यूपी: शार्ट सर्किट से घर में लगी आग, किसान की मौत से परिवार में मचा कोहराम
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बिजनौर में गांव खुशहालपुर मंडैयो में शार्ट सर्किट होने से किसान के छप्पर के बने एक घर में आग लग गई। घर में लगी आग पशुशाला तक भी पहुंच गई और पशु आग की चपेट में आ गए, जिन्हें बचाने के प्रयास में किसान बुरी तरह से झुलस गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में 80 हजार रुपये और घर के अंदर रखा कीमती सामान भी जलकर राख हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर भेज दिया।
ग्रामीणों के मुताबिक मंगलवार रात करीब 11 बजे शार्ट सर्किट होने से गांव के हरपाल (50) पुत्र रामचंद्र के छप्पर के बने घर में आग लग गई। हादसे के समय उसकी पत्नी और बच्चे पड़ोस में किसी कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। हरपाल अकेला ही आग बुझाने में जुट गया। आग ने पशुशाला को भी अपनी चपेट में ले लिया। तेज हवा होने की वजह से पशुशाला धू-धू कर जल उठी। पशुशाला में एक गाय और तीन बछिया बंधी थीं। हरपाल ने हिम्मत कर किसी तरह से चारों पशुओं को बाहर निकाला। लेकिन पशुओं को बचाने के प्रयास में वह स्वयं बुरी तरह से झुलस गया। ग्रामीणों और परिजनों का इंतजार किए बगैर ही वह पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाने की कोशिश में लगा रहा।
इसी बीच घर के छप्पर की एक बल्ली निकलकर उसके ऊपर आ गिरी। बल्ली में लगी आग से हरपाल बुरी तरह से झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह आग को काबू किया। लेकिन तब तक घर में रखा सभी सामान जलकर राख हो चुका था। हरपाल की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसान के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मकान बनाने के लिए उधार लाकर रखे थे रुपये
हरपाल की पत्नी सावित्री ने बताया कि हादसे में उसके घर में रखी 80 हजार रुपये की नकदी, बिस्तर, चारपाई, कपड़े, अनाज आदि सहित लगभग तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हरपाल ने छप्पर का कच्चा घर बना रखा था। वह किसी तरह मेहनत मजदूरी कर ठेके पर जमीन लेकर अपने परिवार का गुजारा कर रहा था। उसने मकान बनाने के लिए 60 हजार रुपये जमीन मालिक और 25 हजार किसी रिश्तेदार से लाकर घर पर रखे थे। वह अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और दो बेटी छोड़ गया।
ग्रामीणों ने की मकान बनवाने और आर्थिक मदद की मांग
गांव के चमन सिंह, जीत सिंह, महेश, सुनील, कुलदीप, गुरदीप, जोगेंद्र सिंह, बलविंदर सिंह ने तहसील प्रशासन से मृतक के परिवार का मकान बनवाने और मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्राम प्रधान पति दर्शन सिंह रावत ने भी पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद कराए जाने का आश्वासन दिया। वहीं, हलका लेखपाल ऋषिपाल सिंह मौके पर पहुंचे। घटना स्थल का जायजा लिया। एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि मौके पर भेजकर घटना की जांच करा ली गई है। रिपोर्ट आने पर पीड़ित परिवार को शासन से हरसंभव मदद दिलाई जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना में नंबर वन है अफजलगढ़ ब्लॉक
जिस अफजलगढ़ ब्लॉक को प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रदेश में पहला स्थान दिया गया है, यह घटना उसी ब्लॉक के गांव में हुई है। सवाल यह है कि अब भी लोग छप्पर के कच्चे मकानों में रह कर गुजारा कर रहे हैं, तो ब्लॉक को प्रथम स्थान किस आधार पर दे दिया गया। छप्पर के घर में आग लगने से किसान की मौत की घटना से यह साबित होता है कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों में ही किया जाता है और जनता सुविधाओं से वंचित ही रहती है।
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