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अब भाजपा रंग में रंगेगी रोडवेज बसें
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Apr 2017 02:22 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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प्रदेश की रोडवेज बसों के सत्ता के रंग में रंगने का क्रम सालों से चला आ रहा है। सपा के लाल व हरे रंग में रंगी रोडवेज बसों का रंग एक बार फिर से बदलने की तैयारी चल रही है। बस इस बात को लेकर मंथन चल रहा है कि रंग केसरिया-हरा रखा जाए या फिर कोई दूसरा। परिवहन विभाग के सूत्रों के अनुसार अधिकारियों ने बसों का रंग बदलने की तैयारी कर ली है। हरी झंडी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
सत्ताधारी पार्टी के बड़े नेता के नाम पर बस योजना चलाने और झंडे के कलर में बसों को रंगने का क्रम लंबा है। वर्ष 2007 में बसपा सत्ता में आई तो बसों का धानी और सफेद कलर बदलकर नीला कर दिया गया था। इसके बाद 2012 में सपा के सत्ता में आने के बाद अधिकतर बसों का रंग लाल व हरा हो गया। लोहिया ग्रामीण बस सेवा की तो शुरूआत ही हरे व लाल रंग की बसों से की गई। निर्देशों के पालन में विभाग में अनुबंधित बसों का भी रंग बदलकर लाल हो गया था। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार है। ऐसे में एक बार फिर से बसों के रंग में बदलने के आसार बन रहे हैं।
परिवहन विभाग सूत्रों के अनुसार इस मामले में कवायद शुरू होने जा रही है। जिस तरह भाजपा के केंद्र सरकार ने यूपीए सरकार की योजनाओं के नाम बदलकर पार्टी के अनुकरणीय नेताओं के नाम पर किए हैं। उसी तरह प्रदेश की योगी सरकार सरकार भी पूर्ववर्ती सपा सरकार की योजनाओं के नाम बदल रही है। हालांकि अभी तक बसों पर होने वाला रंग तय नहीं हुआ है। बहरहाल रोडवेज के अधिकारियों ने इसके लिए मन बना रखा है। रोडवेज के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि निर्देश मिलने भर की देर है। बसों पर निर्धारित होने वाला पेंट करा दिया जाएगा।
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सत्ताधारी पार्टी के बड़े नेता के नाम पर बस योजना चलाने और झंडे के कलर में बसों को रंगने का क्रम लंबा है। वर्ष 2007 में बसपा सत्ता में आई तो बसों का धानी और सफेद कलर बदलकर नीला कर दिया गया था। इसके बाद 2012 में सपा के सत्ता में आने के बाद अधिकतर बसों का रंग लाल व हरा हो गया। लोहिया ग्रामीण बस सेवा की तो शुरूआत ही हरे व लाल रंग की बसों से की गई। निर्देशों के पालन में विभाग में अनुबंधित बसों का भी रंग बदलकर लाल हो गया था। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार है। ऐसे में एक बार फिर से बसों के रंग में बदलने के आसार बन रहे हैं।
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परिवहन विभाग सूत्रों के अनुसार इस मामले में कवायद शुरू होने जा रही है। जिस तरह भाजपा के केंद्र सरकार ने यूपीए सरकार की योजनाओं के नाम बदलकर पार्टी के अनुकरणीय नेताओं के नाम पर किए हैं। उसी तरह प्रदेश की योगी सरकार सरकार भी पूर्ववर्ती सपा सरकार की योजनाओं के नाम बदल रही है। हालांकि अभी तक बसों पर होने वाला रंग तय नहीं हुआ है। बहरहाल रोडवेज के अधिकारियों ने इसके लिए मन बना रखा है। रोडवेज के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि निर्देश मिलने भर की देर है। बसों पर निर्धारित होने वाला पेंट करा दिया जाएगा।
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