस
लाइन में प्रेसवार्ता में आरिफ ने बताया वह अकेला स्कॉर्पियो से दिल्ली से जौला आ रहा था। मोदीनगर के पास उसके मन में खुद के अगवा होने का ड्रामा करने का विचार आया। आरिफ ने स्कॉर्पियो को हाईवे पर खड़ी की और टेंपो से रोहटा बाईपास पर पहुंचा। उसने मोबाइल गाड़ी में छोड़ा और चाबी उसके पास फेंक दी। इसके बाद बस से दिल्ली और वहां से मनाली पहुंच गया। जहां पर दो दिन मनाली स्थित आनंद होटल में कमरा नंबर 142 में रुका। एक रात चंडीगढ़ और फिर पानीपत पहुंचा। जहां से चचेरे भाई राहत को फोन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पारिवारिक, आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी
सबके
जेहन में एक सवाल था कि आरिफ ने इतना बड़ा नाटक क्यों किया। आरिफ ने बताया कि उसकी पारिवारिक और आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। जिसको लेकर वह काफी परेशान था। जितना पैसा खर्च हो रहा था, उससे वह काफी दुखी था। इसलिये उसने खुद के अपहरण और चार पांच दिन शांतिपूर्वक रहने का मन बनाया था। 


मोदीनगर के पास बैठे बदमाश
एसएसपी
के मुताबिक आरिफ ने शुरू में बताया कि 12 जुलाई को वह दिल्ली से जौला अपने गांव जा रहा था। मोदीनगर के पास किसी ने आवाज दी और उसने स्कार्पियो रोकी। तभी दो युवक उसकी गाड़ी में बैठ गए। एक बदमाश पिछली सीट पर और दूसरा उसकी बगल वाली सीट पर। आरिफ स्कार्पियो ड्राइव कर रहे थे, तभी बगल में बैठे युवक ने उसको बिस्किट खिला दिया। इसके बाद वह बेहोश हो गया। पुलिस ने नशे की हालत में गाड़ी चलाने की बात पूछी तो आरिफ चुप हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed