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मेरठ: कॉपियां बदलकर 600 मुन्नाभाई बन गए डॉक्टर, 4 आरोपी गिरफ्तार

Sun, 18 Mar 2018 10:16 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Sun, 18 Mar 2018 10:16 AM IST
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STF exposed gangs that changed answer sheet in Chaudhary Charan Singh University, Meerut
एसटीएफ की गिरफ्त में कॉपियां बदलने वाले गिरोह के गुर्गे - फोटो : अमर उजाला

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में उत्तर पुस्तिकाएं बदलने के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। सामने आया है कि चार सालों में लगभग 600 नाकाबिल अभ्यर्थी एमबीबीएस की कॉपियां बदलवाकर डॉक्टर बन गए। एसटीएफ ने पूरे मामले का भंडाफोड़ करते हुए विवि के तीन कर्मचारियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

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साथ ही उन मुन्नाभाई डॉक्टरों की भी जांच शुरू करने की बात कही जा रही है जिन्होंने कॉपियां बदलवाकर एमबीबीएस पास किया है। आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि फर्जीवाड़ा करने वाले डॉक्टरों की संख्या और भी बढ़ सकती है। यह जाल हरियाणा तक फैला है। कॉपियां बदलने का यह खेल केवल एमबीबीएस तक ही सीमित नहीं था बल्कि एलएलबी, स्नातक और परास्नातक की भी उत्तर पुस्तिकाएं बदली गई। फिलहाल एसटीएफ ने अपनी जांच एमबीबीएस परीक्षाओं पर ही केंद्रित की है।
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कॉपियां बदलवाने के खेल का एसटीएफ ने शनिवार को खुलासा कर दिया। एसटीएफ के एसपी आलोक प्रियदर्शी और सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह के  मुताबिक करोड़ों रुपये का खेल करने वाले इस गिरोह के तार यूनिवर्सिटी के अधिकारियों तक जुड़े हो सकते हैं तथा इनका नेटवर्क यूपी, हरियाणा व दिल्ली समेत कई राज्यों तक फैला है। शनिवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में चारों आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया।
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अधिकारियों ने बताया है कि सीसीएसयू में कॉलेज व इंस्टीट्यूट में होने वाली परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं रखी होती थीं। उत्तर पुस्तिका अनुभाग इंचार्ज पवन से साठगांठ कर यह गिरोह उत्तर पुस्तिकाएं बदलते थे। स्नातक और परास्नातक के साथ साथ पिछले चार सालों से यह गिरोह एमबीबीएस और एलएलबी की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने का धंधा चला रहे थे।

ऐसे बदली जाती थीं कॉपियां

STF exposed gangs that changed answer sheet in Chaudhary Charan Singh University, Meerut
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ मेरठ ने शुक्रवार की रात गढ़ रोड पर दुर्गापुरम, मेडिकल में छापा मारा। जहां से एक छात्रनेता कविराज निवासी शाहपुर श्योहारा बिजनौर को गिरफ्तार किया। उसके कमरे से मेडिकल कॉलेज बेगराज मंसूरपुर, मुजफ्फरनगर की एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की परीक्षा की लिखी हुई दो उत्तर पुस्तिकाएं मिलीं। पूछताछ में कविराज ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाएं बदलने में यूनिवर्सिटी के तीन कर्मचारी पवन कुमार, कपिल और संदीप शामिल हैं। इन तीनों आरोपियों को भी पकड़ लिया गया।

सीओ बृजेश सिंह के मुताबिक आरोपी कविराज ने बताया कि 1.20 लाख से 1.50 लाख रुपये में एक उत्तर कॉपी बदलने का सौदा होता था। 10 हजार रुपये यूनिवर्सिटी में संविदा कर्मचारी कपिल को जाते थे जो यूनिवर्सिटी की खाली उत्तर पुस्तिकाएं लाकर देता था। 35 से 65 हजार रुपये पवन, कपिल को जाते थे। पवन यूनिवर्सिटी का स्थायी कर्मचारी था, जोकि परीक्षा उत्तर पुस्तिका अनुभाग में तैनात था। कपिल संविदा कर्मचारी था। पवन व कपिल उत्तर पुस्तिकाओं का ऊपर का पेज छोड़कर अंदर की कॉपी हटाकर दूसरी कॉपियां लगाते थे। अभ्यर्थी द्वारा दी कॉपी फिर पुरानी उत्तर पुस्तिकाएं में पंच होकर अंदर रखी जाती थीं। वहीं, स्नातक और परास्नातक की कॉपी 10 से 20 हजार में बदली जाती थीं।

600 कॉपियां बदलना कबूला
आरोपियों ने बताया कि यूनिवर्सिटी में यह धंधा वर्ष 2014 से चल रहा है। हर साल 100 से 150 कॉपियां बदलना आम था। इन चार वर्षों में करीब 600 उत्तर पुस्तिकाएं बदलना आरोपियों ने कबूल किया है। एमबीबीएस की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने में कर्मचारियों को अच्छा पैसा मिलता था। इस गिरोह में यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के जुड़ने का भी अंदेशा जताया जा रहा है।

दरअसल, मेरठ विवि से जुड़े मेरठ मेडिकल कालेज में हर साल एमबीबीएस 150 सीटें, मुजफ्फरनगर मेडिकल कालेज की 100 सीटें,  सरस्वती मेडिकल कालेज हापुड़, रामा कालेज हापुड़ तथा संतोष मेडिकल कालेज गाजियाबाद की सौ सीटें हैं जिनकी उत्तर पुस्तिकाएं भी मेरठ विवि में ही रखी जाती हैं। इसके अलावा सहारनपुर मेडिकल कालेज में भी सौ सीटें हैं पर इस कालेज का बैच अभी नहीं निकला है।

हरियाणा की युवती कराती थी संपर्क

एसटीएफ के एसपी ने बताया कि हरियाणा निवासी संदीप की बेटी मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा है। छात्रा से छात्रनेता कविराज की जान पहचान है। छात्रा अभ्यर्थी को कविराज से पास भेजती थी। उसके बाद कविराज सौदा करता था। कविराज अंबेडकर कॉलेज से बीए कर चुका है। फिलहाल वह यही धंधा कर रहा था।

ये हैं गिरफ्तार आरोपी
- कविराज पुत्र हरपाल सिंह
निवासी : शाहपुर श्योहारा बिजनौर
शिक्षा : बीए पास
हाल पता : जागृति विहार सेक्टर-3 मेडिकल
 
- कपिल कुमार पुत्र उदयराम सिंह
निवासी : गौतमनगर ब्रह्मपुरी
शिक्षा:  इंटर
तैनाती : यूनिवर्सिटी में संविदा कर्मचारी

- संदीप कुमार पुत्र गुलचंद
निवासी जयभीमनगर, मेडिकल मेरठ
शिक्षा : पोस्ट ग्रेजुएट
तैनाती: यूनिवर्सिटी में संविदा कर्मचारी

- पवन कुमार पुत्र स्व. सुल्तान सिंह
निवासी: डी-18 यूनिवर्सिटी कैंपस
शिक्षा: पोस्ट ग्रेजुएट
तैनाती: पुस्तिका अनुभाग में इंचार्ज (स्थायी कर्मचारी)

आरोपियों पर यह हुई कार्रवाई
एसटीएफ ने चारों आरोपियों के खिलाफ मेडिकल थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्थायी कर्मचारी पवन कुमार को सस्पेंड कर दिया। संविदा कर्मचारी कपिल, संदीप का कार्यकाल समाप्त कर दिया। इस मामले की जांच कराने के लिए यूनिवर्सिटी ने एक कमेटी गठित की है। देर रात विवि के और कर्मचारी चंद्रप्रकाश और सुलेख चंद के नाम भी मुकदमे में  शामिल करते हुए एसटीएफ द्वारा तलाश शुरू कर दी गई।

ये हुआ बरामद
एमबीबीएस की लिखी हुई दो उत्तर पुस्तिकाएं, एक लाख पांच हजार रुपये, चार मोबाइल फोन, एक आधार कार्ड और एक आई कार्ड।
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