भाजपाई चक्रव्यूह में सपा की सीमा प्रधान, अविश्वास बैठक से पहले आ सकता है इस्तीफा
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जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान के खिलाफ चल रही अविश्वास प्रस्ताव की मुहिम में भाजपा अब पूरी तरह फ्रंट पर आ चुकी है। सोमवार को भाजपा की गोपनीय बैठक में जिला पंचायत के तीस सदस्य मौजूद रहे। सीमा प्रधान खेमे के खास सदस्य भी भाजपा खेमे के साथ नजर आए। इन सदस्यों का भाजपाई बैठक में मौजूद होने से साफ है कि सीमा प्रधान का जाना अब पूरी तरह तय हो चुका है। अविश्वास प्रस्ताव शपथ पत्र देने के बाद दोनों ही गुट अपने बहुमत को बनाये रखने की कवायद में जुटे रहे। पिछले सप्ताह ही सपा नेता अतुल प्रधान ने एक होटल में रात्रि भोज रखा था और उसमें 20 जिला पंचायत सदस्यों का अपने पक्ष में होने का दावा किया था।
सोमवार को दिया करारा जवाब
सोमवार को भाजपा ने अपनी ये गोपनीय बैठक गंगानगर के एक रेस्टोरेंट में बुलायी। इस बैठक में सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक ठा. संगीत सोम, डा. सोमेंद्र तोमर, दिनेश खटीक, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह के साथ ही जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा मौजूद रहे। इनके अलावा जिला कमेटी के पदाधिकारी इस बैठक में थे। बैठक को देख ऐसा लग रहा था मानों भाजपा अपनी बैठक कर रही हो। इसी रेस्टोरेंट के दूसरे कमरे में नजारा दूसरा ही था। यहां पर गैर भाजपाई असंतुष्ट सदस्यों की पूरी जमात इकट्ठा थी। जिनकी संख्या करीब 20 थी। इनमें चार सदस्यों को छोड़कर बाकी सभी सदस्य भाजपा की बैठक में भी गये। अहम बात ये रही कि जो सदस्य आज सुबह तक जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान के पक्ष में खुलकर नजर आ रहे थे। वो सदस्य भी इस बैठक में भाजपाई खेमे के साथ नजर आये।
सीमा प्रधान के साथ तीन सदस्य
सूत्रों की मानें तो भाजपा के पास इस समय पूरे तीस सदस्याें का समर्थन आ चुका है। जबकि सीमा प्रधान के पक्ष में मात्र उनके सहित मात्र तीन ही सदस्य इस वक्त हैं। जबकि पूर्व केबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के पुत्र नवाजिश मंजूर को अभी भी भाजपाई अपनी तरफ नहीं मान रहे हैं। यह बात अलग है कि सोमवार को गंगानगर में हुई गोपनीय बैठक के दौरान वह भी दूसरे कक्ष में अपने चार खास जिला पंचायत सदस्यों के साथ मौजूद थे।
अविश्वास बैठक से पहले आ सकता है इस्तीफा
जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान के पति सपा नेता अतुल प्रधान पूरे माहौल पर नजर रखे हुए हैं। उनके करीबी सूत्रों के अनुसार सीमा प्रधान अविश्वास बैठक से पहले ही इस्तीफा दे सकती हैं। क्योंकि लाख कवायद के बावजूद अब यह महसूस होने लगा है कि बहुमत उनके पक्ष में नहीं है। ऐसे में अविश्वास से पहले इस्तीफा दे देना सम्मानजनक स्थिति रहेगा।
बुधवार को टूर पर निकलेंगे सदस्य
विपक्षी खेमे की गोपनीय बैठक में 30 सदस्यों का पूर्ण समर्थन अपने साथ बना रहे, इसके लिए भाजपाई खेेमे ने सदस्यों को बाहर भेजने की तैयारी कर दी है। इन सभी सदस्यों को तीन गुटाें में बांटकर अलग-अलग खेमों मेें टूर पैकेज पर भेजा जा रहा है। ये सभी सदस्य मेरठ से 19 अप्रैल को चले जाएंगे और 23 अप्रैल की रात या 24 अप्रैल की सुबह मेरठ मे अविश्वास बैठक से पहले इनकी वापसी होगी। यदि इससे पहले सीमा प्रधान इस्तीफा दे देती हैं, तो सदस्य टूर से वापस लौट आएंगे।
प्रत्याशी चयन में हमें भी लें विश्वास में
बैठक के दौरान गैर भाजपाई सदस्यों ने अविश्वास के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदार पर सवाल उठाये। इन सदस्यों ने कहा कि जिस तरह अविश्वास पर हमें साथ रखा गया है, उसी तरह जो प्रत्याशी तय हो, उस पर हमें भी विश्वास में लिया जाये। यह जरूरी नहीं है कि भाजपा द्वारा तय प्रत्याशी को वह अपना समर्थन दें। इसलिए प्रत्याशी चयन सहमति से हो, उसे थोपा न जाये।
सात सदस्यीय समिति करेगी प्रबंधन
जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास से लेकर प्रत्याशी चयन और चुनाव तक की प्रक्रिया के लिए सात सदस्यीय कमेटी बनायी गयी है। जिसमें जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, सरधना विधायक ठा. संगीत सोम, हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक, किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी, दक्षिण विधायक डा. सोमेंद्र तोमर, सिवालखास विधायक जितेंद्र सिंह सतवाई के साथ पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह को रखा गया है। यह सात सदस्यीय कमेटी इस दौरान पूरा प्रबंधन देखेगी।