मेक इन इंडिया को झटका: मेरठ में कॉन्टिनेंटल टायर यूनिट ठप, 260 कर्मचारी बाहर, धरना-प्रदर्शन
मेक इन इंडिया के अंतर्गत शुरू हुई कॉन्टिनेंटल टायर कंपनी ने अपनी ट्रक और बस टायर यूनिट बंद कर दी है। 260 कर्मचारियों को नोटिस देकर हटाया गया। गुरुवार को कर्मचारी फैक्ट्री गेट पर धरने पर बैठे और विधायक अतुल प्रधान ने उनका पक्ष रखा।
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मेक इन इंडिया के तहत शुरू की गई मेरठ की कॉन्टिनेंटल टायर निर्माता कंपनी ने ट्रक और बस टायर निर्माण यूनिट को अचानक बंद कर दिया है। यह यूनिट वर्ष 2011 में शुरू हुई थी, लेकिन अब कंपनी ने लागत और उत्पादन के कारणों का हवाला देकर यूनिट को बंद कर दिया।
इस फैसले से 260 कर्मचारियों की नौकरी एक झटके में चली गई। उन्हें नोटिस देकर पदमुक्त कर दिया गया। हालांकि मैनेजमेंट की ओर से कर्मचारियों को 45 से 60 महीने की सैलरी बतौर पैकेज देने की पेशकश की गई है, लेकिन कर्मचारियों ने इसे नाकाफी बताया।
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कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें 294 महीने की सैलरी दी जाए, क्योंकि यह उनके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा सवाल है।
बृहस्पतिवार को 100 से अधिक कर्मचारी फैक्ट्री गेट पर एकत्र हुए और धरना शुरू कर दिया। मौके पर स्थानीय पुलिस व पीएसी को भी तैनात किया गया, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले।
धरना दे रहे कर्मचारियों के समर्थन में पहुंचे क्षेत्रीय विधायक अतुल प्रधान ने फैक्ट्री गेट पर मैनेजमेंट से मुलाकात की और कर्मचारियों की मांगों को पूरी गंभीरता से रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मेहनत से कंपनी ने लाभ कमाया, अब उन्हें इस तरह निकाल देना अन्याय है।
कंपनी प्रबंधन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि कर्मचारियों से अंतिम बातचीत जारी है।