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UP: तीन साल में ही नजर आ गई देश की पहली रैपिड रेल, ट्रैक पर रखे गए छह कोच
Tue, 14 Jun 2022 01:11 PM IST
Dimple Sirohi
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 14 Jun 2022 01:11 PM IST
सार
सबसे पहले गाजियाबाद में देश की पहली रैपिड रेल दौड़ेगी। साहिबाबाद से दुहाई तक पहले खंड में 95 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। मार्च 2023 में साहिबाबाद से दुहाई तक प्राथमिकता खंड में रैपिड रेल दौड़ने लगेगी।
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रैपिड रेल
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मेरठ से दिल्ली का सफर महज 55 मिनट में पूरा होने का सपना साकार होने लगा है। मार्च-2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली रैपिड रेल (सरायकाले खां से मोदीपुरम) का शिलान्यास किया था। सोमवार को दुहाई डिपो में गुजरात से छह ट्रेलरों में लाए गए। छह कोच को क्रेन के माध्यम से ट्रैक पर रखा गया। इस ट्रेनसेट को गुजरात के सांवली में स्थित एल्सटॉम कंपनी के प्लांट से ट्रेलर पर लाद कर सड़क मार्ग द्वारा लाया गया है। 940 किमी का सफर तय कर गुजरात से गाजियाबाद पहुंचे।
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दुहाई डिपो पहुंचे कोच
यूपी में ईस्टर्न पेरिफेरल से गौतमबुद्धनगर होते हुए गाजियाबाद के दुहाई में पहुंचे है। सभी रैपिड रेल कोच को छह बड़े ट्रेलरों पर कड़ी सुरक्षा में लाया गया है। हर शहर में पहले मार्ग का निरीक्षण और फिर यातायात पुलिस से समन्वय स्थापित कर मार्ग के अवरोध को खत्म किया गया। एनसीआरटीसी के सीपीआरओ पुनीत वत्स का कहना है कि रैपिड रेल के कोच के दुहाई डिपो के अंदर लाने के बाद तकनीकी संबंधी ट्रायल के लिए सावधानी पूर्वक ट्रैक पर उतारने और जोड़ने का काम शुरू किया जाएगा।
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अब छह कोच को जोड़ने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। अगले एक सप्ताह के अंदर छह कोच की पहली ट्रेन ट्रायल के लिए तैयार हो जाएगी। दुहाई डिपो में ट्रैक बनकर तैयार हो चुके हैं और ट्रेन की टेस्टिंग के लिए भी पूरी तैयारी है। आरआरटीएस ट्रेनों के संचालन के लिए दुहाई डिपो में ही प्रशासनिक भवन बनाया है। इसी स्थान पर ट्रेन के हर चरण की तकनीकी जांच की जाएगी।
2024 में मेरठ तक जोड़ने की योजना
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम के रैपिड रेल द्वारा चल रहे तेज कार्य की स्थिति से साफ है कि 2024 में ही मेरठ तक रैपिड रेल संचालन की तैयारी की जा रही है। लोकसभा चुनाव को देखते हुए सरकार भी लगातार इसी प्रयास में है। जिससे मेरठ से दिल्ली का सफर 2024 में ही पूरा हो सके। इसके लिए मेरठ साउथ, परतापुर, शताब्दीनगर, ब्रह्मपुरी स्टेशन का कार्य किया जा रहा है। जिससे स्टेशन का कार्य पूरा होने के बाद रैपिड रेल संचालन में कोई दिक्कत न हो सके।