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सामाजिक समरसता का साक्षी बना एसजीएम गार्डन

Sun, 11 Feb 2018 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 11 Feb 2018 02:08 AM IST
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saamaajik samrasta ka saakshi bana
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
लालकुर्ती स्थित एसजीएम गार्डन शनिवार को सामाजिक समरसता का साक्षी बना। जहां एक ही परिसर में फेरों की वेदियां सजी और निकाह भी पढ़ाया गया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जनपद की 85 गरीब कन्याओं का विवाह कराया गया। इस दौरान न केवल उन्हें भविष्य के लिए जरूरी सामान दिया गया, बल्कि आशीर्वाद देने के लिए जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और शहर के तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे। 
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समाज के सभी वर्गों की गरीब कन्याओं के हाथों में मेहंदी रचवाकर उन्हें खुशियों के साथ ससुराल विदा करने तथा उज्जवल भविष्य को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 85 बेटियों का अपने-अपने धार्मिक रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया गया। इस अवसर पर नवयुगलों को सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर, विधायक रफीक अंसारी, जिलाधिकारी अनिल ढींगरा व सीडीओ आर्यका अखौरी ने सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया। 
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63 जोड़ों ने लिए फेरे 
सामूहिक विवाह समारोह में सबसे पहले 63 वर वधू ने एक दूसरे को वर माला पहनायी। इसके बाद एक वेदी पर दो-दो युगलों के फेरे कराए गए। कुल 32 वेदियों पर हिंदू धर्म के  दूल्हा दुल्हन ने अपने परिवार वालों की मौजूदगी में फेरे लिए। इस दौरान परिजनों ने विवाह समारोह में गाए जाने वाले लोकगीत भी गाए और नृत्य भी किया। 
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22 को पढ़ाया गया निकाह
इसी सामूहिक विवाह समारोह में 22 मुस्लिम गरीब कन्याओं का भी विवाह कराया गया। जिन्हें काजी ने एक-एक निकाह पढ़ाते हुए कबूल कराया। 

एक दिव्यांग जोड़े ने भी पढ़ा निकाह
इस सामूहिक विवाह समारोह में दिव्यांग रेशमा का रिश्ता दिव्यांग साजिद के साथ तय हुआ। इस दौरान परिजन रेशमा को गोदी में उठाकर लाए और उसे निकाह पढ़ाया गया। निकाह के बाद रेशमा और साजिद की खुशी देखते ही बन रही थी। 

परिवार ने किए रिश्ते तय, प्रशासन ने कराई शादी 
मुख्य विकास अधिकारी आर्यका अखौरी ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत यह कार्यक्रम संपन्न कराया गया। जिसमें परिजनों ने आपसी सहमति से रिश्ते तय किए थे। इसके बाद उन्होंने आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदन किया। जिसमें बीपीएल सीमा में आने वाले परिवारों के आवेदन स्वीकृत किए गए। उनका विवाह इस समारोह में कराया गया।     

नगदी के साथ दिया घर का सामान 
योजना के तहत प्रत्येक कन्या के सुरक्षित भविष्य के लिए उसके बैंक खाते में 20-20 हजार रुपये की धनराशि जमा करायी गयी। जबकि विधवा या तलाक शुदा के लिए यह धनराशि 25 हजार जमा करायी गयी। इसके साथ ही विवाह के कपड़े, बिछिया, पायल, सात बर्तन दिए गए। इसके अलावा प्रत्येक वधू को एक सिलाई मशीन के साथ एक गिफ्ट पैक भी दिया गया। वहीं पूरे समारोह की दावत की व्यवस्था भी शासन से प्राप्त धनराशि से की गई। सीडीओ ने बताया कि प्रत्येक युगल के विवाह समारोह के लिए 35-35 हजार रुपये की धनराशि उसके खाते में जमा होने वाली नगदी, घर व विवाह का सामान और विवाह समारोह की व्यवस्था पर खर्च होना था। 


इन्होंने भी दिया सहयोग और आशीर्वाद
सामूहिक विवाह समारोह में पूर्व एमएलसी डॉ. सरोजनी अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य डॉ. मीनाक्षी अग्रवाल, नायब शहर काजी जैनुर राशिदीन, आलोक सिसौदिया, सुनील अग्रवाल, हर्ष गोयल, डॉ. राजेश, डॉ. हिमानी अग्रवाल, संगीता श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राज कुमार, डीपीआरओ आलोक शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी उमेश द्विवेदी, जिला प्रोबेशन अधिकारी श्रवण गुप्ता, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तारिक अहमद, जिला दिव्यांग अधिकारी अनिल कुमार आदि मौजूद रहे। 
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