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स्मार्ट सिटी के लिए 13 शहरों में जंग
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jun 2016 02:34 AM IST
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सूरजकुंड पार्क में स्मोर्ट सिटी के लिये वोटिंग करते
- फोटो : अमर उजाला
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स्मार्ट सिटी के लिए प्रदेश के केवल 13 शहरों का ही चयन होना है। इनमें से लखनऊ का फाइनल चयन हो चुका है। अब मेरठ सहित 13 शहरों में वर्चस्व की लड़ाई जारी है, इनमेें से केवल 12 शहर का ही चयन होना है। मजबूत डीपीआर प्रजेंटेशन देने वाले शहर ही इस दौड़ के विजेता बनेंगे। डीपीआर के लिए अभी तक जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर मेरठ की पैरवी कमजोर है। विशेषज्ञों के अनुसार वोटिंग का आंकड़ा आठ लाख के पास होना चाहिए, जबकि वोटिंग अभी एक प्रतिशत से भी कम हो पाई है।
स्मार्ट सिटी के चयन को लेकर अभी मेरठ के ऊपर से संकट के बादल टले नहीं हैं। केंद्र सरकार ने प्रदेश के 13 शहरों को ही स्मार्ट सिटी बनाने का निर्णय लिया है। मेरठ और रायबरेली को 13 ए और बी श्रेणी में रखा गया है। इससे प्रदेश के 14 शहर इस दौड़ में शामिल हो गए। जनप्रतिनिधियों के दबाव और जनता की मांग के अनुरूप केंद्र सरकार ने मेरठ और रायबरेली को अंतिम प्रजेंटेशन की प्रक्रिया में शामिल तो कर लिया है, लेकिन अब दौड़ में 13 में से 12 शहरों को ही चयन होना है। लखनऊ पहले से ही चयनित है। 30 जून को फिर से केंद्र सरकार के सामने डीपीआर के साथ प्रजेंटेशन देना होगा। कमजोर डीपीआर वाले किसी एक शहर को बाहर का रास्ता देखना होगा।
आठ लाख वोटिंग से बनेगी बात
मेरठ। रिजनल सेंटर फॉर अर्बन एंड एनवायरमेंटल स्ट्डीज के अपर निदेशक अवधेश गुप्ता ने बुधवार को नगर निगम प्रशासन और कंसलटेंट टीम के साथ बैठक की। इस दौरान डीपीआर पर वार्ता की गई। उन्होंने कंसलटेंट बीके पटेल को मजबूत डीपीआर तैयार करने के गुर बताए। उन्होंने कहा कि अगर शहर में तीन साल में किए गए कार्य और संसाधन और आगामी वर्षों में किए जाने वाले कार्य यानी मूलभूत सुविधाओं के गेप को क्रमवार नहीं दर्शाया गया तो अंक शून्य भी हो सकते हैं। अपर निदेशक ने कहा कि शत प्रतिशत अंक पाने के लिए शहर की जनता से लगभग आठ लाख वोटिंग कराई जाए। महापौर हरिकांत अहलूवालिया, नगरायुक्त देवेंद्र कुशवाहा, अपर नगरायुक्त रामभरत तिवारी, अधिशासी अभियंता मोइनुद्दीन आदि मुख्य रहे।
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अभी तक 5700 पर ही पहुंचा आंकड़ा
मेरठ। शहर की जनता स्मार्ट सिटी चाहती हैं तो शहर के प्रत्येक व्यक्ति को 25 जून से पहले स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग करनी होगी। अभी तक वोटिंग का आंकड़ा 5700 ही पहुंचा है। अगर मेरठ स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर हुआ तो विकास के मायने में अन्य चयनित शहरों से काफी पिछड़ जाएगा।
बगैर कंप्यूटर के पहुंच रही निगम की मोबाइल वैन
मेरठ। स्मार्ट सिटी पर वोटिंग को लेकर नगर निगम प्रशासन गंभीर तो है, लेकिन व्यवस्था पूरी तरह डगमगा रही हैं। मंगलवार को महापौर और नगरायुक्त ने हरी झंडी दिखाकर शहर में वोटिंग करने के लिए मोबाइल वैन को रवाना किया था। बुधवार को शहर में एक-दो वैन ही घूमती नजर आई। इनमें कंप्यूटर की व्यवस्था नहीं थी। नगर निगम की ओर से इस व्यवस्था में जुटी मशीनरी पूरी तरह फेल साबित हो रही है।
जनप्रतिनिधि बोले, हर हाल में चाहिए स्मार्ट सिटी
स्मार्ट सिटी को लेकर बुधवार को नगर निगम स्थित सभागार में निगम प्रशासन और कंसलटेंट टीम ने जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। सांसद, विधायक और महापौर ने कहा कि हर हाल में हमें स्मार्ट सिटी चाहिए। इसके लिए वह हर जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं। आंकड़ों में जरा भी चूक नहीं होनी चाहिए। मेरठ की पहचान को बरकार रखा जाएगा।
सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि मेरठ स्मार्ट सिटी बनेगा। हम और मेरठ की जनता इसके लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने डीपीआर में एतिहासिक महत्व को भी शामिल करने की बात कही। शहर विधायक डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि डीपीआर में किसी भी तरह की मदद देने के लिए वह तैयार हैं।
एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल ने सुझाव दिया कि स्मार्ट सिटी की डीपीआर में नालों को अंडरग्राउंड करने की व्यवस्था की जाए। विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि वह हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। सपा नेता हाजी इसरार सैफी ने कहा कि डीपीआर में मुस्लिम क्षेत्रों के विकास पर भी ध्यान दिया जाए। विधायक रविंद्र भड़ाना ने कहा कि डीपीआर में शिक्षा की बेहतर व्यवस्था, हवाई अड्डा, उद्योग आदि को शामिल किया जाए। सपा नेता किरन जाटव ने सीवर के पानी के ट्रीटमेंट की व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया। इस दौरान सभी ने लोगों से अधिक से अधिक वोटिंग कराने का आह्वान किया। सपा नेता डा. राजेश सिंह, हसीन सैफी आदि मुख्य रहे।
उद्यमी बोले, हम कराएंगे वोटिंग
मेरठ। परतापुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित उद्योग मंदिर में बुधवार को उद्यमियों की बैठक हुई। इस दौरान महापौर हरिकांत अहलूवालिया, नगरायुक्त देवेंद्र कुशवाहा, कंसलटेंट बीके पटेल और अधिशासी अभियंता मोइनुद्दीन ने वार्ता की। उद्यमी अश्वनी गेरा, राजकुमार कंसल, अनुराग अग्रवाल, संजीव कुमार आदि ने नगर निगम प्रशासन को आश्वासन दिया कि वह इंडस्ट्रियल एरिया की प्रत्येक कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों से ऑन लाइन वोटिंग कराएंगे।
अमर उजाला के सहयोग से आज यहां लगेंगे कैंप
- तेजगढ़ी स्थित कृष्णा प्लाजा सुबह 11 से सायं छह बजे तक।
- कचहरी परिसर स्थित हनुमान मंदिर वाले गेट के निकट सुबह 11 से सायं छह बजे तक।
- बेगमपुल चौराहा स्थित पुलिस चौकी के निकट सुबह 11 से सायं छह बजे तक।
- एल ब्लॉक शास्त्री नगर चौराहा सुबह 11 बजे से सायं छह बजे तक।
- जागृति विहार गढ़ रोड मेडिकल कालेज के सामने सुबह 11 बजे से सायं छह बजे तक।
- फूलबाग कालोनी मुख्य मार्ग पर श्री बालाजी ट्रैवल्स पर सुबह 11 बजे से सायं छह बजे तक।
- शास्त्रीनगर के ब्लॉक विद्या मंदिर स्कूल में सुबह 11 बजे से सायं छह बजे तक।
- शास्त्रीनगर एल ब्लॉक इंदिरा मार्केट में सुबह 11 बजे से सायं छह बजे तक,
- प्रहलाद नगर स्थित गीता भवन में सुबह 9.30 बजे से सांय चार बजे तक।
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स्मार्ट सिटी के चयन को लेकर अभी मेरठ के ऊपर से संकट के बादल टले नहीं हैं। केंद्र सरकार ने प्रदेश के 13 शहरों को ही स्मार्ट सिटी बनाने का निर्णय लिया है। मेरठ और रायबरेली को 13 ए और बी श्रेणी में रखा गया है। इससे प्रदेश के 14 शहर इस दौड़ में शामिल हो गए। जनप्रतिनिधियों के दबाव और जनता की मांग के अनुरूप केंद्र सरकार ने मेरठ और रायबरेली को अंतिम प्रजेंटेशन की प्रक्रिया में शामिल तो कर लिया है, लेकिन अब दौड़ में 13 में से 12 शहरों को ही चयन होना है। लखनऊ पहले से ही चयनित है। 30 जून को फिर से केंद्र सरकार के सामने डीपीआर के साथ प्रजेंटेशन देना होगा। कमजोर डीपीआर वाले किसी एक शहर को बाहर का रास्ता देखना होगा।
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आठ लाख वोटिंग से बनेगी बात
मेरठ। रिजनल सेंटर फॉर अर्बन एंड एनवायरमेंटल स्ट्डीज के अपर निदेशक अवधेश गुप्ता ने बुधवार को नगर निगम प्रशासन और कंसलटेंट टीम के साथ बैठक की। इस दौरान डीपीआर पर वार्ता की गई। उन्होंने कंसलटेंट बीके पटेल को मजबूत डीपीआर तैयार करने के गुर बताए। उन्होंने कहा कि अगर शहर में तीन साल में किए गए कार्य और संसाधन और आगामी वर्षों में किए जाने वाले कार्य यानी मूलभूत सुविधाओं के गेप को क्रमवार नहीं दर्शाया गया तो अंक शून्य भी हो सकते हैं। अपर निदेशक ने कहा कि शत प्रतिशत अंक पाने के लिए शहर की जनता से लगभग आठ लाख वोटिंग कराई जाए। महापौर हरिकांत अहलूवालिया, नगरायुक्त देवेंद्र कुशवाहा, अपर नगरायुक्त रामभरत तिवारी, अधिशासी अभियंता मोइनुद्दीन आदि मुख्य रहे।
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अभी तक 5700 पर ही पहुंचा आंकड़ा
मेरठ। शहर की जनता स्मार्ट सिटी चाहती हैं तो शहर के प्रत्येक व्यक्ति को 25 जून से पहले स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग करनी होगी। अभी तक वोटिंग का आंकड़ा 5700 ही पहुंचा है। अगर मेरठ स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर हुआ तो विकास के मायने में अन्य चयनित शहरों से काफी पिछड़ जाएगा।
बगैर कंप्यूटर के पहुंच रही निगम की मोबाइल वैन
मेरठ। स्मार्ट सिटी पर वोटिंग को लेकर नगर निगम प्रशासन गंभीर तो है, लेकिन व्यवस्था पूरी तरह डगमगा रही हैं। मंगलवार को महापौर और नगरायुक्त ने हरी झंडी दिखाकर शहर में वोटिंग करने के लिए मोबाइल वैन को रवाना किया था। बुधवार को शहर में एक-दो वैन ही घूमती नजर आई। इनमें कंप्यूटर की व्यवस्था नहीं थी। नगर निगम की ओर से इस व्यवस्था में जुटी मशीनरी पूरी तरह फेल साबित हो रही है।
जनप्रतिनिधि बोले, हर हाल में चाहिए स्मार्ट सिटी
स्मार्ट सिटी को लेकर बुधवार को नगर निगम स्थित सभागार में निगम प्रशासन और कंसलटेंट टीम ने जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। सांसद, विधायक और महापौर ने कहा कि हर हाल में हमें स्मार्ट सिटी चाहिए। इसके लिए वह हर जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं। आंकड़ों में जरा भी चूक नहीं होनी चाहिए। मेरठ की पहचान को बरकार रखा जाएगा।
सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि मेरठ स्मार्ट सिटी बनेगा। हम और मेरठ की जनता इसके लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने डीपीआर में एतिहासिक महत्व को भी शामिल करने की बात कही। शहर विधायक डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि डीपीआर में किसी भी तरह की मदद देने के लिए वह तैयार हैं।
एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल ने सुझाव दिया कि स्मार्ट सिटी की डीपीआर में नालों को अंडरग्राउंड करने की व्यवस्था की जाए। विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि वह हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। सपा नेता हाजी इसरार सैफी ने कहा कि डीपीआर में मुस्लिम क्षेत्रों के विकास पर भी ध्यान दिया जाए। विधायक रविंद्र भड़ाना ने कहा कि डीपीआर में शिक्षा की बेहतर व्यवस्था, हवाई अड्डा, उद्योग आदि को शामिल किया जाए। सपा नेता किरन जाटव ने सीवर के पानी के ट्रीटमेंट की व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया। इस दौरान सभी ने लोगों से अधिक से अधिक वोटिंग कराने का आह्वान किया। सपा नेता डा. राजेश सिंह, हसीन सैफी आदि मुख्य रहे।
उद्यमी बोले, हम कराएंगे वोटिंग
मेरठ। परतापुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित उद्योग मंदिर में बुधवार को उद्यमियों की बैठक हुई। इस दौरान महापौर हरिकांत अहलूवालिया, नगरायुक्त देवेंद्र कुशवाहा, कंसलटेंट बीके पटेल और अधिशासी अभियंता मोइनुद्दीन ने वार्ता की। उद्यमी अश्वनी गेरा, राजकुमार कंसल, अनुराग अग्रवाल, संजीव कुमार आदि ने नगर निगम प्रशासन को आश्वासन दिया कि वह इंडस्ट्रियल एरिया की प्रत्येक कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों से ऑन लाइन वोटिंग कराएंगे।
अमर उजाला के सहयोग से आज यहां लगेंगे कैंप
- तेजगढ़ी स्थित कृष्णा प्लाजा सुबह 11 से सायं छह बजे तक।
- कचहरी परिसर स्थित हनुमान मंदिर वाले गेट के निकट सुबह 11 से सायं छह बजे तक।
- बेगमपुल चौराहा स्थित पुलिस चौकी के निकट सुबह 11 से सायं छह बजे तक।
- एल ब्लॉक शास्त्री नगर चौराहा सुबह 11 बजे से सायं छह बजे तक।
- जागृति विहार गढ़ रोड मेडिकल कालेज के सामने सुबह 11 बजे से सायं छह बजे तक।
- फूलबाग कालोनी मुख्य मार्ग पर श्री बालाजी ट्रैवल्स पर सुबह 11 बजे से सायं छह बजे तक।
- शास्त्रीनगर के ब्लॉक विद्या मंदिर स्कूल में सुबह 11 बजे से सायं छह बजे तक।
- शास्त्रीनगर एल ब्लॉक इंदिरा मार्केट में सुबह 11 बजे से सायं छह बजे तक,
- प्रहलाद नगर स्थित गीता भवन में सुबह 9.30 बजे से सांय चार बजे तक।