UP: सुशील सिंघल ने 17 साल में 25 लाख राम नाम लिखे, अयोध्या में रामलला के टेंट में दर्शन कर लिया था संकल्प
Meerut News : सुशील सिंघल ने 17 साल में 25 लाख राम नाम लिखे है। बताया गया कि उन्होंने अयोध्या में रामलला के टेंट में दर्शन करने के दौरान यह संकल्प लिया था।
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मेरठ से शम्भूनगर निवासी सुशील सिंघल 17 साल से राम नाम लिख रहे है। वे अब तक 25 लाख राम नाम लिख चुके हैं। वो राम नाम लिखे पत्रकों को राम नाम बैंक में जमा करेंगे। ये पत्रक अयोध्या में भगवान श्री राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल किए जाएंगे।
भट्ठा व्यवसायी 67 वर्षीय सुशील सिंघल ने वर्ष 2007 में अयोध्या जाकर टेंट में विराजमान रामलला के दर्शन किए थे। तब उन्होंने राम नाम लिखने का संकल्प लिया कि जब तक भगवान श्री राम का मंदिर नहीं बनेगा, वो राम नाम लिखते रहेंगे। यह भी संकल्प लिया था कि वो मंदिर बनने पर ही अपने परिवार के साथ फिर से रामलला के दर्शन करने जाएंगे। तभी से बीते 17 साल से वो राम नाम लिख रहे है। अभी तक वो 25 लाख राम नाम लिख चुके हैं।
इनमें से 15 लाख राम नाम के पत्रक वो चार साल पहले ऋषिकेश में गीता प्रेस के राम नाम बैंक में जमा करा चुके हैं। बाकी दस लाख राम नाम के पत्रक वो अब राम नाम बैंक में जमा कराएंगे। जहां से ये पत्रक अयोध्या भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा में भेजे जाएंगे।
उन्होंने बताया कि वो जब भी खाली समय मिलता है, राम नाम लिखते है। प्रतिदिन एक हजार से लेकर चार हजार तक राम नाम लिखते है। परिवार में उनकी पत्नी रेखा सिंघल, बेटा कपिल सिंघल, पुत्रवधू वर्षा सिंघल, पौत्री आध्या व ह्दया भी आस्थावान है। बेटा कपिल सिंघल भी प्रतिदिन राधे-राधे लिखते है और प्रत्येक महीने बांकेबिहारी के दर्शन को वृंदावन जाते है।
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सुशील सिंघल ने बताया कि अब भगवान श्रीराम का मंदिर बनने और उनकी मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होने पर वो परिवार समेत भगवान श्रीराम के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे। संकल्प पूरा हो गया, मगर राम नाम में ऐसा रम गए है कि अब भी रोजाना राम नाम लिखते है। उन्होंने बताया कि अब वो ज्ञान वापी और मथुरा में श्रीकृष्ण के मंदिर बनने का संकल्प लेकर राम नाम लिखते रहेंगे।