रैपिड रेल: एनसीआरटीसी ने नारियल फोड़कर शुरू किया काम, दुहाई से शताब्दीनगर तक चलेगा कार्य
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दिल्ली से मेरठ तक रैपिड रेल से 55 मिनट तक सफर पूरा होने का सपना अब जल्द पूरा हो जाएगा। इसके लिए एनसीआरटीसी तेजी से काम कर रहा है। अब इस प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में शताब्दीनगर से दुहाई तक कार्य शुरू किया जाएगा। सोमवार को नारियल फोड़कर इस काम की शुरुआत कर दी गई। इस 32 किमी के चरण में डिवाइडर के पास बेरिकेडिंग कर पिलर बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इस काम के लिए सभी मशीनों को शताब्दीनगर में बने कास्टिंग यार्ड में लाकर खड़ा कर लिया गया है। बेरिकेडिंग करने के बाद पाइलिंग की जाएगी। इसके बाद मशीन से पिलर की चौड़ाई की जाएगी। इसके बाद पिलर बनने का काम शुरू होगा। दुहाई से शताब्दीनगर तक सिविल कार्य एलएंडटी को दिया गया है।
ये होंगे स्टेशन
इस चरण में शताब्दीनगर तक दो मेट्रो स्टेशन सहित आठ स्टेशन हैं। इसमें दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नार्थ, मेरठ साउथ, रिठानी(मेट्रो स्टेशन), परतापुर(मेट्रो स्टेशन), शताब्दीनगर शामिल हैं।
कल मुख्य सचिव लेंगे समीक्षा बैठक
एक जुलाई को लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी की बैठक होगी। लॉकडाउन के बाद रैपिड रेल प्रोजेक्ट की ये पहली बैठक है। केंद्र सरकार की प्राथमिकता में शामिल इस प्रोजेक्ट में कई प्रकरणों पर अभी प्रदेश सरकार के कई विभागों के बीच सहमति बन नही सकी है। इन्हीं को दूर करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जा रही है। जिससे इस प्रोजेक्ट में किसी भी तरह की अड़चनें न आएं।
अभी यहां अटके है रैपिड रेल के जमीन के मामले
- दौराला में तीन हेक्टेयर भूमि पर बनने वाले डिपो का मामला
- भैंसाली बस अड्डे की 4246 वर्ग मीटर भूमि अस्थाई रूप से तीन-चार वर्ष के लिए
- सरदार वल्लभ भाई पटेल विश्वविद्यालय में पुराने परिसर की अनुमति
- दुहाई में डिपो के लिए निजी भूमि के संबंध में सहमति नही बन पाई है।