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प्लेटिनम जुबली में झूमेंगे साहस के राजपूत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Mar 2017 02:03 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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अदम्य साहस की पहचान और दुश्मनों के दांत खट्टे करने में माहिर 17 राजपूत रेजीमेंट मेरठ में अपनी प्लेटिनम जुबली मनाने जा रही है। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्लेटिनम जुबली में देश-विदेश से रेजीमेंट में सेवा दे चुके अधिकारी शामिल होंगे। मेरठ स्थित रेजीमेंट में प्लेटिनम जुबली के मौके पर तीन दिनों तक कार्यक्रम चलेंगे। बुलेट पर डेयरडेविल्स के हैरतअंगेज कारनामे देखने को मिलेंगे तो तो शहीदों की वीर गाथाओं से भी रूबरू कराया जाएगा। प्रदर्शनी में रेजीमेंट के बारे में जानकारी दी जाएगी। मनोरंजन और प्रतियोगिताएं भी होंगी। बच्चे-बड़े ऊंट और हाथी की सवारी कर सकेंगे।
15 अप्रैल 1942 को रेज हुई थी रेजीमेंट
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 17 राजपूत रेजीमेंट 15 अप्रैल 1942 को फतेहगढ़ में रेज हुई थी। मोटो सर्वत्र विजय और युद्ध घोष बढ़े चलो है। रेजीमेंट को रेज करने वाले थे तत्कालीन लेफ्टिनेंट कर्नल केएम करियप्पा। वह रेजीमेंट के पहले भारतीय कमांडर थे। इनके बाद तीन अंग्रेज कमांडर हुए। लेफ्टिनेंट जनरल केएम करियप्पा आर्मी चीफ बने। 28 अप्रैल 1986 को उन्हें फील्ड मार्शल की उपाधि मिली। रेजिंग से लेकर दूसरे विश्व युद्ध के दौरान राजपूत की 10 रेजीमेंट रेज हुईं। 1965 की लड़ाई में रेजीमेंट सात इन्फेंट्री डिविजन की ओर से लड़ी। ऑपरेशन राइडिल का हिस्सा रही। 1971 में 86 इन्फेंट्री ब्रिगेड की ओर से लड़ते हुए ऑपरेशन कैक्टस लिली को अंजाम दिया।
16 से 18 मार्च तक होंगे कार्यक्रम
मवाना रोड स्थित रेजीमेंट में 16 से 18 मार्च तक प्लेटिनम जुबली मनाई जाएगी। आर्मी अफसर, जवान, रिटायर अफसर और उनके परिवारों को मिलाकर करीब दो हजार लोग कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस दौरान उनके लिए मनोरंजन और प्रतियोगिताएं भी होंगी। ऊंट और हाथी की सवारी कराई जाएगी। डेयरडेविल्स में जबलपुर से सेना की टीम आ रही है। 35 जवानों की टीम बुलेट पर हैरतअंगेज स्टंट दिखाएगी। सैनिक सम्मेलन के साथ प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। डॉग और हार्स शो भी होगा। इसमें आरवीसी की टीम प्रदर्शन करेगी। नौ अप्रैल को रेजीमेंट की बाइक रैली निकलेगी। वह 15 अप्रैल को वापस मेरठ आकर खत्म होगी।
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रेजीमेंट का परिवार जुटेगा
प्लेटिनम जुबली में रिटायर अधिकारी भी शामिल होंगे। आस्ट्रेलिया और कनाडा से भी रिटायर अधिकारी आ रहे हैं। कोर कमांडर, जीओसी, मेजर जनरल, ब्रिगेडियर आदि अधिकारी शामिल होंगे। रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल और अंडमान निकोबार के पूर्व एलजी भूपेंद्र सिंह कार्यक्रम में भाग लेंगे। केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह भी कार्यक्रम में आ सकते हैं।
मूंछों के लिए है मेंटीनेंस
17 राजपूत रेजीमेंट के साहस से गर्व के कई मौके आए हैं। गर्व और शान के लिए मूंछ भी रेजीमेंट के लिए एक प्रतीक है। बड़ी और घुमावदार मूंछों वाले जवान इस रेजीमेंट की शान हैं। इसके लिए रेजीमेंट की तरफ से 200 रुपये प्रतिमाह मेंटेनेंस भत्ता भी दिया जाता है।
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15 अप्रैल 1942 को रेज हुई थी रेजीमेंट
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 17 राजपूत रेजीमेंट 15 अप्रैल 1942 को फतेहगढ़ में रेज हुई थी। मोटो सर्वत्र विजय और युद्ध घोष बढ़े चलो है। रेजीमेंट को रेज करने वाले थे तत्कालीन लेफ्टिनेंट कर्नल केएम करियप्पा। वह रेजीमेंट के पहले भारतीय कमांडर थे। इनके बाद तीन अंग्रेज कमांडर हुए। लेफ्टिनेंट जनरल केएम करियप्पा आर्मी चीफ बने। 28 अप्रैल 1986 को उन्हें फील्ड मार्शल की उपाधि मिली। रेजिंग से लेकर दूसरे विश्व युद्ध के दौरान राजपूत की 10 रेजीमेंट रेज हुईं। 1965 की लड़ाई में रेजीमेंट सात इन्फेंट्री डिविजन की ओर से लड़ी। ऑपरेशन राइडिल का हिस्सा रही। 1971 में 86 इन्फेंट्री ब्रिगेड की ओर से लड़ते हुए ऑपरेशन कैक्टस लिली को अंजाम दिया।
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16 से 18 मार्च तक होंगे कार्यक्रम
मवाना रोड स्थित रेजीमेंट में 16 से 18 मार्च तक प्लेटिनम जुबली मनाई जाएगी। आर्मी अफसर, जवान, रिटायर अफसर और उनके परिवारों को मिलाकर करीब दो हजार लोग कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस दौरान उनके लिए मनोरंजन और प्रतियोगिताएं भी होंगी। ऊंट और हाथी की सवारी कराई जाएगी। डेयरडेविल्स में जबलपुर से सेना की टीम आ रही है। 35 जवानों की टीम बुलेट पर हैरतअंगेज स्टंट दिखाएगी। सैनिक सम्मेलन के साथ प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। डॉग और हार्स शो भी होगा। इसमें आरवीसी की टीम प्रदर्शन करेगी। नौ अप्रैल को रेजीमेंट की बाइक रैली निकलेगी। वह 15 अप्रैल को वापस मेरठ आकर खत्म होगी।
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रेजीमेंट का परिवार जुटेगा
प्लेटिनम जुबली में रिटायर अधिकारी भी शामिल होंगे। आस्ट्रेलिया और कनाडा से भी रिटायर अधिकारी आ रहे हैं। कोर कमांडर, जीओसी, मेजर जनरल, ब्रिगेडियर आदि अधिकारी शामिल होंगे। रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल और अंडमान निकोबार के पूर्व एलजी भूपेंद्र सिंह कार्यक्रम में भाग लेंगे। केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह भी कार्यक्रम में आ सकते हैं।
मूंछों के लिए है मेंटीनेंस
17 राजपूत रेजीमेंट के साहस से गर्व के कई मौके आए हैं। गर्व और शान के लिए मूंछ भी रेजीमेंट के लिए एक प्रतीक है। बड़ी और घुमावदार मूंछों वाले जवान इस रेजीमेंट की शान हैं। इसके लिए रेजीमेंट की तरफ से 200 रुपये प्रतिमाह मेंटेनेंस भत्ता भी दिया जाता है।