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उद्योगों को कर्ज मिलने में आ रही परेशानी
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मेरठ। लॉकडाउन के दौरान सरकार ने एमएसएमई के सहयोग और उसे घाटे से उबारने के लिए राहत पैकेज दिया। हालांकि यह उद्यमियों तक नहीं पहुंच रहा है। बैंक लोन देने में आनाकानी कर रहे हैं। कई बैंकों के पास अभी लोन को लेकर गाइडलाइन नहीं आई है। इस वजह से उद्यमियों को लोन नहीं मिल पा रहा है।
औद्योगिक संगठन लगातार वेबिनार में यह मांग उठा रहे हैं कि बैंकों द्वारा तरल ऋण देने की प्रक्रिया को सुचारु व सुगम बनाया जाए। जिससे उद्यमियों को आसानी से समय पर लोन मिल सके और वे दोबारा काम शुरू कर सकें। आईआईए ने उद्यमियों को बैंकों से ऋण मिलने में आ रही परेशानियों को लेकर सर्वे कराया। फीडबैक के अनुसार अधिकतर उद्यमियों ने शिकायत है कि बैंकों के पास ऋण योजनाओं संबंधी जानकारी नहीं है। जिन बैंकों पर जानकारी है वे भी सुगमता से ऋण नहीं दे रहे हैं। आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि विदआउट कोलेटरल ऋण के लिए भी उद्यमी से पांच साल पुरानी बैलेंस शीट और फीडबैक लिया जा रहा है। साथ ही आने वाले दो-तीन सालों में टर्नओवर कितना रहेगा इसका अनुमानित डाटा भी परफॉर्मा में कलेक्ट किया जा रहा है। यह उद्यमियों के लिए अभी देना संभव नहीं है। अनलॉक की अभी शुरुआत हुई है। ऐसे में उद्यमी के लिए इतनी डिटेल जल्द दे पाना संभव नहीं है। इससे उद्यमी को लोन लेने में दिक्कत आ रही है। वहीं, आईआईए मांगपत्र तैयार कर वित्त मंत्री को सौपेंगी।
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औद्योगिक संगठन लगातार वेबिनार में यह मांग उठा रहे हैं कि बैंकों द्वारा तरल ऋण देने की प्रक्रिया को सुचारु व सुगम बनाया जाए। जिससे उद्यमियों को आसानी से समय पर लोन मिल सके और वे दोबारा काम शुरू कर सकें। आईआईए ने उद्यमियों को बैंकों से ऋण मिलने में आ रही परेशानियों को लेकर सर्वे कराया। फीडबैक के अनुसार अधिकतर उद्यमियों ने शिकायत है कि बैंकों के पास ऋण योजनाओं संबंधी जानकारी नहीं है। जिन बैंकों पर जानकारी है वे भी सुगमता से ऋण नहीं दे रहे हैं। आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि विदआउट कोलेटरल ऋण के लिए भी उद्यमी से पांच साल पुरानी बैलेंस शीट और फीडबैक लिया जा रहा है। साथ ही आने वाले दो-तीन सालों में टर्नओवर कितना रहेगा इसका अनुमानित डाटा भी परफॉर्मा में कलेक्ट किया जा रहा है। यह उद्यमियों के लिए अभी देना संभव नहीं है। अनलॉक की अभी शुरुआत हुई है। ऐसे में उद्यमी के लिए इतनी डिटेल जल्द दे पाना संभव नहीं है। इससे उद्यमी को लोन लेने में दिक्कत आ रही है। वहीं, आईआईए मांगपत्र तैयार कर वित्त मंत्री को सौपेंगी।
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