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सोतीगंज में 16 थानों की पुलिस का छापा, लौटे खाली हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Mar 2017 02:06 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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चोरी और लूट के वाहनों को काटने और खपाने के लिए बदनाम सोतीगंज में बृहस्पतिवार दोपहर शहर के 16 थानों की पुलिस ने छापामारी की। एसपी सिटी, एक एएसपी और पांच सीओ समेत करीब 250 पुलिसकर्मियों की यह संयुक्त कार्रवाई बेअसर रही। वाहनों के इस कमेले से चोरी का एक वाहन तक नहीं मिला। बताते हैं कि माफिया पहले से सतर्क थे। उन्हें छापेमारी की खबर थी। जिसके चलते उनके गोदाम और दुकानें बंद थीं। हालांकि कुछ दुकानों से पुलिस ने कटे इंजन कब्जे में लिए। शाम होते ही यह बाजार रूटीन की तरह खुल गया।
सोतीगंज में छापेमारी की प्लानिंग बुधवार बनी थी। बृहस्पतिवार दोपहर 1:35 बजे पुलिस का अमला एक साथ सोतीगंज पहुंचा। पुलिस टीमें जब पहुंचीं तो दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरने शुरू हो गए। कुछ दुकानदारों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन वे भाग गए। एक साथ इतनी फोर्स देखकर बाजार में अफरातफरी मची रही। लेकिन अधिकांश दुकानें और गोदाम बंद मिलने पर अफसर भी हैरान रह गए।
पता था आप आओगे
मस्जिद के पास एक गोदाम पर पहुंची पुलिस फोर्स ने एक कबाड़ी से सोतीगंज के चर्चित कबाड़ियों के बारे में पूछा तो वह बोला कि साहब उन्हें पहले से सूचना थी कि आप लोग आओगे। कबाड़ी कुछ और बोलता, इससे पहले अफसर लौट गए।
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गल्ला और यासीन को पूछती रही पुलिस
सीओ ब्रह्मपुरी धर्मेंद्र चौहान समेत कई पुलिस अफसरों ने सोतीगंज पहुंचते ही हाजी गल्ला और यासीन कबाड़ी के बारे में पूछा। यासीन वाहन चोरी और लूट में दिल्ली से वांटेड है। जिसकी तलाश में कई बार दबिश दी गईं। दिल्ली पुलिस पर सोतीगंज के कुछ कबाड़ियों ने दो बार हमला भी किया। जिसका केस सदर थाने में दर्ज है।
कटे इंजन और सामान कब्जे में
करीब तीन घंटे के सर्च ऑपरेशन में पुलिस ने कुछ दुकानों से कटे हुए इंजन और कुछ सामान बरामद किया। पुलिस के अनुसार इनकी जांच के बाद ही पता चलेगा कि ये चोरी के हैं या नहीं। एसपी सिटी के अनुसार ताहिर नाम के एक कबाड़ी की भी दिल्ली पुलिस को तलाश है, उसका गोदाम भी बंद मिला।
पुलिस ने कराई वीडियोग्राफी
पुलिस ने सभी बंद दुकानों और गोदामों की फोटो और वीडियोग्राफी कराई। कई दुकानों में ट्रक, लग्जरी कार से लेकर बाइक तक की नयी बॉडी और पार्ट्स भरे थे। एसपी सिटी ने चार मंजिला मकान पर चढ़कर मार्केट की छतों को देखा तो छतों पर भी कटे वाहन रखे मिले।
संसद में गूंजा सोतीगंज
एनसीआर में चोरी, लूट के वाहनों और उनके पार्ट्स की खरीद-फरोख्त की सोतीगंज बड़ी मंडी बन चुका है। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान आदि राज्यों की पुलिस अक्सर यहां दबिश देती है। लेकिन विरोध के चलते सफलता नहीं मिलती। इसके पीछे कारण वाहन माफियाओं और स्थानीय सदर बाजार पुलिस की साठगांठ है। बृहस्पतिवार को ही सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने सोतीगंज का मामला संसद में उठाया। बाजार में चर्चा रही कि भाजपा की सत्ता आते ही पुलिस को सोतीगंज की याद आई है। पुलिस को भी एक मैसेज देना था कि चोरी और लूट की गाड़ियां काटने पर अब शिकंजा कसना शुरू हो गया है।
नियम नियम कायदे लागू होंगे
एसपी सिटी के अनुसार सोतीगंज के व्यापारियों को अब उनके कार्यालय से पुलिस की मुहर और अधिकारी का साइन हुआ रजिस्टर इश्यू होगा। जिसमें दुकानदारों को डेली एंट्री करनी होगी। वाहन संख्या, उसका प्रकार, इंजन नंबर, ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर के अलावा वाहन में क्या काम होना है। ये तमाम जानकारियां दर्ज करनी होंगी। यदि कोई वाहन कटने के लिए आया है तो उसका पूरा ब्योरा देना होगा। उसके पूरे कागज होने चाहिए। औचक निरीक्षण में कोई लापरवाही मिली तो दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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सोतीगंज में छापेमारी की प्लानिंग बुधवार बनी थी। बृहस्पतिवार दोपहर 1:35 बजे पुलिस का अमला एक साथ सोतीगंज पहुंचा। पुलिस टीमें जब पहुंचीं तो दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरने शुरू हो गए। कुछ दुकानदारों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन वे भाग गए। एक साथ इतनी फोर्स देखकर बाजार में अफरातफरी मची रही। लेकिन अधिकांश दुकानें और गोदाम बंद मिलने पर अफसर भी हैरान रह गए।
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पता था आप आओगे
मस्जिद के पास एक गोदाम पर पहुंची पुलिस फोर्स ने एक कबाड़ी से सोतीगंज के चर्चित कबाड़ियों के बारे में पूछा तो वह बोला कि साहब उन्हें पहले से सूचना थी कि आप लोग आओगे। कबाड़ी कुछ और बोलता, इससे पहले अफसर लौट गए।
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गल्ला और यासीन को पूछती रही पुलिस
सीओ ब्रह्मपुरी धर्मेंद्र चौहान समेत कई पुलिस अफसरों ने सोतीगंज पहुंचते ही हाजी गल्ला और यासीन कबाड़ी के बारे में पूछा। यासीन वाहन चोरी और लूट में दिल्ली से वांटेड है। जिसकी तलाश में कई बार दबिश दी गईं। दिल्ली पुलिस पर सोतीगंज के कुछ कबाड़ियों ने दो बार हमला भी किया। जिसका केस सदर थाने में दर्ज है।
कटे इंजन और सामान कब्जे में
करीब तीन घंटे के सर्च ऑपरेशन में पुलिस ने कुछ दुकानों से कटे हुए इंजन और कुछ सामान बरामद किया। पुलिस के अनुसार इनकी जांच के बाद ही पता चलेगा कि ये चोरी के हैं या नहीं। एसपी सिटी के अनुसार ताहिर नाम के एक कबाड़ी की भी दिल्ली पुलिस को तलाश है, उसका गोदाम भी बंद मिला।
पुलिस ने कराई वीडियोग्राफी
पुलिस ने सभी बंद दुकानों और गोदामों की फोटो और वीडियोग्राफी कराई। कई दुकानों में ट्रक, लग्जरी कार से लेकर बाइक तक की नयी बॉडी और पार्ट्स भरे थे। एसपी सिटी ने चार मंजिला मकान पर चढ़कर मार्केट की छतों को देखा तो छतों पर भी कटे वाहन रखे मिले।
संसद में गूंजा सोतीगंज
एनसीआर में चोरी, लूट के वाहनों और उनके पार्ट्स की खरीद-फरोख्त की सोतीगंज बड़ी मंडी बन चुका है। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान आदि राज्यों की पुलिस अक्सर यहां दबिश देती है। लेकिन विरोध के चलते सफलता नहीं मिलती। इसके पीछे कारण वाहन माफियाओं और स्थानीय सदर बाजार पुलिस की साठगांठ है। बृहस्पतिवार को ही सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने सोतीगंज का मामला संसद में उठाया। बाजार में चर्चा रही कि भाजपा की सत्ता आते ही पुलिस को सोतीगंज की याद आई है। पुलिस को भी एक मैसेज देना था कि चोरी और लूट की गाड़ियां काटने पर अब शिकंजा कसना शुरू हो गया है।
नियम नियम कायदे लागू होंगे
एसपी सिटी के अनुसार सोतीगंज के व्यापारियों को अब उनके कार्यालय से पुलिस की मुहर और अधिकारी का साइन हुआ रजिस्टर इश्यू होगा। जिसमें दुकानदारों को डेली एंट्री करनी होगी। वाहन संख्या, उसका प्रकार, इंजन नंबर, ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर के अलावा वाहन में क्या काम होना है। ये तमाम जानकारियां दर्ज करनी होंगी। यदि कोई वाहन कटने के लिए आया है तो उसका पूरा ब्योरा देना होगा। उसके पूरे कागज होने चाहिए। औचक निरीक्षण में कोई लापरवाही मिली तो दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई होगी।