'रिंग ऑफ फायर' के नाम से प्रचलित कंकण सूर्यग्रहण आज भारत के साथ विश्व भर में दिखाई दिया। ज्योतिष वैैज्ञानिकों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज दिखने वाला सूर्य ग्रहण पूर्ण रूप से कुंडलाकार रहा।
Surya Grahan 2020: विश्व भर में आज दिखा दुर्लभ कुंडलाकार सूर्यग्रहण, इस समय खुलेंगे मंदिरों के कपाट
05 घंटे 48 मिनट अवधि का होगा सूर्य ग्रहण, आज शाम 4:00 बजे से दर्शन की अनुमति होगी
आज 3:00 बजे बाद खुलेंगे मंदिर के कपाट : शनिवार रात 9:15 मिनट पर सूतक काल लग गया था। इसलिए 21 जून रविवार सुबह मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। अपराह्न 3 बजे ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर में शुद्धिकरण के बाद शाम 4:00 बजे से दर्शन की अनुमति होगी।
दान एवं पुण्य पर भी ग्रहण: ग्रहण के बाद दान आदि का महत्व है। मंदिर में दान की अनुमति नहीं होगी।
देश में ग्रहण का समय व अवधि
- 9:15 सुबह देशभर में ग्रहण प्रारंभ
-10:17 कंकण प्रारंभ
-12:10 परमग्रास मध्य, कंकण प्रारंभ
-14:02 कंकण समाप्त
-15:04 ग्रहण समाप्त
ग्रहण की कुल अवधि:
5 घंटे 48 मिनट 3 सेकेंड
मेरठ में ग्रहण का समय
-10:21 ग्रहण प्रारंभ
-12:03 ग्रहण मध्य
-13:49 ग्रहण समाप्त
ग्रहण की कुल अवधि
3 घंटे 28 मिनट 24 सेकेंड
14 दिसंबर को अगला सूर्यग्रहण
ज्योतिष वैज्ञानिकों के अनुसार इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 14 दिसंबर को दिखेगा। यह सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका, अटलांटिक महासागर, अफ्रीका आदि देशों में देखा जा सकेगा।
ग्रहण में ये बरतें सावधानी
भागवत आचार्य पंडित रामप्रकाश शास्त्री के अनुसार ग्रहण से पूर्व और उपरांत स्नान अवश्य करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सात अनाज को अपने ऊपर से उताकर ग्रहण के बाद दान करना चाहिए। ग्रहण के दौरान अपने गुरु, इष्ट एवं देव पूजा करनी चाहिए। गो माता के नाम पर खल, चूरी आदि का दान करें। साथ ही ग्रहण के दौरान शीशा आदि न देखें। ग्रहण के उपरांत सूर्य देव को अर्घ्य दें।