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सुसाइड नोट का किया ड्रामा : करोड़ों रुपये लेकर लापता हुए व्यापारी भाई

Sat, 17 Sep 2016 10:29 PM IST
टीम डिजिटल
टीम डिजिटल Updated Sat, 17 Sep 2016 10:29 PM IST
सार

- अब्दुल्लापुर से लापता सीमेंट व्यापारी भाइयों के लापता होने का मामला
- अपने स्कूटर से परतापुर तक व्यापारी को छोड़ने वाले नौकर ने बताया सच
- सच सामने आने पर एसएसपी के निर्देश पर रोका गया गंगनहर में सर्च अभियान

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suicide karobari
suicude - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अब्दुल्लापुर के सीमेंट व्यापारी दो भाइयों द्वारा सुसाइड नोट छोड़कर गंगनहर में कूदने का दावा झूठा निकला। पुलिस की जांच में सामने आया कि दोनों भाई उधार और ब्याज के करोड़ों रुपये लेकर पूरी प्लानिंग के साथ फरार हुए हैं। इसकी कलई उसी नौकर ने शनिवार को एसएसपी और एसपी देहात के सामने खोल दी, जो व्यापारी को अपने स्कूटर से परतापुर तक छोड़कर आया था। सच सामने आने पर गंगनहर में चल रहा सर्च अभियान भी तुरंत बंद कर दिया गया।
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पुलिस के अनुसार भावनपुर थाना क्षेत्र के अब्दुल्लापुर निवासी सीमेंट व्यापारी जितेंद्र और रविंद्र मित्तल (दोनों भाई) 14 सितंबर (बुधवार) की रात अपने घर और ऑफिस में सुसाइड नोट छोड़कर लापता हो गए थे। नोट में जितेंद्र और रविंद्र के अलावा रविंद्र की पत्नी क्षमा और बेटे ऋषभ द्वारा रिश्तेदारों और सूदखोरों से तंग आकर जानी स्थित गंगनहर में कूदकर जान देने की बात लिखी गई थी। उनकी मारुति कार भी गंगनहर के पास ही लावारिस मिली थी। इनके सबसे बड़े भाई चतरसेन मित्तल की सूचना पर पीएसी और एनडीआरएफ के गोताखोरों द्वारा 15 सितंबर की सुबह से गंगनहर में सर्च अभियान चलाया जा रहा था।
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शनिवार सुबह एसएसपी जे. रविंदर गौड़, एसपी देहात प्रवीन रंजन, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनय प्रधान और चतरसेन मित्तल सहित करीब 25-30 लोगों के सामने जितेंद्र के नौकर अजय सैनी निवासी फूलबाग कालोनी ने पूरा सच सामने ला दिया। अजय ने बताया कि बीती बुधवार रात 11 बजे रविंद्र, उनकी पत्नी और बेटा परतापुर पहुंचे थे। जितेंद्र ने गंगनहर के पास ही अपनी कार लावारिस खड़ी कर दी थी। जिसके बाद वह जितेंद्र को स्कूटर से लेकर परतापुर छोड़ने गया था। दोनों भाइयों के पास बैग थे। जिन्होंने मुझे कोलकाता या मद्रास जाने की बात कही थी। मुझे धमकी भी दी थी कि यदि यह बात किसी को बतायी तो हम चारों नहर में कूद जाएंगे। इस सच को छिपाकर अगले दिन से नौकर अजय भी पुलिस के साथ नहर में सर्च अभियान में लग गया था।
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एसएसपी जे. रविंदर गौड ने बताया क‌ि व्यापारी परिवार ने कोई सुसाइड नहीं किया है। नौकर ने पूरी सच्चाई बताते हुए कहा कि वह मोटी रकम लेकर मद्रास या कोलकाता की तरफ चले गये। सर्च अभियान रोकते हुए व्यापारी परिवार की तलाश में पुलिस की टीमें लगाई गई हैं।

विदेश भागने की फिराक में थे व्यापारी भाई  
अब्दुल्लापुर के दोनों सीमेंट व्यापारी भाई जितेंद्र और रविंद्र मित्तल विदेश भागने की फिराक में थे। जितेंद्र का पासपोर्ट एक माह पहले ही बना था जबकि रविंद्र उसकी पत्नी और बेटे के पासपोर्ट पर आपत्ति लग गई थी। वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत बीस से अधिक लोगों ने व्यापारी भाइयों पर करोड़ों रुपये बकाया बताए हैं। इन भाइयों का पार्टनर अजय सैनी भी तीन दिन से पेट में सारे राज छिपाकर बैठा था।

एसपी देहात प्रवीण रंजन ने शनिवार को प्रेस वार्ता में बताया कि जांच में सामने आया है कि कुछ समय पहले दोनों भाइयों ने परीक्षितगढ़ में एक रिश्तेदार व सराफ से सोने की दो ईंट और तीन ईंट दूसरे स्थान से खरीदी थीं। पासपोर्ट बनवाने से माना जा रहा है कि इनकी प्लानिंग देश छोड़कर भागने की थी। हालांकि रविंद्र के परिवार का पासपोर्ट नहीं बन पाया था।
इस दौरान वहां मौजूद कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनय प्रधान, व्यापारी भाइयों के बड़े भाई चतरसेन मित्तल और करीब 20 से अधिक व्यापारियों ने बताया कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष, एक पूर्व जनप्रतिनिधि समेत कई बड़े लोगों की मोटी रकम दोनों भाइयों पर थी। जिसमें 50 से अधिक लोगों का कमेटी की रकम भी बताई गई। पुलिस ने बताया कि दोनों भाइयों के पास नोट गिनने की तीन मशीनें थीं।

पार्टनर और भतीजे से खुला राज
एसपी देहात के अनुसार दोनों भाइयों के पास रहने वाले फूलबाग कॉलोनी निवासी अजय सैनी पुत्र रामचंद्र सैनी हाल पता गोकुलधाम कालोनी ने पहले तो अपने को नौकर बताया। लेकिन बाद में चतरसेन मित्तल और कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बात की तो वह पार्टनर बताने लगा। उसने बताया कि बीती बुधवार रात जितेंद्र ने रविंद्र और उसके परिवार को कार से परतापुर छोड़ा था। जिसके बाद जितेंद्र ने जानी गंगनहर के पास कार छोड़ दी। वहां से मैं जितेंद्र को अपने स्कूटर से लेकर परतापुर पहुंचा। मुझे उन्होंने कसम खिलायी थी कि यदि गायब होने का राज कहीं खोला तो हम सभी नहर में कूद जाएंगे। बृहस्पतिवार को अजय दिन भर सर्च अभियान में रहा। लेकिन अगले दिन अजय ने जितेंद्र व रविंद्र मित्तल के रिश्ते के भतीजे मोहित गुप्ता निवासी जेलचुंगी (सूरजकुंड स्थित बीएलएम स्पोर्ट्स में जितेंद्र-रविंद्र का पार्टनर) को सच्चाई बता दी। इसके बाद यह बात फैलते-फैलते पुलिस तक पहुंच गई। वहीं, पुलिस जितेंद्र के हल्द्वानी में रहने वाले बेटे क ी संपत्ति की भी जांच कर रही है। उधर, चतरसेन ने भावनपुर थाने पर अपने दोनों भाइयों की गुमशुदगी दर्ज करायी है।


एसपी देहात डॉ. प्रवीन रंजन ने बताया कि दोनों भाई कई बड़े कारोबारियों, नेताओं और व्यापारियों के अलावा कमेटी का करोड़ों रुपये लेकर फरार हुए हैं। सुसाइड नोट महज एक ड्रामा है। अभी तक की जांच में सौ करोड़ से ज्यादा की रकम ले जाने की बात सामने आयी है।-
- अब्दुल्लापुर से लापता सीमेंट व्यापारी भाइयों के लापता होने का मामला - अपने स्कूटर से परतापुर तक व्यापारी को छोड़ने वाले नौकर ने बताया सच - सच सामने आने पर एसएसपी के निर्देश पर रोका गया गंगनहर में सर्च अभियान
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