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MBBS परीक्षा की कॉपियां बदलने का खेल, अब यहां छापेमारी, दो छात्र गिरफ्तार

Tue, 20 Mar 2018 12:32 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Tue, 20 Mar 2018 12:32 PM IST
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STF raid, rigged to change copies of MBBS exams
एसटीएफ की छापा - फोटो : अमर उजाला

सीसीएसयू में एमबीबीएस छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने के मामले में एसटीएफ मेरठ ने मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज बेगराजपुर में छापा मारकर एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के दो छात्रों को गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों छात्रों की कॉपियों पर ही एसटीएफ ने मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं फरार अन्य कर्मचारियों की तलाश में भी मेरठ और अलीगढ़ में दबिश दी गई। 

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एसपी एसटीएफ आलोक प्रियदर्शी के अनुसार एमबीबीएस की दोनों कॉपियां एफआईआर में शामिल की गई हैं। दोनों कॉपियां आयुष पुत्र डॉ. सुनील कुमार निवासी पानीपत और स्वर्णजीत पुत्र यशवीर निवासी संधाली संगरूर, पंजाब के नाम की थीं। एसटीएफ के इंस्पेक्टर राकेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज पहुंचकर प्रबंध तंत्र से पूछताछ की। सोमवार को दोनों छात्रों की परीक्षा थी। दोनों छात्रों को कस्टडी में लेकर उनकी परीक्षा दिलाने के बाद टीम उन्हें लेकर मेरठ पहुंच गई।
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कॉलेज का कोई हाथ नहीं 
कॉलेज के कोषाध्यक्ष गौरव स्वरूप ने बताया कि उत्तर पुस्तिका कांड में कॉलेज का कोई हाथ नहीं है। दोषी लोगों पर कार्रवाई की जाए। छात्रा की प्रथम व द्वितीय वर्ष में सप्लीमेंट्री आई है। अगर वह दूसरों को पास कराती तो अपने आप भी पास हो जाती। हां, इन छात्रों ने जरूर पास होने के नाम पर गिरोह को पैसे दिए होंगे। एसटीएफ इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने बताया कि केस में संदिग्ध मानी जा रही एक छात्रा का फिलहाल कोई रोल नहीं मिला है।
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पढ़ें : मेरठ: कॉपियां बदलकर 600 मुन्नाभाई बन गए डॉक्टर, 4 आरोपी गिरफ्तार

हमें संदीप ने फंसवाया

STF raid, rigged to change copies of MBBS exams
मुजफ्फरनगर डिग्री कॉलेज - फोटो : अमर उजाला

एमबीबीएस के दोनों छात्रों ने पूछताछ में बताया कि अंबाला निवासी संदीप की बेटी मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज की छात्रा है। संदीप उन्हें कहता था कि अच्छे नंबर दिलवाएगा। संदीप ने ही उनकी कांपियों में खेल कराकर फंसाया है। संदीप ने अपनी बेटी की कॉपी क्यों नहीं बदलवायी। हालांकि इस छात्रा को एसटीएफ ने फिलहाल छोड़ दिया है, लेकिन जांच सूची में इसका नाम दर्ज किया है।

आयुष के पिता हैं वरिष्ठ डॉक्टर
एसटीएफ के एसपी ने बताया कि आयुष के पिता डॉ. सुनील कुमार हृदय रोग विशेषज्ञ हैं। कुछ दिन पहले वे गुड़गांव के एक अस्पताल में डॉक्टर थे। पूछताछ में आयुष और सुनील कुमार ने बताया कि सीसीएसयू का का छात्रनेता कविराज चार साल से उनका मित्र था। उन्होंने कॉपी बदलवाने के लिए कभी नहीं कहा था। लेकिन कविराज उनके घर तक भी जुड़ा हुआ था। छात्रनेता कविराज का दोनों छात्रों के परिजनों के यहां भी आना-जाना था। 15 मार्च को ही कविराज ने कहा था कि वह खाली कॉपी दें, नंबर अच्छे आ जाएंगे। कविराज के झांसे में छात्र फंस गए।

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