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प्रियांशु हत्याकांड: चाकू घोंपता रहा सिपाही, मदद के लिए चिल्लाता रहा दोस्त, हत्यारे तक ऐसे पहुंची पुलिस...
Wed, 13 Nov 2024 11:22 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Wed, 13 Nov 2024 11:22 PM IST
सार
कांस्टेबल विरेंद्र सिंह पढियार को प्रियांशु का सही से गाड़ी चलाने की बात कहना पसंद नहीं आया। जरा सी बात पर वह इतना भड़क गया, कि उसने एक घर के इकलौते चिराग को बुझा दिया।
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प्रियांशु की हत्या का आरोपी विरेंद्र सिंह पढियार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तिरुपति गार्डन निवासी एमबीए के छात्र प्रियांशु जैन की हत्या अहमदाबाद में कांस्टेबल विरेंद्र सिंह पढियार ने की थी। छात्र ने आरोपी से सही से गाड़ी चलाने के लिए कहा था। इसी बात पर उसने चाकू के वार कर कारोबारी के घर का इकलौता चिराग बुझा दिया। गुजरात पुलिस ने आरोपी को बुधवार को पंजाब के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से उसका पीछा करते हुए पंजाब तक पहुंची थी।
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प्रियांशु की फाइल फोटो। विलाप करती उसकी मां और बहन।
- फोटो : अमर उजाला
पल्लवपुरम थानाक्षेत्र की लावड़ रोड पर कारोबारी पंकज जैन अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनका बेटा प्रियांशु जैन मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन अहमदाबाद में द्वितीय वर्ष का छात्र था। प्रियांशु और उसके दोस्त पृथ्वीराज का जल्द ही कैंपस प्लेसमेंट के तहत एक मल्टीनेशनल कंपनी में इंटरव्यू होना था। दोनों इंटरव्यू के लिए नया सूट सिलवाने रविवार शाम अपने दोस्त चैतन्य की बाइक लेकर टेलर के यहां गए थे।
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वहां से लौटते समय प्रियांशु का कुछ मीठा खाने का मन किया। दोनों बोपल थाना क्षेत्र में नैनी बेकरी पर रुके। यहां से केक लेकर चले तो तेज रफ्तार कार उनके पास से गुजरी। कार की टक्कर उनकी बाइक में लगने से बाल-बाल बची। प्रियांशु ने चिल्लाकर कार सवार से गाड़ी ठीक से चलाने के लिए कहा था। इसके बाद दोनों हॉस्टल की ओर रवाना हो गए।
बाइक पृथ्वीराज चला रहा था। वह करीब 200 मीटर दूर ही पहुंचे थे, तभी कार सवार गाड़ी मोड़कर उनका पीछा करते हुए आया और ओवरटेक कर बाइक रुकवा ली। कार से उतरकर वह प्रियांशु से उलझ गया। धक्का देने पर नीचे गिरा और कार से चाकू निकाल लाया।
इसके के बाद प्रियांशु पर चाकू से कई वार किए। लहूलुहान हालत में उसे छोड़कर आरोपी फरार हो गया। प्रियांशु घायल अवस्था में सड़क पर तड़पता रहा। दोस्त पृथ्वीराज परीक्षित महापात्रा आने-जाने वाले वाहन चालकों से मदद की गुहार लगाता रहा। कई वाहन चालक उन्हें अनदेखा कर निकल गए, किसी ने मदद नहीं की। बाद में मीनाक्षीबेन नाम की एक महिला ने कार रोकी। वह प्रियांशु को पास के सरस्वती अस्पताल लेकर पहुंची। वहां से गंभीर हालत के चलते प्रियांशु को जायडस अस्पताल रेफर कर दिया। तब तक प्रियांशु का काफी खून बह चुका था। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सरखेज पुलिस स्टेशन में तैनात है आरोपी
आरोपी विरेंद्र सिंह पढियार अहमदाबाद के सरखेज थाने में तैनात है। घटना के दिन वह छुट्टी पर था। प्रियांशु का टोकना उसे पसंद नहीं आया। यह वारदात बोपल पुलिस स्टेशन के जिस क्षेत्र में हुई, वह सुनसान इलाका है। रात में वहां काफी कम चहल-पहल होती है। वहां कई बिल्डिंगों का निर्माण चल रहा है। इसलिए वहां सीसीटीवी कैमरे भी कम थे, जिसके चलते आरोपी किसी सीसीटीवी कैमरे में कैद नहीं हो पाया।
गुजरात पुलिस ने प्रियांशु के दोस्त पृथ्वीराज परीक्षित महापात्रा के बताए गए हुलिए के आधार पर आरोपी का स्केच तैयार कराया। आरोपी को पता था कि मोबाइल से उसकी लोकेशन ट्रेस हो सकती है। मोबाइल बंद कर वह होटल में रुक गया था। गुजरात पुलिस टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पीछा करते हुए पंजाब पहुंच गई।
आरोपी विरेंद्र सिंह पढियार अहमदाबाद के सरखेज थाने में तैनात है। घटना के दिन वह छुट्टी पर था। प्रियांशु का टोकना उसे पसंद नहीं आया। यह वारदात बोपल पुलिस स्टेशन के जिस क्षेत्र में हुई, वह सुनसान इलाका है। रात में वहां काफी कम चहल-पहल होती है। वहां कई बिल्डिंगों का निर्माण चल रहा है। इसलिए वहां सीसीटीवी कैमरे भी कम थे, जिसके चलते आरोपी किसी सीसीटीवी कैमरे में कैद नहीं हो पाया।
गुजरात पुलिस ने प्रियांशु के दोस्त पृथ्वीराज परीक्षित महापात्रा के बताए गए हुलिए के आधार पर आरोपी का स्केच तैयार कराया। आरोपी को पता था कि मोबाइल से उसकी लोकेशन ट्रेस हो सकती है। मोबाइल बंद कर वह होटल में रुक गया था। गुजरात पुलिस टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पीछा करते हुए पंजाब पहुंच गई।