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सावन सोमवार: भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से पूरी होती है मन्नत

Mon, 02 Aug 2021 11:19 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 02 Aug 2021 11:19 AM IST
सार

बागपत में सावन के दूसरे सोमवार को पुरा महादेव मंदिर में भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने को शिवभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। रात दो बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगनी शुरू गई थी। घंटों लाइन में लगकर श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। 

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sawan 2021: Worship fulfilled by doing Rudrabhishek to Lord Shiva
shivling - फोटो : Amar Ujala Meerut

विस्तार

सावन मास में सोमवार का बड़ा महत्व है। आज सावन का दूसरा सोमवार है। यह स्वास्थ्य के लिए उत्तम है। अधिकतर लोग इस दिन उपवास रखकर शिवजी की आराधना करते हैं। वहीं जलाभिषेक करने से मन्नत पूरी होती है।

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इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रो साइंस के आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि इस दिन तिथि नवमी और कृतिका नक्षत्र रहेगा। सोमवार को चंद्रमा वृषभ राशि में गोचर करेगा। जहां राहु पहले से ही विराजमान है। सोमवार के देवता चंद्र और कृतिका नक्षत्र के देवता अग्नि देव है।
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कृतिका नक्षत्र का स्वामी सूर्य व राशि शुक्र है। इस नक्षत्र के लोगों पर सूर्य का प्रभाव होता है। इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य और राशि के स्वामी शुक्र 2 अगस्त को कर्क राशि में बुध ग्रह के साथ बुधादित्य योग बना रहे हैं। वहीं शुक्र सिंह राशि में मंगल के साथ युति बना रहे हैं। 
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कृतिका का नाम भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय से जुड़ा हुआ है। नवमी तिथि की देवी दुर्गा हैं। इस तिथि में माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है तथा हर क्षेत्र में सदा विजयी प्राप्त करता है।

sawan 2021: Worship fulfilled by doing Rudrabhishek to Lord Shiva
pura mhadev - फोटो : Amar Ujala Meerut

जलाभिषेक का लाभ
जल से रुद्राभिषेक करने पर वृष्टि, कुशा जल से अभिषेक करने पर रोग, दु:ख से छुटकारा मिलता है। दही से अभिषेक करने पर पशु, भवन तथा वाहन की प्राप्ति होती है। गन्ने के रस से अभिषेक करने पर लक्ष्मी प्राप्ति होती है। मधु युक्त जल से अभिषेक करने पर धन वृद्धि होती है। तीर्थ जल से अभिषेक करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।

इत्र मिले जल से अभिषेक करने से बीमारी नष्ट होती है। दूध से अभिषेक करने से पुत्र प्राप्ति, प्रमेह रोग की शांति तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। गंगाजल से अभिषेक करने से ज्वर ठीक हो जाता है। दूध शर्करा मिश्रित अभिषेक करने से सद्बुद्धि प्राप्त होती है। घी से अभिषेक करने से वंश विस्तार होता है। सरसों के तेल से अभिषेक करने से रोग तथा शत्रु का नाश होता है। 

शिव मंदिर में गूंजे भोले के जयकारे
सावन के दूसरे सोमवार को लालकुर्ती स्थित श्रीरामा संकीर्तन मंदिर में 41 दिवसीय शिव महापुराण कथा आयोजित हुई। कथा व्यास पंडित हरीश उनियाल ने भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया। वीनू मृग, मिनी सचदेवा और नवीना छाबड़ा ने बम भोले के जयकारे लगाए।

ट्रस्ट के महामंत्री सुरेश छाबड़ा ने तप की शक्ति पर प्रकाश डाला। उधर, बाबा मनोहरनाथ मंदिर सूरजकुंड में बारह ज्योर्तिलिंग की महिमा का वर्णन हुआ। महामंडलेश्वर निलिमांनंद महाराज ने पूजन किया। मंदिर में हवन का आयोजन किया गया। 

बागपत में सावन के दूसरे सोमवार को पुरा महादेव मंदिर में भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने को शिवभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। रात दो बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगनी शुरू गई थी। घंटों लाइन में लगकर श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।

सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर परिसर और बाहर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि आज 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे। मंदिर में शिवरात्रि की भी तैयारी शुरू हो चुकी हैं। इस बार शिवरात्रि 6 अगस्त की है। 

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