{"_id":"58dea0f44f1c1b866b63de44","slug":"ssp-order-police-station-do-not-follow","type":"story","status":"publish","title_hn":"कप्तान के ’नियम कानून’ की थाने में उड़ी धज्जियां ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कप्तान के ’नियम कानून’ की थाने में उड़ी धज्जियां
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Apr 2017 02:31 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अफसरों के तमाम प्रयासों के बावजूद थानों की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रहीं। कप्तान द्वारा बताए ‘नियम कानून’ की सिविल लाइन थाने की पुलिस ने दूसरे दिन ही धज्जियां उड़ा दीं। आगंतुक कक्ष से डेस्क ऑफिसर गायब थे और मुंशियों ने ऑफिस में पंचायत बैठा रखी थी। इसी थाने में पुलिस ने बृहस्पतिवार को मीडिया को फरमान सुनाया था, ताकि उनकी कोई कमियां उजागर न हो सके।
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बृहस्पतिवार को सिविल लाइन थाने का निरीक्षण किया था। जहां आगंतुक कक्ष में दरोगा का बेड, थाने में शराब की बोतलें और गंदगी देखकर एसएसपी ने इंस्पेक्टर को फटकार जमकर लगाई थी। एसएसपी ने निर्देश दिए थे कि आगंतुक कक्ष में डेस्क ऑफिसर फरियादियों की शिकायत सुनेंगे। फरियादियों को मुंशी के ऑफिस में जाने की जरूरत नहीं है। क्योंकि मुंशियों पर फरियादियों से पैसा लेने का आरोप लगते रहे हैं।
एसएसपी के जाने के तुरंत बाद थाना पुलिस ने फरमान सुनाया कि मीडिया कर्मियों की थाने में एंट्री नहीं होगी। इसके बाद आगंतुक कक्ष से दरोगा के बेड हटाकर डेस्क ऑफिसर को बैठाया गया। यह प्रक्रिया शुक्रवार को दम तोड़ गई। एसएसपी के सिविल लाइन थाना पुलिस को बताए नियम कायदों की शुक्रवार दोपहर अमर उजाला ने जांच की तो वहां मामला कुछ ओर ही निकला। आगंतुक कक्ष से डेस्क ऑफिसर गायब थे और मुंशी के ऑफिस में पंचायत लगी थी।
विज्ञापन
कांस्टेबल ने सुनी समस्याएं
शुक्रवार को सिविल लाइन थाने में डेस्क ऑफिसर दरोगा श्री निवास यादव और कांस्टेबल प्रियंका यादव थी। दरोगा दिनभर कचहरी में दूसरे कामों में व्यस्त बताए गए। जबकि महिला कांस्टेबल दोपहर तक आगंतुक कक्ष में अकेली फरियादियों की समस्या सुनती रही। दोपहर बाद फरियादी सीधे मुंशी के ऑफिस में जाने लगे, जहां पर उनका शाम तक जमावड़ा रहा।
भैया यहां तो हमें ही देखना है
मुंशी के ऑफिस में फरियादियों का जमवाड़ा देखकर मीडिया कर्मियों ने डेस्क ऑफिसर के बारे में पूछा तो मुंशी बोले कि थाने की व्यवस्था तो हमें ही संभालनी होगी। पुलिस अधिकारी आते और नए नियम बनाकर चले जाते हैं। हालांकि साकेत चौकी इंचार्ज धनवीर सिंह यादव ने थाने में गैलरी में बैठकर लोगों की समस्या सुनीं।
विज्ञापन
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बृहस्पतिवार को सिविल लाइन थाने का निरीक्षण किया था। जहां आगंतुक कक्ष में दरोगा का बेड, थाने में शराब की बोतलें और गंदगी देखकर एसएसपी ने इंस्पेक्टर को फटकार जमकर लगाई थी। एसएसपी ने निर्देश दिए थे कि आगंतुक कक्ष में डेस्क ऑफिसर फरियादियों की शिकायत सुनेंगे। फरियादियों को मुंशी के ऑफिस में जाने की जरूरत नहीं है। क्योंकि मुंशियों पर फरियादियों से पैसा लेने का आरोप लगते रहे हैं।
विज्ञापन
एसएसपी के जाने के तुरंत बाद थाना पुलिस ने फरमान सुनाया कि मीडिया कर्मियों की थाने में एंट्री नहीं होगी। इसके बाद आगंतुक कक्ष से दरोगा के बेड हटाकर डेस्क ऑफिसर को बैठाया गया। यह प्रक्रिया शुक्रवार को दम तोड़ गई। एसएसपी के सिविल लाइन थाना पुलिस को बताए नियम कायदों की शुक्रवार दोपहर अमर उजाला ने जांच की तो वहां मामला कुछ ओर ही निकला। आगंतुक कक्ष से डेस्क ऑफिसर गायब थे और मुंशी के ऑफिस में पंचायत लगी थी।
विज्ञापन
कांस्टेबल ने सुनी समस्याएं
शुक्रवार को सिविल लाइन थाने में डेस्क ऑफिसर दरोगा श्री निवास यादव और कांस्टेबल प्रियंका यादव थी। दरोगा दिनभर कचहरी में दूसरे कामों में व्यस्त बताए गए। जबकि महिला कांस्टेबल दोपहर तक आगंतुक कक्ष में अकेली फरियादियों की समस्या सुनती रही। दोपहर बाद फरियादी सीधे मुंशी के ऑफिस में जाने लगे, जहां पर उनका शाम तक जमावड़ा रहा।
भैया यहां तो हमें ही देखना है
मुंशी के ऑफिस में फरियादियों का जमवाड़ा देखकर मीडिया कर्मियों ने डेस्क ऑफिसर के बारे में पूछा तो मुंशी बोले कि थाने की व्यवस्था तो हमें ही संभालनी होगी। पुलिस अधिकारी आते और नए नियम बनाकर चले जाते हैं। हालांकि साकेत चौकी इंचार्ज धनवीर सिंह यादव ने थाने में गैलरी में बैठकर लोगों की समस्या सुनीं।