फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   population 125 crore, scientest only 2 lac

आबादी सवा सौ करोड़... वैज्ञानिक सिर्फ दो लाख

Tue, 17 Dec 2019 01:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 17 Dec 2019 01:48 AM IST
विज्ञापन
population 125 crore, scientest only 2 lac
मेरठ। हमारे देश में सवा सौ करोड़ की आबादी पर मात्र दो लाख वैज्ञानिक हैं। यह बहुत चिंता का विषय है। भारत जैसे देश में विज्ञान एवं तकनीकी की दशा सुधारने के लिए वैज्ञानिकों एवं उनके द्वारा किए गए शोध को तेज गति से करने की जरूरत है। यह बातें सीसीएसयू और कनेटिक्ट स्टेट यूनिवर्सिटी अमेरिका के तत्वावधान में शुरू हुई सात दिवसीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि वैज्ञानिक प्रो. किशन लाल ने कहीं।
विज्ञापन

राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला के पूर्व निदेशक एवं इनसा र्नई दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष किशन लाल ने कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे अत्याधुनिक शोध विषय में भारत को वैश्विक स्तर पर लाने के लिए वैज्ञानिक आगे आएं। विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की जरूरत है। इसके लिए रात-दिन मेहनत के साथ काम करने की आवश्यकता है। प्रो. किशन लाल ने देश में विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में हो रही अत्याधुनिक खोजों पर प्रकाश डालते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा में आने के लिए शोध गति बढ़ाने पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. दर्शन लाल अरोड़ा ने समाज की जरूरतों को ध्यान में रखकर शोध कार्य करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने विज्ञान व तकनीकी जैसे विशिष्ट विषयों को समाज के सबसे निचले वर्ग के लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने आर्थिक जगत में नैनो टेक्नोलॉजी जैसी तकनीक के बढ़ावे पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आज के समय की एक आवश्यकता है। अमेरिका से आए डॉ. राहुल ने नैनो टेक्नोलॉजी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन

दोनों विवि के बीच हुआ अनुबंध
डॉ. सिंघल ने अमेरिका की सेंट्रल कनेटिक्ट स्टेट यूनिवर्सिटी द्वारा हस्ताक्षरित अनुबंध को कुलपति प्रो. एनके तनेजा को सौंपा। बताया कि इस अनुबंध के आधार पर दोनों विवि के बीच शिक्षकों एवं छात्रों का आदान प्रदान किया जाएगा। कार्यशाला भी इसी अनुबंध के आधार पर आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. आरके सोनी ने विवि में संचालित अंतरराष्ट्रीय सहयोग केंद्र द्वारा पिछले कुछ सालों में किए गए देश-विदेश के विभिन्न संस्थानों के अनुबंध के बारे में बताया। कार्यशाला के आयोजक सचिव प्रो. वीरपाल सिंह ने कार्यशाला में छह दिन होने वाली गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि नैनोटेक्नोलॉजी विषय को इंटरडिसिप्लीनरी होने के कारण प्रतिभागियों में इसकी रुचि होने के बारे में बताया। उन्होंने जानकारी दी कि कार्यशाला में अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, कनाडा के अलावा आईआईटी दिल्ली और रुड़की से विषय विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। उद्घाटन सत्र के दौरान विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार ने कार्यशाला की उपयोगिता के बारे में बताया। प्रो. दिनेश कुमार डिप्टी डायरेक्टर सेंटर फॉर इंटरनेशनल कारपोरेशन ने धन्यवाद प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये रहे मौजूद
कार्यशाला का संचालन भौतिक विज्ञान विभाग की शिक्षिका डॉ. कविता शर्मा ने किया। इस मौके पर डॉ. अनिल मलिक, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. योगेंद्र गौतम, डॉ. अनिल यादव, डॉ. नाजिया तरन्नुम, डॉ. मीनू तेवतिया, डॉ. मुक्ति शर्मा, डॉ. प्रियंका अरोरा, डॉ. मनीषा, डॉ. निखिल एवं विभिन्न विभागों के शिक्षक प्रो. जेके ढाका, प्रो. एके चौबे, प्रो. जयमाला, प्रो. रूपनारायण, प्रो. पवन कुमार शर्मा, प्रो. एसएस गौरव, प्रो. अशलम जमशेदपुरी, प्रो. अराधना, प्रो. स्नेहलता जायसवाल, प्रो. बिंदु शर्मा, प्रो. नीलू जैन गुप्ता और प्रो. संजय भारद्वाज मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed