{"_id":"5d867d0a8ebc3e014757987f","slug":"private-teacher-will-be-examiner-in-llb-meerut-news-mrt4445924176","type":"story","status":"publish","title_hn":"CCSU : बीएड के साथ एलएलबी में भी प्राइवेट शिक्षक बनेंगे परीक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CCSU : बीएड के साथ एलएलबी में भी प्राइवेट शिक्षक बनेंगे परीक्षक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। सीसीएसयू ने छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत दी है। बीएड और एलएलबी में अब प्रैक्टिकल समय से होंगे। विवि ने सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के 300 शिक्षकों को प्रैक्टिकल में परीक्षक बनाने पर मुहर लगा दी है। अभी तक एडेड कॉलेजों में शिक्षकों की कमी के कारण प्रैक्टिकल में दिक्कत आ रही थी। शनिवार को विवि कैंपस में परीक्षा समिति की बैठक में इस फैसले को स्वीकार कर लिया गया। एलएलबी के लिए डीन लॉ से जानकारी मांगी गई है।
बीएड के कॉलेजों में प्रैक्टिकल को लेकर एडेड कॉलेज के शिक्षकों ने विरोध किया था। यह शिक्षक ना तो समय से प्रैक्टिकल करा पा रहे थे। न ही कॉलेजों को तिथि समय से दे पा रहे थे। इन शिक्षकों के खिलाफ शिकायतें भी थीं। ऐसे में कुलपति प्रोफेसर एनके तनेजा ने निर्णय लिया कि जब हमारे पास सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में एडेड कॉलेजों के सापेक्ष शिक्षक हैं तो फिर इनको प्रैक्टिकल में क्यों नहीं लगाया जाए। विवि के इस निर्णय से हर साल छात्र-छात्राओं का रिजल्ट समय से जारी होगा। इसके साथ ही प्रैक्टिकल में पारदर्शिता भी आएगी। यह विवि का छात्र-छात्राओं के हित में लिया गया बड़ा फैसला है। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई. विमला, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अश्वनी कुमार, डीएसडब्ल्यू प्रो. जितेंद्र कुमार ढाका, डीन लॉ प्रो. राजेंद्र कुमार गर्ग, डीन संकाय प्रो. जगबीर भारद्वाज, डीन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी प्रो. जयमाला मौजूद रहे।
रिवाइज होगा एमडी यूनानी, आयुर्वेद का रिजल्ट
बैठक में फैसला लिया कि एमडी यूनानी व एमडी आयुर्वेद का रिजल्ट रिवाइज किया जाएगा। स्ववित्त पोषित बीएड व एमएड कॉलेजों के 300 शिक्षकों की तैयार सूची पर अंतिम मुहर लगाई गई। अब यह सभी शिक्षक बीएड के कॉलेजों में प्रैक्टिकल लेने के लिए परीक्षक बनाकर भेजे जाएंगे। अभी तक सिर्फ एडेड कॉलेजों के शिक्षक ही परीक्षक बनकर जाते थे। विवि को यह शिकायतें मिलती थी कि एडेड कॉलेजों के शिक्षक अपने मनमाने तरीके से तिथि देते थे और उनके अलावा और भी बहुत सारी शिकायतें मिल रही थी। ऐसे में विवि के इस निर्णय से छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी। बीएड के करीब 400 कॉलेजों में समय से प्रैक्टिकल होंगे।
विज्ञापन
गाजियाबाद का शिक्षक डिबार
उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन में लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर लगातार विवि कार्रवाई कर रहा है। उत्तर पुस्तिकाओं के मामले में लापरवाही करने पर गाजियाबाद के एक शिक्षक को 5 साल के लिए डिबार करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही सभी विषयों के शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वीसी के निर्देश पर हुआ ऐतिहासिक निर्णय हुआ।
विज्ञापन
बीएड के कॉलेजों में प्रैक्टिकल को लेकर एडेड कॉलेज के शिक्षकों ने विरोध किया था। यह शिक्षक ना तो समय से प्रैक्टिकल करा पा रहे थे। न ही कॉलेजों को तिथि समय से दे पा रहे थे। इन शिक्षकों के खिलाफ शिकायतें भी थीं। ऐसे में कुलपति प्रोफेसर एनके तनेजा ने निर्णय लिया कि जब हमारे पास सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में एडेड कॉलेजों के सापेक्ष शिक्षक हैं तो फिर इनको प्रैक्टिकल में क्यों नहीं लगाया जाए। विवि के इस निर्णय से हर साल छात्र-छात्राओं का रिजल्ट समय से जारी होगा। इसके साथ ही प्रैक्टिकल में पारदर्शिता भी आएगी। यह विवि का छात्र-छात्राओं के हित में लिया गया बड़ा फैसला है। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई. विमला, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अश्वनी कुमार, डीएसडब्ल्यू प्रो. जितेंद्र कुमार ढाका, डीन लॉ प्रो. राजेंद्र कुमार गर्ग, डीन संकाय प्रो. जगबीर भारद्वाज, डीन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी प्रो. जयमाला मौजूद रहे।
विज्ञापन
रिवाइज होगा एमडी यूनानी, आयुर्वेद का रिजल्ट
बैठक में फैसला लिया कि एमडी यूनानी व एमडी आयुर्वेद का रिजल्ट रिवाइज किया जाएगा। स्ववित्त पोषित बीएड व एमएड कॉलेजों के 300 शिक्षकों की तैयार सूची पर अंतिम मुहर लगाई गई। अब यह सभी शिक्षक बीएड के कॉलेजों में प्रैक्टिकल लेने के लिए परीक्षक बनाकर भेजे जाएंगे। अभी तक सिर्फ एडेड कॉलेजों के शिक्षक ही परीक्षक बनकर जाते थे। विवि को यह शिकायतें मिलती थी कि एडेड कॉलेजों के शिक्षक अपने मनमाने तरीके से तिथि देते थे और उनके अलावा और भी बहुत सारी शिकायतें मिल रही थी। ऐसे में विवि के इस निर्णय से छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी। बीएड के करीब 400 कॉलेजों में समय से प्रैक्टिकल होंगे।
विज्ञापन
गाजियाबाद का शिक्षक डिबार
उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन में लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर लगातार विवि कार्रवाई कर रहा है। उत्तर पुस्तिकाओं के मामले में लापरवाही करने पर गाजियाबाद के एक शिक्षक को 5 साल के लिए डिबार करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही सभी विषयों के शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वीसी के निर्देश पर हुआ ऐतिहासिक निर्णय हुआ।