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मानदेय नहीं मिलने पर कर्मचारियों का धरना
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नगर पंचायत हर्रा में मानदेय नहीं मिलने के कारण धरने पर बैठे कर्मचारी।
- फोटो : SARDANA
सरूरपुर। पिछले पांच माह से संविदा कर्मचारियेें का मानदेय नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। इसे लेकर न तो नगर पंचायत प्रशासन गंभीर है और न ही ठेकेदार। जिसके चलते सोमवार को परेशान संविदा कर्मचारियों ने नगर पंचायत हर्रा के कार्यालय पर धरना दिया।
नगर पंचायत हर्रा में सोमवार को संविदा कर्मचारी पांच माह से मानदेय नहीं मिलने को लेकर धरने पर बैठ गए। चेयरपर्सन पति गुलजार चौधरी एवं कर्मचारी मिलकर अधिशासी अधिकारी के तबादले की मांग करते रहे। बताया कि नगर पंचायत में अबरार, फजलुर रहमान, समीर, अरशद, दीपक, साजिद, आसिफ आदि नगर पंचायत कार्यालय में ठेके पर कर्मचारी हैं। इन्हें पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। उनका कहना है कि अधिशासी अधिकारी का कहना है कि वे ठेकेदार के नियंत्रण में हैं। वहीं, ठेकेदार अशोक ढाका का कहना है कि नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी उन्हें इस काम भुगतान जारी नहीं कर रही है। जिसके चलते मानदेय देने में असमर्थ हैं। उन्होंने अधिशासी अधिकारी एवं ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप है कि सूचना पाकर अधिशासी अधिकारी पवित्रा त्रिपाठी मौके पर पहुंचीं और जमकर हड़काया। इस पर नगर पंचायत चेयरपर्सन पति गुलजार चौधरी पहुंचे और मानदेय दिलाने की अधिशासी अधिकारी से मांग की। पीड़ित कर्मचारियों ने अधिशासी अधिकारी का तबादला किए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक ईओ का दबाव खत्म नहीं होगा वे काम पर नहीं लौटेंगे। दूसरी ओर कर्मचारी और ईओ में तनातनी को लेकर कार्यालय समय से पहले ही बंद कर दिया गया।
अधिशासी अधिकारी के तानाशाही रवैये के कारण कर्मचारियों को मानदेय नहीं मिल रहा है। साथ ही कस्बे में विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं।-हुस्नो बेगम, चेयरपर्सन नगर पंचायत हर्रा।
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ठेके पर तैनात कर्मचारी कर वसूली, जांच रिपोर्ट कार्यालय में जमा नहीं कर रहे हैं। वहीं, कर्मचारी गलत तरीके से जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का दबाव बनाते हैं। ऐसा नहीं करने पर कर्मचारी चेयरपर्सन पति के साथ मिलकर कार्यालय में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, चेयरपर्सन पति कार्यालय की पत्रावली अपने घर पर मंगाने के लिए दबाव बनाते हैं। सोमवार को चेयरपर्सन ने ठेके के कर्मचारियों के साथ मिलकर कार्य बहिष्कार किया। जिससे कोई सरकारी कार्य संपन्न नहीं हो सका। जिसको लेकर इनके खिलाफ उच्चाधिकारियों को कार्रवाई हेतु रिपोर्ट भेजी जाएगी। मेरे कार्यालय पहुंचने पर किसी कर्मचारी ने मानदेय संबंधी कोई समस्या नहीं रखी।-पवित्रा त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत हर्रा।
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नगर पंचायत हर्रा में सोमवार को संविदा कर्मचारी पांच माह से मानदेय नहीं मिलने को लेकर धरने पर बैठ गए। चेयरपर्सन पति गुलजार चौधरी एवं कर्मचारी मिलकर अधिशासी अधिकारी के तबादले की मांग करते रहे। बताया कि नगर पंचायत में अबरार, फजलुर रहमान, समीर, अरशद, दीपक, साजिद, आसिफ आदि नगर पंचायत कार्यालय में ठेके पर कर्मचारी हैं। इन्हें पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। उनका कहना है कि अधिशासी अधिकारी का कहना है कि वे ठेकेदार के नियंत्रण में हैं। वहीं, ठेकेदार अशोक ढाका का कहना है कि नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी उन्हें इस काम भुगतान जारी नहीं कर रही है। जिसके चलते मानदेय देने में असमर्थ हैं। उन्होंने अधिशासी अधिकारी एवं ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप है कि सूचना पाकर अधिशासी अधिकारी पवित्रा त्रिपाठी मौके पर पहुंचीं और जमकर हड़काया। इस पर नगर पंचायत चेयरपर्सन पति गुलजार चौधरी पहुंचे और मानदेय दिलाने की अधिशासी अधिकारी से मांग की। पीड़ित कर्मचारियों ने अधिशासी अधिकारी का तबादला किए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक ईओ का दबाव खत्म नहीं होगा वे काम पर नहीं लौटेंगे। दूसरी ओर कर्मचारी और ईओ में तनातनी को लेकर कार्यालय समय से पहले ही बंद कर दिया गया।
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अधिशासी अधिकारी के तानाशाही रवैये के कारण कर्मचारियों को मानदेय नहीं मिल रहा है। साथ ही कस्बे में विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं।-हुस्नो बेगम, चेयरपर्सन नगर पंचायत हर्रा।
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ठेके पर तैनात कर्मचारी कर वसूली, जांच रिपोर्ट कार्यालय में जमा नहीं कर रहे हैं। वहीं, कर्मचारी गलत तरीके से जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का दबाव बनाते हैं। ऐसा नहीं करने पर कर्मचारी चेयरपर्सन पति के साथ मिलकर कार्यालय में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, चेयरपर्सन पति कार्यालय की पत्रावली अपने घर पर मंगाने के लिए दबाव बनाते हैं। सोमवार को चेयरपर्सन ने ठेके के कर्मचारियों के साथ मिलकर कार्य बहिष्कार किया। जिससे कोई सरकारी कार्य संपन्न नहीं हो सका। जिसको लेकर इनके खिलाफ उच्चाधिकारियों को कार्रवाई हेतु रिपोर्ट भेजी जाएगी। मेरे कार्यालय पहुंचने पर किसी कर्मचारी ने मानदेय संबंधी कोई समस्या नहीं रखी।-पवित्रा त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत हर्रा।