उत्तर प्रदेश: दुष्कर्म के आरोपी दरोगा की पत्नी से गैंगरेप, लखनऊ तक गूंज
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उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में दुष्कर्म के आरोपी दरोगा की पत्नी को अगवा करके तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया। इसकी जानकारी लगते ही लखनऊ तक हड़कंप मच गया। इंस्पेक्टर को फोन कर मामले के बारे में पूछा गया तो पता चला कि वारदात 17 दिन पहले की है। पुलिस ने गुपचुप तरीके से 12 दिन पहले मुकदमा दर्ज किया था। दरोगा की पत्नी ने दुष्कर्म पीड़िता को भी इस मामले में मुल्जिम बनाया है। दुष्कर्म के साथ लूट की धारा भी लगी है।
किठौर की एक युवती ने दरोगा नरेंद्र कुमार पर दुष्कर्म का आरोप लगाकर पल्लवपुरम थाने में केस दर्ज कराया था। जिस पर दरोगा को पल्लवपुरम थाना पुलिस ने जेल भेज दिया था। दरोगा का परिवार पल्लवपुरम में रह रहा है। इस केस को लेकर समझौते व सौदेबाजी की चर्चा भी बहुत चल रही थी। शुक्रवार को इस केस में नया मामला सामने आ गया है। आरोपी दरोगा की पत्नी ने सिविल लाइन थाने में नौ जून को दुष्कर्म और लूटपाट का केस दर्ज कराया।
जिसमें आरोप लगाया कि दरोगा पर आरोप लगाने वाली दुष्कर्म पीड़िता और उसके भाई समेत चार लोगों ने पांच जून को महिला को जबरन एक कार में अपहरण किया। यह वारदात आईजी ऑफिस के पास होना बताया। महिला किसी काम से मेरठ शहर में स्कूटी से आई थी। आरोपी उसको एक घर में ले गए, जहां पर उसको बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस दौरान उसकी सोने की चेन लूट ली। उसके बाद महिला को जेल चुंगी रोड पर फेंककर चले गए। इस वारदात से दरोगा की पत्नी सहमी हुई थी। जिसके चलते घटना के चार दिन बाद केस कराया।
वीआईपी इलाके में वारदात बताई
इस वारदात को दरोगा ने आईजी ऑफिस के पास होना बताया है। घटनास्थल भी वीआईपी इलाके में होना कई सवाल खडे़ करता है। सवाल उठता है कि पांच जून को दरोगा की पत्नी से शहर के बीचोबीच इतनी बड़ी वारदात हुई और पुलिस प्रशासन को जानकारी तक नहीं लगी। पुलिस की मुखबिर तंत्र भी फेल हो गया। पीड़ित महिला ने इस मामले में 100 नंबर या पुलिस को बताना भी उचित नहीं समझा।
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लखनऊ तक गूंजा, सिस्टम खामोश
दरोगा की पत्नी से बंधक बनाकर दुष्कर्म का मामला शुक्रवार लखनऊ तक गूंजा। डीजीपी ऑफिस से सिविल लाइन इंस्पेक्टर से जानकारी ली गई। इससे पहले पुलिस अधिकारियों ने भी मुकदमे में चुप्पी साधी हुई थी।
नामजद आरोपी क्यों नहीं तलाशें
दरोगा की पत्नी के साथ वारदात में पुलिस की लापरवाही भी कम नहीं है। अभी तक नामजद चारों आरोपियों में से किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया। आरोपियों की तलाश में दबिश तक नहीं दी गई। पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लाजिमी है।
आखिर क्या है असली बात
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुष्कर्म पीड़िता ने दरोगा पर केस दर्ज कराया था, जिसकी विवेचना चल रही है। जिसमें कई ऐसी बातें सामने आई। दरोगा की पत्नी द्वारा दर्ज कराए केस को लेकर भी कई चर्चा शहर में चल रही है। सवाल दोनों मुकदमों पर उठ रहे हैं।
दरोगा की पत्नी की तहरीर पर केस सिविल लाइन थाने में दर्ज हुआ है। पुलिस इसकी विवेचना करने में लगी है। पुलिस सभी बिंदु पर बारीकी से जांच करने में जुटी है। जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर ही अगली कार्रवाई की जाएगी। -राजेश कुमार पांडेय, एसएसपी
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