यौन शोषण केस : दोषी बाबा के 'बरनावा आश्रम' की जांच करेगी स्पेशल टीम
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प्रशासन ने बरनावा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम पर भी शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। सूबे में डेरे के सबसे बड़े आश्रम की जमीन और उसके मालिकाना हक की जांच के लिए एसडीएम ने चकबंदी विभाग और वन विभाग की एक संयुक्त टीम बनाई है।
एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है वन विभाग की जमीन भी आश्रम की जमीन में मिला ली गई है, इसलिए संयुक्त टीम बनाकर जांच कराई जा रही है।
बिनौली थाना क्षेत्र के बरनावा में डेरा सच्चा सौदा आश्रम की स्थापना वर्ष 1980 में की गई थी। तब से अब तक डेरे को लेकर कई विवाद उठे, कई सवाल उठते रहे हैं, इनमें एक विवाद वन विभाग की जमीन पर कब्जे का भी उठता रहा, लेकिन प्रशासन इसकी तह तक जाने से बचता रहा। अब हरियाणा पंजाब में डेरा समर्थकों द्वारा की गई हिंसा के बाद यह विवाद फिर से फाइलों से बाहर आया है। हरियाणा-पंजाब के आश्रमों पर वहां की सरकारों ने शिकंजा कसा तो बागपत प्रशासन को भी वन विभाग की जमीन पर आश्रम के कब्जे संबंधित शिकायतों की सुध आई। 40 साल बाद प्रशासन बरनावा स्थित डेरा सच्चा सौदा के आश्रम की जमीन की पैमाइश करा रहा है।
नुकसान की भरपाई डेरा की संपत्तियों से करने के निर्देश दिए
चंडीगढ़ हाईकोर्ट ने हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई डेरा की संपत्तियों से करने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग की जमीन पर आश्रम का कब्जा है या नहीं, यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि अब तक प्रशासन इन शिकायतों को क्यों दबाए बैठा था। प्रशासन ने अपने अभिलेख भी खंगालने शुरू कर दिए हैं। देखा जा रहा है कि आश्रम के आसपास कितनी जमीन वन विभाग या किसी अन्य विभाग की है। आश्रम ने किन- किन खसरा संख्या का बैनामा कराया है, ताकि पैमाइश के दौरान अभिलेखों से इसका मिलान कराया जा सके।
एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार का कहना है कि चकबंदी विभाग के एसीओ, चकबंदी लेखपाल, वन विभाग के उप रेंजर की संयुक्त टीम बनाकर आश्रम की जमीन की पैमाइश कराने के निर्देश दिए हैं।
डेरा सच्चा सौदा आश्रम सेवादार बिजेंद्र कश्यप ने बताया कि आश्रम हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। आश्रम की हर इंच जमीन का बैनामा है। करीब साढे़ तीन सौ बीघा जमीन पर आश्रम है और ढाई सौ बीघा कृषि भूमि है। यह जमीन का पुष्ट रिकॉर्ड नहीं है, क्योंकि जिन सेवादारों के पास जमीन का लेखा जोखा है, वह इन दिनों सिरसा गए हुए हैं।
शहर में पुलिस की गश्त
संत गुरुमीत राम रहीम के यौन शोषण के मामले में दोषी करार देने के बाद नगर में पुलिस प्रशासन चौकसी रखे हैं। रविवार को पुलिस ने नगर में गश्त किया। वहीं धार्मिक स्थलों में संदिग्ध लोगों को तलाश किया, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। कोतवाली प्रभारी हरे राम यादव ने अर्द्धसैनिक बलों और पुलिस के साथ शहर में फ्लैग मार्च कर धार्मिक स्थलों में तलाशी अभियान चलाया।
उठते रहे हैं विवाद
बिनौली थाना क्षेत्र के बरनावा में डेरा सच्चा सौदा आश्रम की स्थापना वर्ष 1980 में की गई थी। तब से अब तक डेरे को लेकर कई विवाद उठे, कई सवाल उठते रहे हैं, इनमें एक विवाद वन विभाग की जमीन पर कब्जे का भी उठता रहा, लेकिन प्रशासन इसकी तह तक जाने से बचता रहा। अब हरियाणा पंजाब में डेरा समर्थकों द्वारा की गई हिंसा के बाद यह विवाद फिर से फाइलों से बाहर आया है।
दो साल पहले डेरा मुखी को मिली थी धमकी
बागपत। डेरामुखी गुरमीत राम रहीम को बरनावा में रूहानी सत्संग के दौरान धमकी दी गई थी। इसका खुलासा खुद डेरामुखी ने दो साल पहले एक टीवी इंटरव्यू में किया । डेरामुखी ने इंटरव्यू में कहा वह नशा मुक्ति का अभियान चला रहे हैं। इससे घबराकर पहले उन्हें सिरसा में धमकी दी, लेकिन वह नहीं माने। बरनावा में रुहानी सत्संग से पहले ड्रग्स माफिया ने उन्हें एक तस्वीर भेजी। लड़कियों की इस तस्वीर पर उनका चेहरा लगाया। ड्रग्स माफिया ने निपट लेने की धमकी दी, लेकिन नशे के खिलाफ उनका अभियान जारी रहा।
बरनावा आश्रम पर उठे तीन सवाल
1- क्या हिंडन किनारे आश्रम में वन विभाग की जमीन शामिल की गई।
2-आश्रम के भवन निर्माण के दौरान हादसा, आठ लोगों की मौत रहस्य बनीं।
3-1984 में कुछ लोगों ने आश्रम को कब्जाने का प्रयास किया, 34 पर मुकदमा।
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