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स्टडी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा : 45 पार वालों पर कोरोना कर रहा जानलेवा वार, 20 साल से कम उम्र के सभी सुरक्षित 

Sun, 02 May 2021 06:22 PM IST
Dimple Sirohi अरीश रिजवी, अमर उजाला, मेरठ
अरीश रिजवी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 02 May 2021 06:22 PM IST
सार

  • पिछले 15 दिनों में कोरोना से हुई 155 लोगों की मौत पर हुई स्टडी में खुलासा 
  • मरने वालों में 70 प्रतिशत लोग 45 साल से अधिक उम्र के, 20 साल से कम उम्र के सभी सुरक्षित

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study report says that corona attack on 45 crosses, all under the age of 20 are safe
सोशल मीडिया - फोटो : social media

विस्तार

कोरोना जान का दुश्मन बन गया है। खासकर 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए यह अधिक खतरनाक साबित हो रहा है। पिछले 15 दिनों में कोरोना से हुई 155 लोगों की मौत पर हुई स्टडी में खुलासा हुआ है। मरने वालों में 109 लोग यानी करीब 70 प्रतिशत लोग 45 साल से अधिक उम्र के थे और कोरोना के अलावा किसी अन्य बीमारी से भी ग्रसित थे। इनमें 20 साल से कम उम्र के किसी की भी मृत्यु कोरोना से नहीं हुई। 40 साल से कम उम्र वालों की संख्या भी कम है।
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ये मृत्यु मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में हुई हैं। इनमें मेरठ के अलावा गाजियाबाद, बुलंदशहर, बिजनौर, बागपत, हापुड़ आदि जिलों के भी मरीज शामिल हैं। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि मरने वाले मरीजों में भी अधिक वह हैं जो पहले से किसी ना किसी बीमारी से पीड़ित रहे थे। खासकर शुगर, हृदय रोग, श्वास रोग और किडनी रोग शामिल हैं।
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जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि इस रोग से कोई भी प्रभावित हो सकता है। किसी व्यक्ति में यह संक्रमण बहुत हल्का हो सकता है, जहां संक्रमण के कोई संकेत या लक्षण नहीं दिखते, लेकिन फिर भी वह व्यक्ति इस वायरस का वाहक बन सकता है।

उस व्यक्ति से यह दूसरे व्यक्ति में पहुंच सकता है, इसलिए हर किसी को सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखनी चाहिए और हाथ साफ रखने के नियमों का सख्ती से पालन करने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि लगातार बड़ी संख्या में मरीज मिल रहे हैं, लेकिन अभी भी वक्त है संभल सकते हैं।

आंकड़ों पर नजर
उम्र                       मौत 
20-29                   05
30-39                   24
40-49                   34
50-59                   34
60-69                   31
70 से अधिक          27
45 साल से अधिक- 155 में से 109 लोग हैं। 
(14 से 28 अप्रैल तक हुई मृत्यु)

फेफड़ों की नसों में ब्लड क्लॉटिंग हो रही 
सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि कोरोना वायरस की वजह से फेफड़ों की नसों में ब्लड क्लॉटिंग हो रही है। इसकी वजह से ऑक्सीजन के रास्ते बंद हो जाते हैं और मरीजों की मौत हो जाती है। दूसरी बीमारियों की तुलना में कोरोना वायरस ज्यादा ब्लड क्लॉटिंग बना रहा है। कोरोना वायरस की वजह से क्लॉटिंग क्यों बन रही है, अभी इस पर रिसर्च जारी है।

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