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बरसात के मौसम में विद्युत आपूर्ति लाइनमैनों के लिए बनी चुनौती
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विद्युत लाइन सही करते कुन्हेडा विद्युत उपखंड केंद्र के लाइन मैन स्रोत संवाद
हस्तिनापुर। पिछले पांच दिनों से लगातार हो रही बरसात के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है। ऐसे में विद्युत आपूर्ति सुचारू रखना लाइनमैनों के लिए एक चुनौती बना हुआ है। लाइनमैन दिन-रात बारिश में भी लाइनों को सुचारु करने के लिए जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं।
क्षेत्र के गांव कुंहेडा में स्थित विद्युत उपखंड केंद्र से खादर क्षेत्र के करीब तीन दर्जन गांवों में विद्युत आपूर्ति की जाती है। विद्युत उपखंड केंद्र की मुख्य लाइन रामराज बिजली घर से आ रही है जो नयागांव से तारापुर होते हुए हस्तिनापुर जाने वाले मार्ग के किनारे से विद्युत उपखंड केंद्र पर पहुंचती है। इस बीच सड़क किनारे पर पेड़ खड़े हुए हैं जो बरसात के मौसम में आए दिन टूटे रहते हैं और विद्युत तार पेड़ों से टकराने के कारण सप्लाई प्रभावित हो जाती है। इस कारण लाइनमैनों को रात में ही इन तारों को जोड़ना पड़ता है। बरसात के मौसम में दिन-रात विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे में इसे सुचारू रखने विद्युत उपखंड केंद्र के लाइनमैनों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। बरसात के मौसम में पेड़ों पर चढ़ना किसी बड़े खतरे से कम नहीं है।
विद्युत लाइनमैन के पास सेफ्टी उपकरण भी पूर्ण रूप से मौजूद नहीं हैं। इस कारण पूर्व में भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं। सोमवार को रठौरा खुर्द और बामनोली पेड़ों के गिरने से विद्युत तार टूट गए। बरसात में ही लाइनमैन ने इस कार्य को पूर्ण किया और विद्युत आपूर्ति सुचारू की।
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क्षेत्र के गांव कुंहेडा में स्थित विद्युत उपखंड केंद्र से खादर क्षेत्र के करीब तीन दर्जन गांवों में विद्युत आपूर्ति की जाती है। विद्युत उपखंड केंद्र की मुख्य लाइन रामराज बिजली घर से आ रही है जो नयागांव से तारापुर होते हुए हस्तिनापुर जाने वाले मार्ग के किनारे से विद्युत उपखंड केंद्र पर पहुंचती है। इस बीच सड़क किनारे पर पेड़ खड़े हुए हैं जो बरसात के मौसम में आए दिन टूटे रहते हैं और विद्युत तार पेड़ों से टकराने के कारण सप्लाई प्रभावित हो जाती है। इस कारण लाइनमैनों को रात में ही इन तारों को जोड़ना पड़ता है। बरसात के मौसम में दिन-रात विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे में इसे सुचारू रखने विद्युत उपखंड केंद्र के लाइनमैनों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। बरसात के मौसम में पेड़ों पर चढ़ना किसी बड़े खतरे से कम नहीं है।
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विद्युत लाइनमैन के पास सेफ्टी उपकरण भी पूर्ण रूप से मौजूद नहीं हैं। इस कारण पूर्व में भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं। सोमवार को रठौरा खुर्द और बामनोली पेड़ों के गिरने से विद्युत तार टूट गए। बरसात में ही लाइनमैन ने इस कार्य को पूर्ण किया और विद्युत आपूर्ति सुचारू की।
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