फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   politician await to win

थोक में मिली थीं लालबत्ती पर जीत को तरसे ‘महारथी’

Tue, 14 Mar 2017 10:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Tue, 14 Mar 2017 10:50 AM IST
विज्ञापन
politician await to win
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

सपा नेताओं ने लालबत्ती लेकर सत्ता का सुख भोगने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अफसरों पर खूब रौब भी गालिब किया। लेकिन, विधानसभा चुनाव में जब ताकत दिखाने की बारी आई तो औंधे मुंह नजर आए। यहां तक कि अपनी बिरादरियों के सम्मानजनक वोट तक नहीं दिला पाए। अब इनकी पोल चुनाव लड़े प्रत्याशियों ने ही 16 मार्च को सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने खोलने की तैयारी की है।

विज्ञापन


दरअसल, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव में सत्ता की दूसरी पारी खेलने के लिए दिल खोलकर लालबत्तियां बांटी थीं। अकेले मेरठ में शाहिद मंजूर को कैबिनेट मंत्री का पद देने के अलावा 13 सपा नेताओं को दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाकर लालबत्ती से नवाजा गया था। इसमें जातीय समीकरणों का भी खूब ख्याल रखा गया। मुस्लिम, गुर्जर, त्यागी समेत अन्य बिरादरी को सम्मान देकर उन्हें साधने की कोशिश की गई। लेकिन, ये लालबत्ती धारी नेता चुनाव में कोई करिश्मा दिखाना तो दूर, अपनी बिरादरियों में भी खास छाप नहीं छोड़ पाए। चुनावी नतीजों में छह विधानसभा सीटों पर सपा को हार का मुंह देखना पड़ा। शहर सीट को छोड़कर किठौर, सिवालखास, हस्तिनापुर, सरधना, मेरठ दक्षिण, कैंट में सपा गठबंधन को मिले जातीय वोट समीकरण पर गौर करें तो वह चौंकाने वाला आया है। जिले की सभी सीटों पर उन सभी जातियों का निर्णायक वोट है, जिनके नेताओं को अखिलेश ने लालबत्ती नवाजी थी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुर्जरों को सपा से जोड़ने के लिए सुरेंद्र नागर को राज्यसभा सदस्य बनाया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए पार्टी में ही घमासान चला और आखिरकार अतुल प्रधान यह कुर्सी अपनी पत्नी को दिलवाने में कामयाब रहे। लेकिन, खुद सरधना से अपनी सीट नहीं बचा पाए। पराग चेयरमैन के अलावा मेरठ, खरखौदा, मवाना ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी भी दी गई। लेकिन, गुर्जर बिरादरी का चुनाव में सम्मानजनक वोट सपा के पक्ष में नहीं माना जा रहा है।
विज्ञापन


गुर्जर बहुल हस्तिनापुर सीट पर साथ न मिलने के कारण प्रभुदयाल वाल्मीकि को हार का मुंह देखना पड़ा। सपा सरकार में खेल राज्यमंत्री मंत्री रामसकल गुर्जर मेरठ में बार-बार दौरा करते रहे। लेकिन, उनका असर नहीं दिखा। चौ. राजपाल सिंह, रफीक अंसारी, कुलदीप उज्ज्वल, मुकेश सिद्धार्थ, भूषण त्यागी, अयूब अंसारी, आकिल मुर्तजा, इसरार सैफी, मोहम्मद अब्बास, फारुख हसन, यासीन पहलवान, शकील सैफी जैसे नेताओं को लालबत्ती तो मिली। लेकिन सभी सत्ता का सुख उठाने तक ही सीमित रहे। पार्टी सूत्र यहां तक बता रहे हैं कि इनमें से कुछ नेताओं की तो अपनी बिरादरी में नहीं चली।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकमान ने मांगा वोटों का आंकड़ा
सपा हाईकमान ने मेरठ की सातों सीटों पर लालबत्ती धारी नेताओं के असर से मिले वोटों के अलावा नेताओं एवं पदाधिकारियों के बूथों पर मतों का आंकड़ा मांग लिया है। जिला और महानगर संगठन बूथवार मिले मतों का आंकड़ा जुटा रहे हैं। होली के बाद हाईकमान जहां पार्टी प्रत्याशियों को मिली हार के कारण तलाशेगा, तो वहीं भविष्य के सुधार के लिए रणनीति बनाने की तैयारी में है। सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 16 मार्च को यूपी से सभी नवनिर्वाचित विधायकों को लखनऊ बुलाया है।

प्रमुख नेता, जिन्हें मिली थी लालबत्ती
चौ. राजपाल सिंह - बीज निगम का उपाध्यक्ष
रफीक अंसारी - हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग सलाहकार
कुलदीप उज्ज्वल -  मद्य निषेध विभाग के चेयरमैन
मुकेश सिद्धार्थ - एससीएसटी आयोग का उपाध्यक्ष
भूषण त्यागी  - रेशम विभाग के सलाहकार सदस्य
अयूब अंसारी - कारागार विभाग सलाहकार सदस्य
आकिल मुर्तजा - राज्य योजना आयोग सदस्य
इसरार सैफी - क्रियान्वयन विभाग के सलाहकार सदस्य
मोहम्मद अब्बास - श्रम विभाग के सलाहकार सदस्य
फारुख हसन - हस्तशिल्प विभाग के सलाहकार सदस्य
यासीन पहलवान - संगीत नाट्य अकादमी के सदस्य
शकील सैफी - प्रशासनिक सुधार विभाग सलाहकार सदस्य

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed