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बेसिक शिक्षा विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग में खेल, शिक्षकों से मांगे गये आवेदन

Sat, 24 Dec 2016 11:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Sat, 24 Dec 2016 11:58 AM IST
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Department of Basic Education in big game in transfer-posting, teachers requested application
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

बेसिक शिक्षा विभाग में ट्रांसफर, पोस्टिंग में बड़ा खेल कर दिया गया है। नियमों और मानकों को ताक पर रखकर शिक्षकों से ट्रांसफर आवेदन मांगे गये हैं। ट्रांसफर के लिए जिन स्कूलों की सूची तैयार की गयी है, उनमें ऐसे भी स्कूल शामिल हैं, जहां किसी खास विषय का शिक्षक या तो पहले से है या वहां शिक्षक मानक के अनुरूप हैं। इसके अलावा आवेदन की अंतिम तिथि पर ही सूची एनआईसी पर अपलोड की गई।

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ये है पूरा मामला
बेसिक शिक्षा विभाग में शासन से 8 अगस्त को नई ट्रांसफर नियमावली जारी हुई थी। लेकिन तब इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। जबकि दूसरे जनपदों में ट्रांसफर पोस्टिंग कर दी गयी। अब दिसंबर माह में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जिले के भीतर ही ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की और सीडीओ के पास फाइल भेजी। सीडीओ ने आपत्ति लगाते हुए फाइल लौटा दी। सीडीओ ने कहा कि पहले सूची एनआईसी पर अपलोड की जाये। बीएसए कार्यालय ने इसमें भी खेल कर दिया। ट्रांसफर के लिए आवेदन पत्र लेने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर दिखाते हुए 15 दिसंबर को ही अपलोड कर दी गई। अपलोड किया गया पत्र बैकडेट में 9 दिसंबर को जारी दिखाया गया। इससे शिक्षक सूची देखने से वंचित रह गये। जबकि चहेते शिक्षकों को पहले से सूची दिखाकर उनके आवेदन भरवा दिये गये।
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ऐसे खुला मामला
जब कुछ शिक्षकों ने 15 दिसंबर को सूची एनआईसी पर देखी और आवेदन पत्र भरकर अपने खंड शिक्षा अधिकारी के पास पहुंचे तो वहां आवेदन लेने से इंकार कर दिया गया। शिक्षकों ने विरोध जताया, लेकिन उनके आवेदन स्वीकार नहीं किये गये। शिक्षकों का आरोप है कि आवेदन पत्र लेने में भी खेल किया गया है। गणित विषय वाले शिक्षकों को विज्ञान विषय के रिक्त पदों पर ट्रांसफर की तैयार हो रही है, तो विज्ञान विषय के रिक्त पद पर सामान्य विषय के शिक्षक को भेजे जाने की तैयारी करते हुए आवेदन पत्र लिये गये हैं।
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प्राथमिक स्कूलों में और भी बड़ा खेल
शहरी आवासीय भत्ता और आने-जाने की सुविधा वाले स्कूलों में अधिकांश शिक्षक जाने के इच्छुक होते हैं। ऐसे स्कूलों में भले ही शिक्षकों की संख्या पर्याप्त हो, फिर भी जगह रिक्त दर्शायी गयी है। हालांकि यह नियम के तहत दर्शायी गयी है। लेकिन जनपद में इतने शिक्षक नहीं हैं कि दूसरे स्कूल जहां शिक्षक पहले से कम हैं और बच्चे ज्यादा हैं, वहां पर भी तैनाती दे दी जाये। ऐसे स्कूलों में हस्तिनापुर के पहाड़पुर में तीन शिक्षकों के पद रिक्त हैं, लेकिन दूर होने के कारण वहां कोई जाना नहीं चाहता। जबकि तमाम दूसरे स्कूल ऐसे हैं, जहां 125 बच्चों पर 4-5 शिक्षक तैनात हैं, फिर भी वहां एक पद रिक्त दिखाया गया है। जबकि बीएसए आफिस को सिर्फ उन्हीं स्कूलों में रिक्ति दर्शानी चाहिए थी, जहां शिक्षक बहुत कम हैं।

चुनाव के लिए जा चुका है डाटा
दिसंबर में ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा सवाल ये भी उठ रहा है कि चुनाव में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक ड्यूटी पर लगाये जाते हैं। जिनका डाटा एनआईसी को अपडेट करने के लिए भेज दिया गया है। ऐसे में यदि इन शिक्षकों का ट्रांसफर होता है तो उनके ड्यूटी पत्र सही पते पर नहीं पहुंच पाएंगे और निर्वाचन कार्य बाधित होगा। क्योंकि एनआईसी पर 127 उच्च प्राथमिक और 234 प्राथमिक स्कूलों की सूची अपलोड की गयी है।


हो चुकी है सेटिंग
विभागीय सूत्रों की मानें तो बीएसए कार्यालय में एक माह से इस ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर तैयारी के बीच सेटिंग का खेल चल रहा है। मनचाही पोस्टिंग के लिए 50 हजार से एक लाख रुपये तक के रेट तय हुए हैं। जिसके चलते दिसंबर माह में चुनाव से पहले अचानक प्रक्रिया शुरू हुई है। क्योंकि मई में बीएसए सेवानिवृत्त हो रहे हैं और फरवरी में चुनाव की संभावना है।

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