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पोस्टमार्टम हाउस पर किया हंगामा  

अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 14 Jan 2018 01:00 AM IST
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फाइल फोटो
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने जमकर हंगामा किया। शनिवार सुबह मोदीनगर से दो दर्जन से अधिक लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस पर जानबूझकर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने का आरोप लगाया। इस दौरान एसडीएम और सीओ भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिवार को आश्वासन दिया कि जल्द ही इस वारदात का खुलासा किया जाएगा और आरोपी गिरफ्तार होंगे। पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव को परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया। 
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बेटा का शव देख बेहोश हुआ पिता
मोर्चरी पर जैसे ही पिता ने बेटी का शव देखा तो वे बेहोश हो गए। कई मिनट बाद छात्रा के पिता को होश आया। शनिवार को अन्य परिजन और छात्रा की मां भी मोर्चरी पहुंच गई। बेटी के शव से लिपटकर मां रोने लगी। महिला ने कहा कि दरिंदों मेरी बेटी ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था, जो इस तरह से हत्या कर दी। कातिलों तुम्हें मैं जिंदा नहीं छोडूंगी। मेरा घर बर्बाद कर दिया। एक बार मेरी आंखों के सामने आ जाना, ऐसा ही हाल कर दूंगी जैसे मेरी बेटी का किया है।


अस्त व्यस्त मिले थे कपड़े
पुलिस ने बताया कि जब छात्रा का शव मिला था तो उसके कपड़े अस्त व्यस्त थे। जहां छात्रा का शव था कुछ दूरी पर खून भी पड़ा हुआ था। चेहरे पर भी मारपीट के निशान थे। पिता ने पुलिस को बताया कि जो कपड़े छात्रा घर पर पहने हुए थी, वही कपड़े थे। पैर के मोजे अलग थे और एक अन्य कपड़ा भी नहीं था। हत्यारोपियों ने चेहरे को कुचलने की भी कोशिश की है। 

24 घंटे में भैंस ढूंढी, बेटी के कातिल क्यों नहीं 
परिजनों ने पुलिस और नेताओं के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। परिजन बोले, पूर्व मंत्री आजम खां की भैंस को पुलिस ने 24 घंटे में बरामद कर लिया था। लेकिन उनके बेटी के कातिलों को गिरफ्तार करने में पुलिस हांफ रही है। किशोरी के पिता ने कहा कि पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई नहीं की। तभी एक पुलिसकर्मी बोला कि पुलिस ने उनकी बेटी को ढूंढने का काफी प्रयास किया। कई युवकों को उठाकर पूछताछ भी की, लेकिन सुराग नहीं लगा। इस पर किशोरी के पिता और चाचा ने कहा कि सपा नेता की भैंस को पुलिस 24 घंटे में ढूंढ सकती है तो उनकी बेटी के कातिल को क्यों नहीं।

कोर्ट में ले जाएंगे शव
पीड़ित परिवार का कहना कि उनका पुलिस से विश्वास उठ गया है। अपहरण से पहले किशोरी का मोबाइल परिजनों ने पुलिस को दिया था। ताकि कुछ जानकारी जुटाकर पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार व उनकी बेटी को सकुशल बरामद कर सके। लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। अब वह बेटी का शव कोर्ट में ले जाएंगे। न्यायालय ही उनको इंसाफ देगा। इसके बाद पोस्टमार्टम हाउस पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया।
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