{"_id":"57d7176e4f1c1beb5bd47a67","slug":"salt","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूध और सॉस ही नहीं अब नमक में भी मिलावट, निगेटिव रिपोर्ट आयी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूध और सॉस ही नहीं अब नमक में भी मिलावट, निगेटिव रिपोर्ट आयी
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Tue, 13 Sep 2016 07:31 PM IST
विज्ञापन
नमक।
- फोटो : फाइल फोटो।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
दूध और सॉस ही नहीं, जनता को नमक भी घटिया क्वालिटी का खिलाया जा रहा है। खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग की सैंपल जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। एफडीए अब नमक को लेकर विशेष अभियान चलाने की तैयारी में है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह ने बताया है कि दिल्ली रोड स्थित कुंडा गांव से रहतुमल साल्ट (नमक) सप्लायर के गोदाम से नमक के चार सैंपल भरे थे, जिनमें से दो की रिपोर्ट आ गई है। दोनों रिपोर्ट ही नेगेटिव आई हैं। जेपी सिंह का कहना है कि टीट साल्ट ब्रांड से बेचे जा रहे नमक का सैंपल लिया था, जिसके निर्माता पंकज आयोडाइज्ड साल्ट इंडस्ट्रीज, नवा सिटी नागौर राजस्थान हैं। इसी सैंपल की रिपोर्ट में सोडियम क्लोराइड 94 प्रतिशत पाया गया है, जो कि न्यूनतम 97 प्रतिशत होना चाहिये।
हालांकि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया मानती है कि नमक को पूरी तरह शुद्ध नहीं किया जा सकता है। इसी तरह दूसरा सैंपल गुड डे आयोडाइज्ड साल्ट नाम से बेचे जा रहे नमक का भरा गया था, जिसके निर्माता राकेश कुमार-महेश कुमार, साहिल अपार्टमेंट गांधी धाम कच्छ गुजरात हैं। इसकी सैंपल रिपोर्ट में भी सोडियम क्लोराइड 94.5 प्रतिशत पाया गया है, जबकि बाकी पदार्थ भी निर्धारित मात्रा से ज्यादा पाये गए हैं। एफडीए का कहना है कि संबंधित फर्मों को नोटिस भेजकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह ने बताया है कि दिल्ली रोड स्थित कुंडा गांव से रहतुमल साल्ट (नमक) सप्लायर के गोदाम से नमक के चार सैंपल भरे थे, जिनमें से दो की रिपोर्ट आ गई है। दोनों रिपोर्ट ही नेगेटिव आई हैं। जेपी सिंह का कहना है कि टीट साल्ट ब्रांड से बेचे जा रहे नमक का सैंपल लिया था, जिसके निर्माता पंकज आयोडाइज्ड साल्ट इंडस्ट्रीज, नवा सिटी नागौर राजस्थान हैं। इसी सैंपल की रिपोर्ट में सोडियम क्लोराइड 94 प्रतिशत पाया गया है, जो कि न्यूनतम 97 प्रतिशत होना चाहिये।
विज्ञापन
हालांकि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया मानती है कि नमक को पूरी तरह शुद्ध नहीं किया जा सकता है। इसी तरह दूसरा सैंपल गुड डे आयोडाइज्ड साल्ट नाम से बेचे जा रहे नमक का भरा गया था, जिसके निर्माता राकेश कुमार-महेश कुमार, साहिल अपार्टमेंट गांधी धाम कच्छ गुजरात हैं। इसकी सैंपल रिपोर्ट में भी सोडियम क्लोराइड 94.5 प्रतिशत पाया गया है, जबकि बाकी पदार्थ भी निर्धारित मात्रा से ज्यादा पाये गए हैं। एफडीए का कहना है कि संबंधित फर्मों को नोटिस भेजकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन