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रोडवेज की नकली बसों को आरटीओ-पुलिस का संरक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jan 2018 12:36 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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योगी राज के शुरूआती दो महीने तक बंद रहने के बाद नकली रोडवेज बसों (डग्गामार) के बेधड़क संचालन ने सपा राज की याद दिला दी है। आरटीओ के प्रवर्तन दस्ते और पुलिस के संरक्षण में डग्गामारों का धंधा पूरी तरह फलफूल रहा है। सड़क पर दौड़ती खटारा डग्गामार बसें न केवल यात्रियों के जीवन से खिलवाड़ कर रही हैं बल्कि रोडवेज के राजस्व पर डाका भी डाल रही हैं। शहर के कई इलाकों से चलने वाली ये अवैध बसें देखने में रोडवेज की बसों जैसी नजर आती हैं। धोखा खाकर यात्री इन बसों में चढ़ जाते हैं। इसके बाद शुरू होता है उनका दुश्वारियों भरा सफर। अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को इनकी पड़ताल की तो ये बसें दिल्ली रोड पर बेधड़क दौड़ती मिलीं।
भैसाली बस अड्डे तक बसों की पहुंच
अमर उजाला टीम ने देखा कि डग्गामार स्टाफ को किसी का डर नहीं है। चौराहों पर खड़े पुलिस वालों के सामने से होते हुए ये बसें भैसाली बस अड्डे तक पहुंचती हैं। अड्डे के निकट स्थित मजार के पास बने इनके अस्थायी स्टापेज पर यात्रियों को उतार दिया जाता है। यहीं से वापसी होकर ये बसें फैज-ए-आम डिग्री कालेज के सामने आकर खड़ी हो जाती हैं। इसके बाद इनका संचालन शुरू होता है।
पुलिस की नाक तले संचालन
डग्गामार बसों का संचालन पुलिस की नाक तले हो रहा है। रेलवे रोड पर थाना भी है और रेलवे रोड चौराहे पर हर समय ट्रैफिक पुलिस का पहरा। इसके बावजूद केके इंटर कालेज के सामने इन बसों ने अपना स्थायी स्टॉपेज बना रखा है। टीम को बस संख्या यूपी-78बीटी-2860, यूपी-15वाय-9893 और यूपी 14ईटी-5865 सड़क पर बेधड़क दौड़ती मिलीं।
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नजराना देकर चलाते हैं बस
टीम ने रेलवे रोड चौराहे पर खड़ी बस के स्टाफ से बात की तो उन्होंने नाम व पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि आरटीओ स्टाफ से लेकर रूट के सभी थानों को चढ़ावा चढ़ाना पड़ता है। दस साल पुरानी बसों को एनजीटी के आदेश से हटा दिया है। अब वे ही बसें चल रही हैं जिनकी उम्र दस साल से कम है।
रोडवेज ने तैयार की 150 डग्गामारों की सूची
रोडवेज ने डग्गामार बसों को चिह्नित करने के लिए सभी रूटों पर व्यापक अभियान चलाकर सर्वे कराया है। सर्वे रिपोर्ट में करीब 100 डग्गामार बसें चलती मिली हैं। रोडवेज ने इन बसों का नंबर, रंग, इन पर लिखे गए शब्दों आदि के साथ सूची तैयार की है। यह सूची परिवहन विभाग को भी दी गई है।
पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री की दौड़ रहीं बसें
बस स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ये बसें सपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री की हैं। जो योगी सरकार में भी बड़े आराम से दौड़ रही हैं। इन सभी बसों को पहचान देने के लिए वैशाली, कौशांबी मेट्रो आदि के अलावा छदम नाम लिखा गया है। इसके अलावा भी कई अन्य नेताओं की भी बसें हैं या इन बसों को उनका संरक्षण मिल रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
डग्गामार बसों को पकड़ने के लिए रोडवेज के साथ संयुक्त अभियान चल रहा है। रोजाना बसें सीज की जा रही हैं। अगर इसके बाद भी ये बसें चल रही हैं तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को तलब किया जाएगा।
ओपी सिंह, आरटीओ सिटी
वर्जन=====
दिल्ली रोड पर रोडवेज जैसी दिखने वाली दूसरी बसों के चलने का मामला संज्ञान में आया है। राज्यपाल के आगमन को लेकर पुलिस फोर्स हवाई पट्टी पर लगाई गई थी। अवैध तरीके से चल रही बसों को लेकर मैं खुद संज्ञान ले रहा हूं। अभियान चलाकर ऐसी बसों को सीज किया जाएगा।
संजीव बाजपेई, एसपी ट्रैफिक
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भैसाली बस अड्डे तक बसों की पहुंच
अमर उजाला टीम ने देखा कि डग्गामार स्टाफ को किसी का डर नहीं है। चौराहों पर खड़े पुलिस वालों के सामने से होते हुए ये बसें भैसाली बस अड्डे तक पहुंचती हैं। अड्डे के निकट स्थित मजार के पास बने इनके अस्थायी स्टापेज पर यात्रियों को उतार दिया जाता है। यहीं से वापसी होकर ये बसें फैज-ए-आम डिग्री कालेज के सामने आकर खड़ी हो जाती हैं। इसके बाद इनका संचालन शुरू होता है।
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पुलिस की नाक तले संचालन
डग्गामार बसों का संचालन पुलिस की नाक तले हो रहा है। रेलवे रोड पर थाना भी है और रेलवे रोड चौराहे पर हर समय ट्रैफिक पुलिस का पहरा। इसके बावजूद केके इंटर कालेज के सामने इन बसों ने अपना स्थायी स्टॉपेज बना रखा है। टीम को बस संख्या यूपी-78बीटी-2860, यूपी-15वाय-9893 और यूपी 14ईटी-5865 सड़क पर बेधड़क दौड़ती मिलीं।
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नजराना देकर चलाते हैं बस
टीम ने रेलवे रोड चौराहे पर खड़ी बस के स्टाफ से बात की तो उन्होंने नाम व पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि आरटीओ स्टाफ से लेकर रूट के सभी थानों को चढ़ावा चढ़ाना पड़ता है। दस साल पुरानी बसों को एनजीटी के आदेश से हटा दिया है। अब वे ही बसें चल रही हैं जिनकी उम्र दस साल से कम है।
रोडवेज ने तैयार की 150 डग्गामारों की सूची
रोडवेज ने डग्गामार बसों को चिह्नित करने के लिए सभी रूटों पर व्यापक अभियान चलाकर सर्वे कराया है। सर्वे रिपोर्ट में करीब 100 डग्गामार बसें चलती मिली हैं। रोडवेज ने इन बसों का नंबर, रंग, इन पर लिखे गए शब्दों आदि के साथ सूची तैयार की है। यह सूची परिवहन विभाग को भी दी गई है।
पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री की दौड़ रहीं बसें
बस स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ये बसें सपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री की हैं। जो योगी सरकार में भी बड़े आराम से दौड़ रही हैं। इन सभी बसों को पहचान देने के लिए वैशाली, कौशांबी मेट्रो आदि के अलावा छदम नाम लिखा गया है। इसके अलावा भी कई अन्य नेताओं की भी बसें हैं या इन बसों को उनका संरक्षण मिल रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
डग्गामार बसों को पकड़ने के लिए रोडवेज के साथ संयुक्त अभियान चल रहा है। रोजाना बसें सीज की जा रही हैं। अगर इसके बाद भी ये बसें चल रही हैं तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को तलब किया जाएगा।
ओपी सिंह, आरटीओ सिटी
वर्जन=====
दिल्ली रोड पर रोडवेज जैसी दिखने वाली दूसरी बसों के चलने का मामला संज्ञान में आया है। राज्यपाल के आगमन को लेकर पुलिस फोर्स हवाई पट्टी पर लगाई गई थी। अवैध तरीके से चल रही बसों को लेकर मैं खुद संज्ञान ले रहा हूं। अभियान चलाकर ऐसी बसों को सीज किया जाएगा।
संजीव बाजपेई, एसपी ट्रैफिक