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शार्प माइंड बदमाशों पर भारी ‘टीमा’

Sun, 11 Sep 2016 02:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Sun, 11 Sep 2016 02:46 AM IST
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sharp mind badmaash
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बदमाशों के शार्प माइंड पर स्वान दल की ‘टीमा’ (फीमेल डॉग) भारी पड़ रही है। टीमा ने कई बड़ी घटनाओं में पुलिस को खुलासों के नजदीक पहुंचाया है। आसपास के जिलों की पुलिस भी इसे मांग चुकी है।
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जिले में जब भी कोई बड़ी आपराधिक घटना होती है तो पुलिस को डॉग स्क्वायड टीम का सहारा लेना पड़ता है। स्वान दल में पुलिस के पास इस समय तीन डॉग हैं। इसमें फीमेल डॉग टीमा को पुलिस ने हैदराबाद से खरीदा था। इसके बाद मध्यप्रदेश के टेकनपुर स्थित बीएसएफ सेंटर में मार्च 2009 में छह माह की ट्रेनिंग दिलाने के बाद मेरठ लाया गया। इस फीमेल डॉग को चोरी, लूट, हत्या, रेप जैसी घटनाओं में अपराधियों तक पहुंचने में महारथ हासिल है। अब तक 20 से अधिक बड़ी वारदातों में पुलिस को अपराधियों तक पहुंचा चुकी है। इसके अलावा पुलिस के पास बेफर और बैक्सर नाम के दो डॉग हैं। जो चार साल से पुलिस के पास हैं। ये दोनों ही डॉग विस्फोटक सामग्री, बम को तलाश लेते हैं। इन दोनों डॉग को भी बीएसएफ के सेंटर से ट्रेनिंग के बाद यहां लाया गया। ये डॉग भीड़भाड़, रैली आदि बड़े आयोजन में संदिग्ध वस्तु मिलने पर पुलिस को संकेत देकर अलर्ट कर देते हैं।
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अपराधी के घर तक पहुंच जाती है टीमा
डॉग स्कवायड टीम के रघुराज सिंह ने बताया कि चोरी, लूट, हत्या, डकैती, बलात्कार जैसी घटनाओं में यदि अपराधी मौके पर कोई भी वस्तु जैसे रुमाल, कपड़ा, जूता, मोबाइल, कागज या अन्य कोई चीज छोड़ देता है, तो उसे टीमा को सुंघाया जाता है। इसके बाद उसे छोड़ दिया जाता है। जिसकी मदद से टीमा डॉग उसी रास्ते से पर जाती है, जहां से अपराधी गया है। कभी कभी अपराधी के घर तक भी पहुंच जाती है। अपराधी की कोई भी वस्तु जिसे किसी ओर ने छुआ नहीं हो, उसकी गंध 24 घंटे तक रहती है।
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मटन, दलिया, अंडा देते है खाने को
डॉग स्कवायड टीम में रघुराज सिंह, पवन कुमार, आनंद राय और कृपाल सिंह तैनात हैं। जो सप्ताह में दो बार डॉग को पुलिस लाइन में ट्रेनिंग देते हैं। प्रत्येक डॉग को सुबह आधा किलो दूध का दलिया और एक अंडा दिया जाता है। जबकि शाम को पांच सौ ग्राम मटन, 250 ग्राम मौसमी सब्जी और चार रोटी दी जाती है। तख्त पर कंबल डालकर इन्हें पंखे और कूलर के सामने रखा जाता है।


कई घटनाओं के खुलासे में की मदद
पुलिस का कहना है कि इसी साल गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र में मां-बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ था और आरोपी तीन साल की बच्ची को उठाकर ले गए थे। टीमा एक किमी दूर आरोपी के घर में जा घुसी। जिसमें आरोपी पकड़े गए और बच्ची भी मिल गई थी। इसके अलावा सरधना में तीन साल पहले व्यापारी की हत्या, कंकरखेड़ा में शोरूम में लाखों की चोरी, भावनपुर में तंत्रमंत्र के चलते पांच साल के बच्चे की हत्या, लावड़ में युवक की हत्या, मेडिकल क्षेत्र में चोरी और लिसाड़ीगेट में छह लोगों की हत्या के मामले में टीमा आरोपी के घर तक पहुंच गई थी। परीक्षितगढ़ में महिला की हत्या में पति का तो पैर ही पकड़ लिया था।
 
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