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Meerut News: अधिकारी को चांटा मारना पड़ा भारी, बाजार उजड़ने की बना वजह

Thu, 09 Apr 2026 02:37 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Apr 2026 02:37 AM IST
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Slapping an officer proved costly, leading to the collapse of the market.
सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच कुछ व्यापारियों में यह भी चर्चा रही कि कुछ साल पहले आवास विकास के अफसरों के साथ हुई खींचतान भी उन्हें भारी पड़ी है। 1990 और 2013 में निर्माण पर आपत्ति के बाद विरोध के दौरान आवास विकास के अभियंताओं के साथ अभद्रता और मारपीट हो गई थी, अधीक्षण अभियंता को चांटा मार दिया गया था। इसके बाद से विभागीय अफसरों ने इसे प्रतिष्ठा का विषय बना लिया। उनके बीच शुरू हुआ विवाद बुधवार को सीलिंग तक पहुंच गया है।
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कुछ व्यापारियों का कहना है कि 1990 में जब कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा था तब आवास विकास के अवर अभियंता यहां पहुंचे थे। उन्होंने निर्माण पर आपत्ति जताते हुए इसे रोकने को कहा था। बताया जाता है कि अवर अभियंता का उस समय व्यापारी नेता विनोद अरोड़ा ने गिरेबान पकड़ लिया था। कुछ लोगों ने मारपीट कर दी थी। अवर अभियंता ने थाना नौचंदी में मामला दर्ज कराया था। इसके बाद 19 सितंबर 1990 को आवास विकास ने कारण बताओ नोटिस भेजकर अवैध निर्माण रोकने को कहा। नौ फरवरी 2004 को आवंटित भूखंड का अवैध रूप से उपयोग किए जाने तथा वाणिज्यिक उद्देश्य से किए गए निर्माण को ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए। इस पर विनोद अरोड़ा सहित अन्य ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके चलते 23 मार्च 2005 को 661/6 के ध्वस्तीकरण के आदेश पारित कर दिए गए। बाद में यह मामला अदालतों में चलता रहा।
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अगस्त 2013 में अधीक्षण अभियंता अरविंद कुमार के नेतृत्व में ऊपरी तल के निर्माण को रुकवाने के लिए टीम पहुंची। यहां व्यापारियों ने उन्हें चांटा मारकर अभद्रता कर दी थी। बाजार में अधिकारियों और कर्मचारियों को घेर लिया गया था और मारपीट में उनके कपड़े तक फट गए थे। तब ध्वस्तीकरण के लिए फोर्स मांगी गई लेकिन त्योहार होने के कारण फोर्स नहीं मिल सकी थी। अधिकारियों ने इसे स्वाभिमान पर चोट की तरह लिया और विभाग की ओर से हाइकोर्ट में रिट दाखिल की गई। इस पर दिसंबर 2014 में हाईकोर्ट ने 661/6 के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। 17 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 25 व 26 अक्तूबर 2025 को यह कॉम्पलेक्स ध्वस्त किया गया। अब 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्णतया व्यावसायिक प्रयोग में लाए जा रहे 44 आवासीय भवनों में सील लगाने के आदेश दिए। बुधवार को सभी 44 भवन सील कर दिए गए अब बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इसमें आवास विकास अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करेगा।
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