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मांगों को लेकर तहसील पर चार घंटे धरना, नोकझोंक

Thu, 28 Nov 2019 02:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2019 02:09 AM IST
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strike on tasheel due to some demands , arrgued
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के धरने में कार्यकर्ताओं व किसानों को समझाते एसडीएम अंकुर श्रीवास? - फोटो : MAWANA
मवाना। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने बकाया गन्ना भुगतान तथा पराली जलाने के आरोप में किसानों पर दर्ज मुकदमों तथा जुर्माने के खिलाफ तहसील में धरना प्रदर्शन किया। चार घंटे तक प्रदर्शन में कई बार हंगामा और नोकझोक हुई। एसडीएम, सीओ व मिल अधिकारियों किसानों से वार्ता की। मिल अधिकारियों ने दिसंबर तक बकाया गन्ना भुगतान करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
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सुबह 11 बजे तहसील में संगठन के लोग पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया। किसानों का आरोप था कि मवाना चीनी मिल पर किसानों का पिछले सत्र का करोड़ों रुपये गन्ना भुगतान बकाया है। वहीं, पराली जलाने पर किसानों पर तुरंत मुकदमें किए जा रहे हैं जबकि फै क्ट्रियां कारखाने लगातार जहरीला धुआं उगल रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मुकदमों को वापस लेने की मांग की। इस दौरान काफी नारेबाजी हुई और हंगामा हुआ। जानकारी पर एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव व चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक प्रमोद बालियान किसानों के बीच पहुंचे और संबंधित बिंदुओं पर वार्ता की। किसानों ने दो टूक कहा कि खेतों में पड़ी पत्ती को नहीं जलाएंगे तो कहां लेकर जाएंगे। इस पर एसडीएम ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि शासनादेश पर ही प्रशासन द्वारा प्रदूषण रोकने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से खेतों में पत्ती नहीं जलाने की अपील की। गन्ना महाप्रबंधक प्रमोद बालियान ने कहा कि मिल ने किसानों का 82 प्रतिशत भुगतान कर चुकी है। फिलहाल 300 करोड़ रूपये की चीनी का स्टाक है। सरकार द्वारा निर्धारित कोटे के आधार पर चीनी की बिक्री की जा रही है। किसानों का बकाया करीब 100 करोड़ रुपये का भुगतान दिसंबर माह के अंत तक कर दिया जाएगा। हालांकि किसानों ने खेतों में ही पत्ती जलाने का एलान कर दिया। एसडीएम ने कहा कि पत्तियों न जलाकर खेतों में खाद के रूप में इस्तेमाल करें।
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इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने मांगों को लेकर सीएम के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।धरने का नेतृत्व हरबीर सिंह निलौहा ने किया। इस मौके पर नरेंद्र खजूरी, राहुल चौधरी, आलोक चौधरी, सुखपाल सिंह, गौरव राहवती, विरेंद्र सिंह, संग्राम सिंह, देवेंद्र सिंह, लोकेश सिरोही, विनोद कुमार, शरणबीर सिंह, सुदेश कुमार, विजयपाल सिंह, महक सिंह, नेपाल सिंह, अजय कुमार आदि किसान मौजूद रहे। करीब चार घंटे तक हंगामा रहा।
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अधिकारियों को अपने साथ बैठाया
धरना स्थल पर पहुंचे मिल के गन्ना महाप्रबंधक प्रमोद बालियान को किसानों ने जमीन पर बैठा लिया। बालियान ने कहा कि 11 लाख चीनी के बोरे का स्टॉक हैं। परंतु सरकार के नियम अनुसार ब्रिकी करनी पड़ रही है। हालांकि मिल द्वारा 80 हजार क्विंटल रॉ शुगर बाहर भेजी जा चुकी है। जिस पर प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों का मिल पर लगभग 100 करोड़ रुपया बकाया है। जिसका दिसंबर माह तक हर हाल में भुगतान कर दिया जाएगा। डिस्टलरी लगाने का प्रयास है। स
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