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सौहार्द की कांवड़ से एकता का संदेश
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Fri, 22 Jul 2016 02:05 AM IST
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कांवड़ तैयार करता मुस्लिम युवक
- फोटो : अमर उजाला
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जहां छोटी-छोटी बातों पर हिंदू और मुस्लिमों में भारी तनाव हो जाता है, वहीं एक मुस्लिम परिवार ऐसा भी है जो पीढ़ियों से कांवड़ बना रहा है। इनमें हुनर भी गजब का है। इनकी बनाई कांवड़ काफी पसंद की जाती है। ये हर तरह की कांवड़ बनाते हैं। समय के साथ-साथ इन्होंने अपनी कला भी काफी बदलाव किया है। मेरठ में यह कच्चा माल तैयार करते हैं, कांवड़ यात्रा से पहले हरिद्वार जाकर वहां पर कांवड़ बनाते हैं।
कोतवाली क्षेत्र के गुजरी बाजार निवासी मोहम्मद सरताज और उसके परिवार को यह हुनर विरासत में मिला है। सरताज बताते हैं कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से कांवड़ बना रहा है। इससे पहले उनके दादा नूर मोहम्मद, इसके बाद पिता मोहम्मद सल्लन कांवड़ बनाया करते थे। अब वह अपने बुजुर्गों के इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं। इस काम में उनके भाई मोहसिन, मनु और रिजवान भी हाथ बंटाते हैं। सरताज ने बताया कि वह सभी धर्मों का आदर करते हैं। कांवड़ बनाकर वह एकता का संदेश भी दे रहे हैं।
कारीगर हरिद्वार रवाना
कच्चा माल लेकर मुस्लिम कारीगर हरिद्वार रवाना हो गए हैं। जाने से पहले सरताज ने बताया कि हर की पेड़ी, टापू और भीम गोड़ा में कांवड़ बनाकर बेचते हैं।
डीजे की कांवड़ ऑर्डर पर तैयार
सरताज ने बताया कि डीजे पर चलने वाली कांवड़ वह ऑर्डर पर बनाते हैं। शिव भक्त अपनी पसंद से कांवड़ बनवाते हैं। कारीगर बताते हैं कि बड़ी कांवड़ के लिये सबसे पहले उसके सुंदर पिलर बनाए जाते हैं। इसके बाद कांवड़ के अन्य भागों को आकर्षक रूप से तैयार किया जाता है।
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बढ़ रही है महंगाई
सरताज ने बताया कि हर साल महंगाई बढ़ रही है। पिछले साल के मुकाबले कांवड़ बनाने का सामान काफी महंगा पड़ा है। इसका असर शिवभक्तों पर पड़ेगा। विशाल कांवड़ इस बार 20 हजार से 50 हजार रुपये तक में तैयार होगी। सामान्य कांवड़ एक हजार से दो हजार में पड़ेगी।
कोतवाली क्षेत्र के गुजरी बाजार निवासी मोहम्मद सरताज और उसके परिवार को यह हुनर विरासत में मिला है। सरताज बताते हैं कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से कांवड़ बना रहा है। इससे पहले उनके दादा नूर मोहम्मद, इसके बाद पिता मोहम्मद सल्लन कांवड़ बनाया करते थे। अब वह अपने बुजुर्गों के इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं। इस काम में उनके भाई मोहसिन, मनु और रिजवान भी हाथ बंटाते हैं। सरताज ने बताया कि वह सभी धर्मों का आदर करते हैं। कांवड़ बनाकर वह एकता का संदेश भी दे रहे हैं।
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कारीगर हरिद्वार रवाना
कच्चा माल लेकर मुस्लिम कारीगर हरिद्वार रवाना हो गए हैं। जाने से पहले सरताज ने बताया कि हर की पेड़ी, टापू और भीम गोड़ा में कांवड़ बनाकर बेचते हैं।
डीजे की कांवड़ ऑर्डर पर तैयार
सरताज ने बताया कि डीजे पर चलने वाली कांवड़ वह ऑर्डर पर बनाते हैं। शिव भक्त अपनी पसंद से कांवड़ बनवाते हैं। कारीगर बताते हैं कि बड़ी कांवड़ के लिये सबसे पहले उसके सुंदर पिलर बनाए जाते हैं। इसके बाद कांवड़ के अन्य भागों को आकर्षक रूप से तैयार किया जाता है।
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बढ़ रही है महंगाई
सरताज ने बताया कि हर साल महंगाई बढ़ रही है। पिछले साल के मुकाबले कांवड़ बनाने का सामान काफी महंगा पड़ा है। इसका असर शिवभक्तों पर पड़ेगा। विशाल कांवड़ इस बार 20 हजार से 50 हजार रुपये तक में तैयार होगी। सामान्य कांवड़ एक हजार से दो हजार में पड़ेगी।