{"_id":"617d99c61e194d77c22ad5ad","slug":"police-s-eyes-closed-miscreants-absconding-after-committing-crime-meerut-news-mrt563019761","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस की ‘आंख’ बंद, वारदात कर फरार हो जाते हैं बदमाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस की ‘आंख’ बंद, वारदात कर फरार हो जाते हैं बदमाश
विज्ञापन
पुलिस की ‘आंख’ बंद, वारदात कर फरार हो जाते बदमाश
बिजनौर। पुलिस की ‘आंख’ समझे जाने वाले सीसीटीवी कैमरे बरसात नहीं झेल पाए और अधिकांश कैमरे बंद पड़े हैं। पुलिस वारदात के बाद इन्हें देखने की कोशिश करती है तो पता चलता है कि ये बंद पड़े हैं। शुक्रवार को हुई महिला प्रवक्ता डाक्टर प्रिया शर्मा की हत्या के बाद भी यही हुआ, पुलिस को वारदात वाले रास्ते पर निजी मकानों पर लगे कैमरों में महिला तो जाती नजर आई, लेकिन हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा। मुख्य चौराहों पर लगे अधिकांश कै मरे खराब मिले। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि
बिजनौर शहर में पुलिस ने अपने बजट और आम जनता के सहयोग से प्रमुख चौराहों पर कई साल पहले 11 सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। जिनका कंट्रोल रुम सीओ सिटी के कार्यालय में बना हुआ है। पूरे शहर में कंट्रोल रुम से ही नजर रखी जाती थी। वक्त के साथ यह व्यवस्था बिगड़ती चली गई। आलम ये हुआ कि एक एक कर सभी सीसीटीवी कैमरे खराब हो गए। इनमें कुछ सीसीटीवी नाइट विजन भी थे, जिनसे रात की फुटेज भी देखी जाती थी। प्रमुख चौराहों पर खुले में ही सीसीटीवी लगे हुए हैं। खुले में लगे सीसीटीवी बरसात नहीं झेल पाते। पिछले साल कुछ कैमरों को बदलवाया भी गया था। अब बरसात के बाद ये भी खराब हो गए। बताया जा रहा है कि बारिश की वजह से इनकी वायरिंग आदि में दिक्कत हो जाती है।
कंट्रोल रूम की निगहबानी पर उठे सवाल
कैमरे लगाने के साथ ही निगरानी के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया था। बड़ा सवाल यही है कि जब इनसे निगरानी हो रही है तो फिर खराब होने का पता तत्काल क्यों नहीं चलता। क्यों नहीं उन्हें ठीक कराया जाता।
विज्ञापन
वारदात होने पर पुलिस ढूूंढती है सीसीटीवी
शहर में कोई वारदात होने पर पुलिस सबसे पहले दुकानों या प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीटी ढूंढती है। जिससे फुटेज को खंगाला जा सके। दरअसल सार्वजनिक सीसीटीवी खराब होने की वजह से निजी की तरफ दौड़ना पड़ता है। मुथुट फाइनेंस में लूट के प्रयास, खो खो खिलाड़ी हत्याकांड और अन्य वारदातों में सीसीटीवी खराब होने की वजह से पुलिस को परेशानी उठानी पड़ी।
सभी कैमरे खुले में लगे हुए हैं। बरसात में पानी के कारण सीसीटीवी कैमरे खराब हो गए हैं। कुछ कैमरे चल रहे हैं। खराब हुए कैमरों को बदलवाया जाएगा।
-कुलदीप गुप्ता, सीओ सिटी
हत्या से दो दिन पहले ही बंद था मोबाइल
बिजनौर। प्रवक्ता हत्याकांड के आरोपी की गिरफ्तारी को लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है। पुलिस की दो टीमें मुरादाबाद में ही डेरा डाले हुए हैं। शुरुआती पड़ताल में साफ हुआ है कि डॉ. प्रिया शर्मा की हत्या होने से दो दिन पहले उसके पति ने मोबाइल बंद कर लिया था।
शनिवार को एसओजी समेत पुलिस की दो टीमें मुरादाबाद में डेरा डाली रहीं। मुख्य हत्यारोपी कमल शर्मा की गिरफ्तारी के लिए कई जगह दबिश दी गई। पुलिस की मानें तो शुरुआती पड़ताल में ही पता चला है कि प्रवक्ता के पति मुख्य हत्यारोपी का मोबाइल 27 अक्तूबर को बंद हो गया था जो अभी तक नहीं खोला गया है। इसी वजह से उसकी लोकेशन सर्विलांस के आधार पर ट्रेस नहीं हो पा रही है।
शुक्रवार की सुबह दस बजे अपने मायके सुरेंद्र नगर में रह रही आरबीडी कालेज की प्रवक्ता डॉ. प्रिया शर्मा की साकेत में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रवक्ता अपने घर से पैदल ही कॉलेज जा रही थी। जनवरी के महीने से प्रिया शर्मा अपने बूढे़ मां-बाप के पास ही रहती थी। विवाद के चलते हत्या होने से एक दिन पहले बृहस्पतिवार की शाम ही प्रिया शर्मा ने अपने पति समेत छह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस भी दर्ज कराया था। प्रिया शर्मा के जीजा की ओर से उसके पति कमल शर्मा व एक अज्ञात पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। फिलहाल पुलिस मुख्य हत्यारोपी की तलाश में लगी है, जिसके पकड़े जाने के बाद ही हत्याकांड की गुत्थी सुलझ पाएगी।
तीन महीने में नौ महिलाओं की हत्या
बिजनौर। भले ही सरकार महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए मिशन शक्ति अभियान चला रही है लेकिन, हमलावरों के आगे महिलाएं अभी भी अबला बनी हुई हैं। तीन महीने के भीतर ही नौ महिलाओं को अपनी जान गंवानी पड़ गई है। हालांकि कुछ मामलों में हत्यारोपी गिरफ्तार भी हुए हैं। संवाद
महिलाओं की हत्या पर एक नजर...
29 सितम्बर शहर में कालेज जा ही प्रवक्ता प्रिया शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
26 अक्तूबर को नजीबाबाद में युवक ने अपनी मां सविता को मार डाला,बहन को घायल किया
18 सितंबर को नेशनल हाइवे पर महिला को उसके प्रेमी ने ट्रक से कुचलकर मार दिया था।
16 सितंबर को शिवाला कला के गांव अजुपुरा में युवक ने अपनी पत्नी को पीट कर मार डाला था।
15 सितम्बर को स्योहारा के फैजुल्लापुर में घर में घुसे चोर ने विरोध करने पर वृद्घा की हत्या की।
12 सितम्बर को टांडा बेरखेड़ा में विवाहिता की हत्या कर दी गई।
10 सितंबर को शहर के रेलवे स्टेशन यार्ड खो खो की नेशनल खिलाड़ी की हत्या हुई।
09 सितम्बर को चांदपुर के महमूदपुर में बबीता की गला घोंट कर हत्या कर दी गई।
23 अगस्त को किरतपुर के गांव बाहूपुरा में युवक ने अपनी मां नीता देवी की हत्या गला घोंट कर कर दी थी।
विज्ञापन
बिजनौर। पुलिस की ‘आंख’ समझे जाने वाले सीसीटीवी कैमरे बरसात नहीं झेल पाए और अधिकांश कैमरे बंद पड़े हैं। पुलिस वारदात के बाद इन्हें देखने की कोशिश करती है तो पता चलता है कि ये बंद पड़े हैं। शुक्रवार को हुई महिला प्रवक्ता डाक्टर प्रिया शर्मा की हत्या के बाद भी यही हुआ, पुलिस को वारदात वाले रास्ते पर निजी मकानों पर लगे कैमरों में महिला तो जाती नजर आई, लेकिन हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा। मुख्य चौराहों पर लगे अधिकांश कै मरे खराब मिले। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि
बिजनौर शहर में पुलिस ने अपने बजट और आम जनता के सहयोग से प्रमुख चौराहों पर कई साल पहले 11 सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। जिनका कंट्रोल रुम सीओ सिटी के कार्यालय में बना हुआ है। पूरे शहर में कंट्रोल रुम से ही नजर रखी जाती थी। वक्त के साथ यह व्यवस्था बिगड़ती चली गई। आलम ये हुआ कि एक एक कर सभी सीसीटीवी कैमरे खराब हो गए। इनमें कुछ सीसीटीवी नाइट विजन भी थे, जिनसे रात की फुटेज भी देखी जाती थी। प्रमुख चौराहों पर खुले में ही सीसीटीवी लगे हुए हैं। खुले में लगे सीसीटीवी बरसात नहीं झेल पाते। पिछले साल कुछ कैमरों को बदलवाया भी गया था। अब बरसात के बाद ये भी खराब हो गए। बताया जा रहा है कि बारिश की वजह से इनकी वायरिंग आदि में दिक्कत हो जाती है।
विज्ञापन
कंट्रोल रूम की निगहबानी पर उठे सवाल
कैमरे लगाने के साथ ही निगरानी के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया था। बड़ा सवाल यही है कि जब इनसे निगरानी हो रही है तो फिर खराब होने का पता तत्काल क्यों नहीं चलता। क्यों नहीं उन्हें ठीक कराया जाता।
विज्ञापन
वारदात होने पर पुलिस ढूूंढती है सीसीटीवी
शहर में कोई वारदात होने पर पुलिस सबसे पहले दुकानों या प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीटी ढूंढती है। जिससे फुटेज को खंगाला जा सके। दरअसल सार्वजनिक सीसीटीवी खराब होने की वजह से निजी की तरफ दौड़ना पड़ता है। मुथुट फाइनेंस में लूट के प्रयास, खो खो खिलाड़ी हत्याकांड और अन्य वारदातों में सीसीटीवी खराब होने की वजह से पुलिस को परेशानी उठानी पड़ी।
सभी कैमरे खुले में लगे हुए हैं। बरसात में पानी के कारण सीसीटीवी कैमरे खराब हो गए हैं। कुछ कैमरे चल रहे हैं। खराब हुए कैमरों को बदलवाया जाएगा।
-कुलदीप गुप्ता, सीओ सिटी
हत्या से दो दिन पहले ही बंद था मोबाइल
बिजनौर। प्रवक्ता हत्याकांड के आरोपी की गिरफ्तारी को लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है। पुलिस की दो टीमें मुरादाबाद में ही डेरा डाले हुए हैं। शुरुआती पड़ताल में साफ हुआ है कि डॉ. प्रिया शर्मा की हत्या होने से दो दिन पहले उसके पति ने मोबाइल बंद कर लिया था।
शनिवार को एसओजी समेत पुलिस की दो टीमें मुरादाबाद में डेरा डाली रहीं। मुख्य हत्यारोपी कमल शर्मा की गिरफ्तारी के लिए कई जगह दबिश दी गई। पुलिस की मानें तो शुरुआती पड़ताल में ही पता चला है कि प्रवक्ता के पति मुख्य हत्यारोपी का मोबाइल 27 अक्तूबर को बंद हो गया था जो अभी तक नहीं खोला गया है। इसी वजह से उसकी लोकेशन सर्विलांस के आधार पर ट्रेस नहीं हो पा रही है।
शुक्रवार की सुबह दस बजे अपने मायके सुरेंद्र नगर में रह रही आरबीडी कालेज की प्रवक्ता डॉ. प्रिया शर्मा की साकेत में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रवक्ता अपने घर से पैदल ही कॉलेज जा रही थी। जनवरी के महीने से प्रिया शर्मा अपने बूढे़ मां-बाप के पास ही रहती थी। विवाद के चलते हत्या होने से एक दिन पहले बृहस्पतिवार की शाम ही प्रिया शर्मा ने अपने पति समेत छह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस भी दर्ज कराया था। प्रिया शर्मा के जीजा की ओर से उसके पति कमल शर्मा व एक अज्ञात पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। फिलहाल पुलिस मुख्य हत्यारोपी की तलाश में लगी है, जिसके पकड़े जाने के बाद ही हत्याकांड की गुत्थी सुलझ पाएगी।
तीन महीने में नौ महिलाओं की हत्या
बिजनौर। भले ही सरकार महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए मिशन शक्ति अभियान चला रही है लेकिन, हमलावरों के आगे महिलाएं अभी भी अबला बनी हुई हैं। तीन महीने के भीतर ही नौ महिलाओं को अपनी जान गंवानी पड़ गई है। हालांकि कुछ मामलों में हत्यारोपी गिरफ्तार भी हुए हैं। संवाद
महिलाओं की हत्या पर एक नजर...
29 सितम्बर शहर में कालेज जा ही प्रवक्ता प्रिया शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
26 अक्तूबर को नजीबाबाद में युवक ने अपनी मां सविता को मार डाला,बहन को घायल किया
18 सितंबर को नेशनल हाइवे पर महिला को उसके प्रेमी ने ट्रक से कुचलकर मार दिया था।
16 सितंबर को शिवाला कला के गांव अजुपुरा में युवक ने अपनी पत्नी को पीट कर मार डाला था।
15 सितम्बर को स्योहारा के फैजुल्लापुर में घर में घुसे चोर ने विरोध करने पर वृद्घा की हत्या की।
12 सितम्बर को टांडा बेरखेड़ा में विवाहिता की हत्या कर दी गई।
10 सितंबर को शहर के रेलवे स्टेशन यार्ड खो खो की नेशनल खिलाड़ी की हत्या हुई।
09 सितम्बर को चांदपुर के महमूदपुर में बबीता की गला घोंट कर हत्या कर दी गई।
23 अगस्त को किरतपुर के गांव बाहूपुरा में युवक ने अपनी मां नीता देवी की हत्या गला घोंट कर कर दी थी।

बिजनौर में शास्त्री चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरे।- फोटो : BIJNOR